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हरियाणा में पानी का नया नियम, मीटर लगा तो खपत से और नहीं लगा तो प्लॉट साइज से आएगा बिल; इस दिन से शुरू होगी नई दरें

हरियाणा में पानी की नई दरें 18 फरवरी 2027 से लागू होंगी। जानें मीटर, प्लॉट साइज, पानी के स्लैब और 25 प्रतिशत सीवरेज शुल्क से कितना बिल आएगा।

हरियाणा में पानी की नई दरों के तहत मीटर और प्लॉट साइज से बिल की गणना
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में 18 फरवरी 2027 से मीटर वाले कनेक्शन पर खपत और बिना मीटर कनेक्शन पर प्लॉट साइज से पानी का बिल बनेगा।

हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में पानी का बिल तय करने की व्यवस्था बदलने जा रही है। नई व्यवस्था में घर पर चालू मीटर लगा है तो पानी की वास्तविक खपत के अनुसार बिल बनेगा। मीटर नहीं लगा है या लंबे समय से खराब है तो पानी की खपत के बजाय प्लॉट का क्षेत्रफल बिल का आधार बनेगा।

शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने पानी और सीवरेज शुल्क की नई दरों को लेकर 18 अगस्त 2026 को अधिसूचना जारी की है। नई दरें अधिसूचना जारी होने के छह महीने बाद यानी 18 फरवरी 2027 से लागू होंगी।

इसके बाद उपभोक्ता को पानी के मूल बिल के साथ 25 प्रतिशत सीवरेज शुल्क भी देना होगा। पानी की दरों में हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रावधान भी किया गया है। यानी वर्ष 2027 में लागू होने वाला बिल आने वाले वर्षों में धीरे-धीरे और बढ़ता जाएगा।

मीटर लगा है तो खपत के स्लैब से बनेगा पानी का बिल

मीटरयुक्त घरेलू कनेक्शन में एक महीने के दौरान इस्तेमाल किए गए पानी के आधार पर अलग-अलग स्लैब लागू होंगे। एक किलोलीटर यानी KL में एक हजार लीटर पानी होता है।

मासिक पानी की खपत निर्धारित दर
10 KL तक 3 रुपये प्रति KL
10 से 20 KL 6 रुपये प्रति KL
20 से 30 KL 9.50 रुपये प्रति KL
30 KL से अधिक 12 रुपये प्रति KL

यह स्लैब क्रमिक आधार पर लागू होगा। इसका मतलब 25 KL पानी इस्तेमाल करने पर सभी 25 KL का बिल 9.50 रुपये की दर से नहीं लगेगा। पहले 10 KL, अगले 10 KL और बाकी पांच KL की गणना उनके संबंधित स्लैब से की जाएगी।

500 वर्ग गज तक के परिवारों को क्या छूट मिलेगी?

नई व्यवस्था में 500 वर्ग गज तक के प्लॉट पर रहने वाले परिवारों को मीटरयुक्त घरेलू कनेक्शन के पहले स्लैब में राहत दी गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसे परिवारों से शुरुआती 10 KL यानी 10 हजार लीटर पानी का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इसका लाभ लेने के लिए घर में चालू मीटर होना जरूरी है। यदि मीटर नहीं लगा है तो बिल पानी की खपत के बजाय प्लॉट के क्षेत्रफल से आएगा।

यहां 500 वर्ग गज और 500 वर्ग मीटर के बीच अंतर समझना भी जरूरी है। घरेलू मीटर वाले कनेक्शन की छूट में सीमा 500 वर्ग गज बताई गई है, जबकि बिना मीटर कनेक्शन के बिल वाले स्लैब वर्ग मीटर में निर्धारित हैं।

15 KL पानी खर्च करने पर कितना बिल आएगा?

मान लीजिए 500 वर्ग गज तक के प्लॉट पर रहने वाला परिवार एक महीने में 15 KL पानी इस्तेमाल करता है और उसका मीटर चालू है।

