हरियाणा में HKRN के अनुबंध कर्मचारियों की 31 अक्टूबर तक सेवा अवधि बढ़ी
हरियाणा सरकार ने HKRN के माध्यम से विभागों, बोर्डों और निगमों में लगे अनुबंध कर्मचारियों की सेवा दो महीने बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 तक कर दी है। जानें किन्हें लाभ मिलेगा और क्या नौकरी पक्की हुई।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत अनुबंध कर्मचारियों को दो महीने का सेवा विस्तार मिल गया है। जिन कर्मचारियों की मौजूदा अनुबंध अवधि 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रही थी, वे अब 31 अक्टूबर 2026 तक काम कर सकेंगे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देश सभी सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में HKRN के माध्यम से तैनात कर्मचारियों पर लागू होंगे। हालांकि यह केवल दो महीने का अस्थायी सेवा विस्तार है। इसे नियमित नौकरी या 31 अक्टूबर के बाद की सेवा गारंटी नहीं माना जाएगा।
HKRN कर्मचारियों की सेवा कितने समय के लिए बढ़ी?
सरकार ने अनुबंध की अवधि 1 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे कर्मचारियों की सेवा में 31 अगस्त के बाद आने वाला संभावित ब्रेक फिलहाल टल गया है।
सरकार इससे पहले भी इन कर्मचारियों की अवधि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाती रही है। पिछला विस्तार 31 अगस्त तक था। अब नया आदेश आने से कर्मचारी दो महीने और अपने वर्तमान पदों पर काम कर सकेंगे।
| मौजूदा अनुबंध की अंतिम तारीख | नई अंतिम तारीख | मिला विस्तार |
|---|---|---|
| 31 अगस्त 2026 | 31 अक्टूबर 2026 | दो महीने |
किन कर्मचारियों को मिलेगा सेवा विस्तार?
सरकारी प्रेस नोट के अनुसार यह फैसला HKRN के माध्यम से तैनात उन अनुबंध कर्मचारियों पर लागू होगा जो हरियाणा सरकार के:
- विभिन्न विभागों
- सरकारी बोर्डों
- निगमों
- अन्य संबंधित सरकारी संस्थाओं
में कार्यरत हैं।
आदेश में किसी एक विभाग या पद को अलग से सीमित नहीं किया गया है। फिर भी प्रत्येक कर्मचारी की तैनाती और सेवा HKRN तथा संबंधित विभाग में लागू मौजूदा नियमों एवं शर्तों के अधीन रहेगी।
यदि किसी कर्मचारी का नाम विभागीय रिकॉर्ड या HKRN पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहा है तो उसे केवल सामान्य घोषणा के आधार पर अपनी सेवा बढ़ी हुई नहीं माननी चाहिए। ऐसी स्थिति में संबंधित कार्यालय की डीडीओ या स्थापना शाखा से अपने रिकॉर्ड की पुष्टि करना बेहतर होगा।
क्या कर्मचारियों को दोबारा आवेदन करना होगा?
सरकार ने कर्मचारियों से नया आवेदन मांगने की कोई प्रक्रिया घोषित नहीं की है। निर्देश संबंधित विभागों, बोर्डों और निगमों को जारी किए गए हैं। इसलिए सामान्य स्थिति में सेवा विस्तार की कार्रवाई विभाग और HKRN के स्तर पर होनी चाहिए।
कर्मचारियों को फिलहाल किसी अनजान वेबसाइट, सोशल मीडिया लिंक या निजी व्यक्ति के माध्यम से आवेदन अथवा भुगतान नहीं करना चाहिए। यदि विभाग किसी दस्तावेज या पोर्टल कार्रवाई की मांग करता है तो उसका आधिकारिक आदेश जरूर जांचें।
Google पर HKRN से संबंधित “स्टेटस चेक” और आधिकारिक आदेश की PDF खोजी जा रही है। कर्मचारी अपने रिकॉर्ड के लिए संबंधित विभाग से आदेश की प्रति प्राप्त कर सकते हैं तथा HKRN के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी देखते रहें।
क्या सेवा विस्तार से वेतन या पद बदलेगा?
सरकार के ताजा आदेश में HKRN कर्मचारियों के वेतन, पद, भत्ते या दूसरी सेवा शर्तों में बदलाव का उल्लेख नहीं किया गया है। फैसला केवल अनुबंध की अवधि दो महीने बढ़ाने से संबंधित है।
इसलिए इसे वेतन वृद्धि, पदोन्नति या नई नियुक्ति का आदेश नहीं माना जाएगा। कर्मचारी मौजूदा नियमों और शर्तों के अनुसार ही कार्य करते रहेंगे, जब तक सरकार या HKRN अलग आदेश जारी नहीं करता।
क्या अब HKRN कर्मचारियों की नौकरी पक्की हो गई?
नहीं। 31 अक्टूबर तक अनुबंध बढ़ने का अर्थ कर्मचारी का नियमित होना नहीं है। यह केवल वर्तमान अनुबंध की अवधि में अस्थायी विस्तार है।
हरियाणा में पात्र अनुबंध कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा कानून के दायरे में लाने के लिए अलग प्रक्रिया चल रही है। सेवा सुरक्षा पोर्टल पर पंजीकरण और विभागीय सत्यापन भी अलग विषय है। दो महीने के इस विस्तार को सेवा सुरक्षा कानून के तहत पात्रता या स्थायी नौकरी की मंजूरी नहीं माना जा सकता।
जो कर्मचारी सेवा सुरक्षा प्रक्रिया में शामिल हैं, उन्हें संबंधित पोर्टल और विभागीय सत्यापन से जुड़ी कार्रवाई अलग से पूरी करनी होगी।
31 अक्टूबर के बाद कर्मचारियों का क्या होगा?
ताजा आदेश केवल 31 अक्टूबर 2026 तक लागू है। इसके बाद अनुबंध फिर बढ़ेगा, सेवा सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी या कोई दूसरा निर्णय लिया जाएगा—इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है।
कर्मचारियों की 31 अक्टूबर के बाद की सेवा के लिए सरकार को अलग आदेश जारी करना होगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि उनका अनुबंध पूरे वर्ष या अनिश्चित अवधि के लिए बढ़ा दिया गया है।
इस फैसले से कर्मचारियों को तत्काल दो महीने की राहत जरूर मिली है, लेकिन दीर्घकालीन स्थिति सरकार के अगले निर्णय पर निर्भर रहेगी।








