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खेती-बाड़ी

हरियाणा में PM फसल बीमा योजना लागू: किसानों को मिलेगा डबल फायदा, निपटा में देरी पर मिलेगा 12% ब्याज

PMFBY Haryana 2026: हरियाणा सरकार ने खरीफ-2026 से रबी-2026-27 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू कर दी है। इस बार किसानों को कटाई के बाद 14 दिन तक खेत में पड़ी फसल के नुकसान पर भी बीमा कवर मिलेगा। बीमा कंपनियों…

PMFBY Haryana 2026 Crop Insurance
हरियाणा में PM फसल बीमा योजना लागू: किसानों को मिलेगा डबल फायदा, निपटा में देरी पर मिलेगा 12% ब्याज

PMFBY Haryana 2026: हरियाणा सरकार ने खरीफ-2026 से रबी-2026-27 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) लागू कर दी है। इस बार किसानों को कटाई के बाद खेत में रखी फसल को 14 दिनों तक ओलावृष्टि, चक्रवाती बारिश और बेमौसम वर्षा से होने वाले नुकसान पर भी बीमा कवर मिलेगा। साथ ही, अगर बीमा कंपनियां तय समय में दावा नहीं निपटातीं तो उन्हें 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अधिसूचना के अनुसार योजना सभी ऋणी और गैर-ऋणी किसानों के लिए वैकल्पिक रहेगी

खरीफ और रबी में ये फसलें होंगी कवर

योजना के दायरे में खरीफ सीजन में धान, बाजरा, मक्का, कपास और मूंग को शामिल किया गया है। वहीं रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, सरसों और सूरजमुखी की फसलें कवर होंगी। ये सभी फसलें अधिसूचित की गई हैं और इन्हीं के लिए बीमा का लाभ लिया जा सकेगा

इन नुकसानों पर मिलेगा बीमा दावा

योजना के तहत सूखा, बाढ़, जलभराव, कीट एवं रोग प्रकोप, ओलावृष्टि और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएं कवर होंगी। इसके अलावा स्थानीय आपदाओं से हुए नुकसान को भी बीमा कवरेज में रखा गया है। सबसे अहम बात यह है कि कटाई के बाद अधिकतम 14 दिन तक खेत में पड़ी फसल को बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवाती वर्षा से नुकसान होने पर भी दावा किया जा सकेगा

स्थानीय आपदा या कटाई के बाद हुए नुकसान की सूचना किसानों को 72 घंटे के भीतर देनी होगी। यह सूचना कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 14447 या क्रॉप लॉस मोबाइल ऐप के जरिए दी जा सकती है

किसानों को कितना प्रीमियम देना होगा

किसानों को खरीफ फसलों पर 2 प्रतिशत, रबी फसलों पर 1.5 प्रतिशत और कपास पर 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। शेष प्रीमियम का भार केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर उठाएंगी। योजना ऋणी किसानों के लिए ऑप्ट-आउट व्यवस्था पर लागू होगी, यानी जो किसान योजना से बाहर रहना चाहते हैं, उन्हें नामांकन की अंतिम तिथि से कम से कम सात दिन पहले निर्धारित घोषणा पत्र जमा करना होगा। गैर-ऋणी किसान स्वयं या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए आवेदन कर सकेंगे

फसलवार बीमा राशि तय

सरकार ने प्रति हेक्टेयर बीमित राशि इस प्रकार तय की है:

फसल बीमित राशि (प्रति हेक्टेयर)
धान 1,11,561 रुपये
कपास 1,14,136 रुपये
गेहूं 84,386 रुपये
सरसों 56,639 रुपये
चना 41,478 रुपये
जौ 53,779 रुपये
मक्का और सूरजमुखी 57,211 रुपये
मूंग 50,059 रुपये

योजना में 90 प्रतिशत इंडेम्निटी स्तर बरकरार रखा गया है

तकनीक से तय होगी उपज, हरसेक होगा तकनीकी भागीदार

अधिसूचना के अनुसार गेहूं और धान की उपज का आकलन तकनीक-आधारित प्रणाली से किया जाएगा। अन्य फसलों के लिए क्रॉप कटिंग प्रयोग (सीसीई) लागू रहेगा। हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (हरसेक) तकनीकी भागीदार होगा

पंजीकरण की अंतिम तिथि: खरीफ के लिए 31 जुलाई, रबी के लिए 31 दिसंबर

खरीफ फसलों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तय की गई है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार इस तिथि को बढ़ाकर 16 अगस्त 2026 कर दिया गया है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि के लिए किसानों को कृषि विभाग या अपने बैंक से संपर्क करना चाहिए। रबी फसलों के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है

किसानों के लिए 5 जरूरी बातें

  1. 31 जुलाई तक खरीफ फसलों का पंजीकरण – खरीफ फसलों का बीमा कराने के लिए 31 जुलाई 2026 तक आवेदन करना अनिवार्य है

  2. कटाई के बाद 14 दिन तक भी बीमा सुरक्षा – कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल को 14 दिनों तक ओलावृष्टि, चक्रवाती बारिश और बेमौसम वर्षा से सुरक्षा मिलेगी

  3. नुकसान की सूचना 72 घंटे में देना अनिवार्य – किसी भी स्थानीय आपदा या कटाई के बाद हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देनी होगी

  4. दावा देर से मिला तो कंपनी देगी 12% ब्याज – अगर बीमा कंपनी तय समय में दावा नहीं निपटाती तो उसे 12 प्रतिशत सालाना ब्याज देना होगा

  5. आवेदन ऑनलाइन, सीएससी या बैंक के माध्यम से – किसान ऑनलाइन पोर्टल, कॉमन सर्विस सेंटर या अपने बैंक के जरिए आवेदन कर सकते हैं

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

फसल बीमा के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1 और पी-2), बैंक पासबुक की कॉपी, फसल बोने का घोषणा पत्र और मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है। बटाईदार, कास्तकार और साझेदार किसानों को फसल साझा या कास्तकार का घोषणा पत्र भी जमा करना होगा। आधार वेरिफिकेशन के बिना बीमा स्वीकार नहीं होगा

फसल बीमा से जुड़े सवाल-जवाब (FAQ)

सवाल: क्या गैर-ऋणी किसान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
जी हां, योजना ऋणी और गैर-ऋणी दोनों किसानों के लिए वैकल्पिक है। गैर-ऋणी किसान स्वयं या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के जरिए आवेदन कर सकते हैं

सवाल: कटाई के बाद कितने दिनों तक बीमा कवर मिलता है?
कटाई के बाद अधिकतम 14 दिनों तक खेत में पड़ी फसल को बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और चक्रवाती वर्षा से नुकसान होने पर बीमा कवर मिलता है

सवाल: नुकसान की सूचना कितने समय के भीतर देनी होती है?
स्थानीय आपदा या कटाई के बाद हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर कृषि रक्षक पोर्टल, हेल्पलाइन 14447 या क्रॉप लॉस मोबाइल ऐप के जरिए देनी होती है

सवाल: बीमा दावा देर से मिलने पर क्या होगा?
अगर बीमा कंपनी तय समय सीमा में दावा नहीं निपटाती है तो उसे 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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