  • शुरुआती 10 KL: छूट के कारण कोई शुल्क नहीं
  • अगले 5 KL: 6 रुपये प्रति KL के हिसाब से 30 रुपये
  • पानी का मूल बिल: 30 रुपये
  • 25 प्रतिशत सीवरेज शुल्क: 7.50 रुपये
  • कुल अनुमानित बिल: 37.50 रुपये

यदि पहला 10 KL वाला मुफ्त स्लैब लागू नहीं होता है तो इसी खपत पर 30 रुपये अतिरिक्त पानी शुल्क और उसका सीवरेज शुल्क भी जुड़ेगा।

25 और 35 KL खपत पर कितना बिल बन सकता है?

500 वर्ग गज तक के पात्र मीटरयुक्त घरेलू कनेक्शन के लिए अनुमानित गणना इस प्रकार होगी:

मासिक खपत पानी का अनुमानित शुल्क 25% सीवरेज सहित अनुमानित बिल
15 KL ₹30 ₹37.50
25 KL ₹107.50 ₹134.38
35 KL ₹215 ₹268.75

ये उदाहरण शुरुआती 10 KL पर मिलने वाली छूट और क्रमिक स्लैब के आधार पर तैयार किए गए हैं। वास्तविक बिल में पिछला बकाया, जुर्माना अथवा स्थानीय निकाय द्वारा लगाया जाने वाला कोई अन्य वैध शुल्क अलग हो सकता है।

बिना मीटर कनेक्शन का बिल प्लॉट के साइज से आएगा

जिन मकानों में पानी का मीटर नहीं लगा है, वहां यह पता लगाना संभव नहीं कि परिवार ने कितने लीटर पानी इस्तेमाल किया। इसलिए ऐसे उपभोक्ताओं के लिए प्लॉट के क्षेत्रफल के अनुसार निश्चित मासिक शुल्क निर्धारित किया गया है।

प्लॉट का क्षेत्रफल पानी का मासिक शुल्क 25% सीवरेज सहित अनुमानित बिल
50 वर्ग मीटर तक ₹175 ₹218.75
50 से 100 वर्ग मीटर ₹350 ₹437.50
100 से 200 वर्ग मीटर ₹870 ₹1,087.50
200 वर्ग मीटर से अधिक प्रत्येक अतिरिक्त 100 वर्ग मीटर पर ₹700 अतिरिक्त अतिरिक्त राशि पर भी 25% सीवरेज शुल्क

उदाहरण के तौर पर 250 वर्ग मीटर के बिना मीटर वाले प्लॉट पर 870 रुपये के साथ अगले 100 वर्ग मीटर वाले हिस्से के लिए 700 रुपये अतिरिक्त जुड़ सकते हैं। इस तरह पानी का शुल्क 1,570 रुपये और 25 प्रतिशत सीवरेज शुल्क जोड़ने के बाद अनुमानित बिल 1,962.50 रुपये तक हो सकता है।

इस कारण बिना मीटर वाले बड़े प्लॉट के मालिकों पर नई व्यवस्था का आर्थिक असर अधिक पड़ेगा।

खराब मीटर को कब बिना मीटर वाला कनेक्शन माना जाएगा?

केवल मीटर लगा होना पर्याप्त नहीं होगा, उसका चालू होना भी जरूरी है। यदि पानी का मीटर खराब है और संबंधित निकाय के नोटिस के बाद भी दो महीने से अधिक समय तक उसे ठीक या बदलवाया नहीं जाता तो कनेक्शन को बिना मीटर वाला माना जा सकता है।

इसके बाद बिल वास्तविक खपत के बजाय प्लॉट के आकार के अनुसार जारी होगा। बड़े प्लॉट वाले परिवारों के लिए यह मीटर आधारित बिल से काफी महंगा पड़ सकता है।

इसलिए जिन घरों में मीटर खराब पड़ा है, उनके मालिकों को नई दरें लागू होने से पहले संबंधित नगर निकाय से संपर्क करके उसे ठीक करवाना चाहिए।

