सिरसा में पीएम-अजय योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक शॉप, सैलून और ब्यूटी पार्लर समेत 12 व्यवसायों में मिलेगी नौकरी। PM AJAY Yojana
सिरसा जिले में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना के तहत 295 अनुसूचित जाति के नागरिकों को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय बैठक में 1.47 करोड़ रु…
PM AJAY Yojana: सिरसा जिले में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना के तहत 295 अनुसूचित जाति के नागरिकों को रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाएंगे। सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन एवं कन्वर्जेन्स समिति की बैठक हुई, जिसमें 1 करोड़ 47 लाख 50 हजार रुपये की 12 परियोजनाओं पर चर्चा कर उन्हें स्वीकृति दी गई। ये परियोजनाएं अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को आधुनिक व्यवसायों से जोड़ेंगी, जिसमें ड्रोन संचालन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल फोटो स्टूडियो, कॉस्मेटिक शॉप, सैलून, कार-बाइक वॉशिंग सेंटर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
पीएम-अजय योजना क्या है?
प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित एक 100 प्रतिशत केंद्र प्रायोजित योजना है। इस योजना को वित्तीय वर्ष 2021-22 में तीन पुरानी केंद्रीय योजनाओं—प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई), अनुसूचित जाति उप-योजना के लिए विशेष केंद्रीय सहायता (एससीए टू एससीएसपी), और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना (बीजेआरसीवाई)—को मिलाकर बनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों में गरीबी कम करना, कौशल विकास और आय सृजन के माध्यम से आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करना है।
वर्ष 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 2,140 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 26 मई 2026 को मंत्रालय ने पीएम-अजय पोर्टल (pmajay.dosje.gov.in) और अजय मोबाइल ऐप लॉन्च किया, जिससे पेपर-based कामकाज डिजिटल हो गया है और 47,000 से अधिक एससी-बहुल गांवों में 40 लाख से अधिक लाभार्थियों की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव हो गई है。
सिरसा की बैठक में क्या हुआ?
सोमवार को अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन एवं कन्वर्जेन्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.47 करोड़ रुपये लागत की 12 परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई और उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।
जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि ये परियोजनाएं अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम हरियाणा द्वारा संचालित की जाएंगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
कौन-कौन से प्रोजेक्ट मंजूर हुए?
बैठक में कुल 12 प्रकार की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जो आधुनिक समय की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं:
- वाणिज्यिक वाहन खरीद – माल ढुलाई या यात्री परिवहन के लिए
- डिजिटल फोटो स्टूडियो – आधुनिक फोटोग्राफी और विडियोग्राफी सेवाएं
- कॉस्मेटिक शॉप – सौंदर्य प्रसाधन और स्किन केयर उत्पाद
- टी-शर्ट प्रिंटिंग – कस्टम प्रिंटिंग और गारमेंट बिजनेस
- ड्रोन – ड्रोन संचालन और सेवाएं
- एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) प्रोजेक्ट – आधुनिक तकनीकी सेवाएं
- आईटी प्रोजेक्ट – सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित कार्य
- सैलून और ब्यूटी पार्लर – पुरुषों और महिलाओं के लिए सौंदर्य सेवाएं
- क्लॉथ शॉप / हैंडलूम शॉप – कपड़े और हथकरघा उत्पाद
- हाई-टेक कार-बाइक वॉशिंग सेंटर – आधुनिक वाहन धुलाई केंद्र
- इलेक्ट्रॉनिक शॉप – इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री और मरम्मत
- फ्लेक्स प्रिंटिंग शॉप – बैनर, पोस्टर और साइनेज प्रिंटिंग
