हरियाणा में पंचायती जमीन पर बने मकानो को समाधान पोर्टल से मिलेगा मालिकाना हक, जाने पूरा प्रोसेस
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती (शामलात) भूमि पर बने पात्र मकानों के नियमितीकरण और मालिकाना हक देने के लिए 'समाधान' पोर्टल शुरू किया है। इस योजना के तहत 31 मार्च 2004 या उससे पहले पंचायती भूमि पर बने 500…
Haryana Samadhan Portal। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती (शामलात) भूमि पर बने पात्र मकानों के नियमितीकरण और मालिकाना हक के लिए ‘समाधान’ पोर्टल शुरू किया है। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 7 जुलाई 2026 को पंचायत भवन, चंडीगढ़ में इस पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत 31 मार्च 2004 से पहले पंचायती शामलात भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों के मालिक ऑनलाइन आवेदन करके अपनी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
H2: क्या है ‘समाधान’ पोर्टल – किसे मिलेगा लाभ
‘समाधान’ पोर्टल हरियाणा सरकार की एक डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे पात्र परिवारों को कानूनी स्वामित्व अधिकार प्रदान करना है। इस योजना से भविष्य में भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी और नागरिकों को उनके आवास पर वैध अधिकार प्राप्त होगा।
यह राहत केवल उन आवासीय मकानों के लिए है जो 31 मार्च 2004 या उससे पहले बने हैं। अधिकतम 500 वर्ग गज तक के आवासीय निर्माण ही नियमितीकरण के दायरे में आएंगे।
H2: कैसे करें आवेदन – पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया
आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन रखी गई है। कोई भी ऑफलाइन या भौतिक आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन करने के लिए इन चरणों का पालन करें:
चरण 1: सबसे पहले समाधान पोर्टल पर जाएं और अपने जिला, ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत का चयन करें।
चरण 2: पंजीकरण करें और आवेदन पत्र भरें।
चरण 3: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
चरण 4: आवेदन जमा करें।
आवेदन का सत्यापन संबंधित विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
H2: आवेदन की अंतिम तारीख – 16 जनवरी 2027
हरियाणा सरकार ने शामलात भूमि पर कब्जा करके बने आवासीय मकानों के नियमितीकरण और भूमि क्रय से जुड़े मामलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 16 जनवरी 2027 कर दी है। कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के अनुसार, पूर्व में प्रशासनिक औपचारिकताओं में देरी के कारण कई योग्य नागरिक आवेदन से वंचित रह गए थे, इसलिए सरकार ने नियम 15-बी में संशोधन कर आवेदन अवधि बढ़ाई है।
H2: क्या हैं पात्रता शर्तें – कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए ये शर्तें पूरी होनी चाहिए:
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मकान 31 मार्च 2004 या उससे पहले पंचायती (शामलात) भूमि पर बना हो
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निर्माण क्षेत्र 500 वर्ग गज से अधिक न हो
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मकान आवासीय प्रयोजन के लिए हो
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आवेदक ग्रामीण क्षेत्र का निवासी हो
H2: नियमों में बड़े बदलाव – डीसी को मिली मंजूरी की शक्ति
हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग ने इस योजना से जुड़े नियमों में दो बड़े बदलाव किए हैं:
पहला बदलाव: अब जमीन के स्वामित्व के लिए ऑफलाइन के बजाय केवल समाधान पोर्टल पर ही ऑनलाइन आवेदन होंगे।
दूसरा बदलाव: अब 500 गज तक की जमीन के स्वामित्व हक (सेल डीड) के लिए विभाग के निदेशक के बजाय जिला उपायुक्तों (डीसी) को मंजूरी के अधिकार दिए गए हैं। इससे प्रक्रिया तेज होगी और स्थानीय स्तर पर फैसले लिए जा सकेंगे।
H2: क्या होगा सत्यापन के बाद – मालिकाना प्रमाण-पत्र मिलेगा
आवेदन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। आवेदन जमा करने के बाद ग्राम सचिव द्वारा केस अग्रेषित किया जाएगा, फिर ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की कार्यवाही होगी। इसके बाद बीडीपीओ की अनुशंसा और उपायुक्त स्तर की कार्रवाई की जाएगी। हर चरण की जानकारी सीधे आवेदक के मोबाइल पर SMS के माध्यम से भेजी जाएगी।
सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदक को मालिकियत प्रमाण-पत्र (Government Order) ऑनलाइन प्राप्त होगा।
H2: ग्रामीण विकास के लिए दूसरी पहल – HRPMS पोर्टल भी शुरू
‘समाधान’ पोर्टल के साथ ही हरियाणा सरकार ने ग्रामीण विकास कार्यों की डिजिटल निगरानी के लिए हरियाणा रूरल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम (HRPMS) पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल से ग्रामीण विकास कार्यों और योजनाओं की चरणबद्ध प्रगति की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि ये दोनों डिजिटल पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में पारदर्शिता, सुशासन और जनसुविधाओं को और मजबूत करेंगी।
H2: क्या है शामलात भूमि – समझें पूरा संदर्भ
शामलात भूमि ग्राम पंचायतों के स्वामित्व वाली सांझी (सामुदायिक) भूमि होती है, जिसका उपयोग गांव की सामूहिक जरूरतों के लिए किया जाता है। हरियाणा सरकार ने Haryana Village Common Lands (Regulation) Act, 1961 में संशोधन कर शामलात भूमि पर अवैध कब्जे को नियमित करने की प्रक्रिया को आसान बनाया है। इस संशोधन का उद्देश्य मुकदमेबाजी कम करना और पंचायतों के लिए राजस्व उत्पन्न करना है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी पहले अधिकारियों को निर्देश दिया था कि शामलात भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों के नियमितीकरण में तेजी लाई जाए और ग्राम सभा की बैठकें बुलाई जाएं।