पानी के बिल के साथ लगेगा 25 प्रतिशत सीवरेज शुल्क

जिन क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था उपलब्ध है, वहां पानी के कुल शुल्क का 25 प्रतिशत अपशिष्ट जल अथवा सीवरेज शुल्क के रूप में लिया जाएगा।

यदि किसी उपभोक्ता का पानी शुल्क 350 रुपये बनता है तो उसमें 87.50 रुपये सीवरेज शुल्क जुड़ने के बाद कुल बिल 437.50 रुपये हो जाएगा। इसी तरह 870 रुपये के पानी शुल्क पर 217.50 रुपये सीवरेज शुल्क लगेगा।

इसलिए नई दरों की तुलना करते समय केवल पानी का मूल शुल्क देखना पर्याप्त नहीं होगा।

नगर निकाय में शामिल गांवों पर भी लागू होंगी दरें

नई व्यवस्था केवल शहरों की पुरानी कॉलोनियों तक सीमित नहीं रहेगी। नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका की सीमा में शामिल किए गए गांवों में भी घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक कनेक्शनों पर यही पानी और सीवरेज दरें लागू होंगी।

इससे उन गांवों के उपभोक्ता भी प्रभावित होंगे जिन्हें नगर निकाय सीमा में शामिल किया जा चुका है।

घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक इस्तेमाल किया तो कार्रवाई

यदि किसी घरेलू पानी के कनेक्शन का इस्तेमाल दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, संस्था या औद्योगिक कार्य के लिए होता पाया गया तो कनेक्शन काटने के साथ 500 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है।

संस्थागत, औद्योगिक और व्यावसायिक मीटरयुक्त कनेक्शनों के लिए अलग दरें निर्धारित की गई हैं।

मासिक खपत व्यावसायिक/संस्थागत/औद्योगिक दर
25 KL तक ₹20 प्रति KL
25 से 50 KL ₹25 प्रति KL
50 से 100 KL ₹30 प्रति KL
100 KL से अधिक ₹35 प्रति KL

व्यावसायिक और संस्थागत कनेक्शन के लिए न्यूनतम मासिक बिल 500 रुपये तथा औद्योगिक कनेक्शन के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये रहेगा, भले ही वास्तविक खपत इससे कम हो।

हर साल पांच प्रतिशत बढ़ेगा पानी का शुल्क

नई दरों में पांच प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी भी प्रस्तावित है। उदाहरण के लिए किसी श्रेणी का पानी शुल्क पहले वर्ष 350 रुपये है तो पांच प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद अगले वर्ष यह करीब 367.50 रुपये हो सकता है। इसके ऊपर सीवरेज शुल्क अलग से जुड़ेगा।

इस व्यवस्था के कारण उपभोक्ताओं का बिल केवल फरवरी 2027 में एक बार नहीं बदलेगा, बल्कि आने वाले वर्षों में प्रत्येक वर्ष बढ़ सकता है।

नई दरें लागू होने से पहले क्या करें?

मीटरयुक्त कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को सबसे पहले जांचना चाहिए कि उनका पानी का मीटर सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं। बिल में दर्ज मीटर नंबर और वास्तविक मीटर नंबर का मिलान भी कर लेना चाहिए।

बिना मीटर वाले उपभोक्ता नया मीटर लगवाने की प्रक्रिया और आवश्यक शुल्क की जानकारी अपने नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिका से प्राप्त कर सकते हैं। बड़े प्लॉट वाले परिवारों के लिए चालू मीटर लगवाना आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि बिना मीटर बिल प्लॉट के कुल आकार से निर्धारित होगा।

नई दरें 18 फरवरी 2027 से प्रभावी होनी हैं। इसलिए उपभोक्ताओं के पास अपने कनेक्शन और मीटर संबंधी रिकॉर्ड ठीक करवाने के लिए लगभग छह महीने का समय है।

स्रोत: हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग की अधिसूचना के संबंध में प्रकाशित विवरण, शहरी स्थानीय निकाय विभाग की अधिसूचना वेबसाइट

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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