इन परियोजनाओं के माध्यम से 295 लाभार्थियों को सीधा रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, जब ये लोग अपने प्रतिष्ठान स्थापित करेंगे तो वे दूसरों को भी रोजगार दे सकेंगे, जिससे रोजगार का गुणक प्रभाव पैदा होगा।
योजना के मुख्य घटक
पीएम-अजय योजना तीन मुख्य घटकों पर काम करती है:
आदर्श ग्राम घटक – एससी-बहुल गांवों को आदर्श ग्राम में विकसित किया जाता है। 10 क्षेत्रों (पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास आदि) में 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर प्रगति मापी जाती है। प्रति गांव 2 लाख रुपये का गैप-फिलिंग अनुदान और 1 लाख रुपये प्रशासनिक खर्च के लिए दिए जाते हैं।
अनुदान सहायता घटक – जिला/राज्य स्तरीय परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसमें कौशल विकास, आय सृजन के लिए संपत्ति अधिग्रहण, ऋण पर वित्तीय सहायता आदि शामिल हैं। कुल अनुदान का 15 प्रतिशत तक एससी महिलाओं के लिए आय-सृजन योजनाओं पर खर्च किया जाता है。
छात्रावास निर्माण घटक – राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में शीर्ष स्थान वाले शिक्षण संस्थानों में छात्रावास बनाए जाते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड हैं:
- आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का सदस्य होना चाहिए।
- आवेदक गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवार से होना चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए (राजस्थान के दिशानिर्देशों के अनुसार)।
- परियोजना के लिए एक व्यवहार्य बिजनेस प्लान होना चाहिए।
अन्य जिलों में भी योजना को मिली मंजूरी
सिरसा के अलावा हरियाणा के फतेहाबाद जिले में भी पीएम-अजय योजना के तहत 18 परियोजनाओं को 1.25 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है, जिससे लगभग 250 अनुसूचित जाति के लाभार्थी आत्मनिर्भर बनेंगे। इसी तरह, राजस्थान के सीकर और धौलपुर जिलों में भी आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जहां 50 हजार रुपये तक का अनुदान और बैंक ऋण दिया जा रहा है।
पीएम-अजय योजना की देशभर में उपलब्धियां
केंद्र सरकार के अनुसार, पीएम-अजय योजना के तहत अब तक 47,316 गांवों को कवर किया गया है और 47,59,399 नागरिकों को लाभ मिला है। 15,387 गांवों को सफलतापूर्वक “आदर्श ग्राम” घोषित किया जा चुका है। अनुदान सहायता घटक के तहत राज्यों को 1,730 करोड़ रुपये से अधिक जारी किए गए हैं, जिससे 2.5 लाख से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच बनी है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंत्रालय ने तीन छात्रावास परियोजनाओं के निर्माण के लिए 22.50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जिनमें दो छात्रावास छात्राओं के लिए होंगे। इनसे 750 विद्यार्थियों को आवास सुविधा मिलेगी। अनुदान-सहायता घटक के तहत 11,484 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें कौशल विकास और आय सृजन परियोजनाएं शामिल हैं।
डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप की सुविधाएं
मई 2026 में लॉन्च किए गए पीएम-अजय पोर्टल और अजय मोबाइल ऐप ने योजना के कामकाज को पूरी तरह बदल दिया है:
रियल-टाइम ट्रैकिंग – 47,000 से अधिक गांवों और 40 लाख लाभार्थियों की प्रगति की लाइव मॉनिटरिंग।
मीलस्टोन-आधारित फंड रिलीज – काम पूरा होने के चरणों के आधार पर पैसा जारी होता है।
जियो-टैग्ड फोटो अपलोड – फील्ड इंस्पेक्टर निर्माण स्थलों की जियो-टैग्ड और टाइम-स्टैम्प्ड फोटो अपलोड कर सकते हैं।
ग्राम विकास योजनाओं की इलेक्ट्रॉनिक मंजूरी – पेपर-based प्रक्रिया की जगह डिजिटल वर्कफ्लो।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद?
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल के अलावा श्रवण बेनीवाल, प्रवीण, हरीश कुमार, कुलदीप सिंह, डॉ. सज्जन कुमार, डॉ. दर्शना सिंह, डॉ. संजय सहित अन्य अधिकारी और समिति सदस्य मौजूद रहे।







