अंबाला कैंट में 89 किलोमीटर स्ट्रॉम वॉटर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू, पहले चरण में इन 8 कॉलोनियों में बिछेगी पाइपलाइन
अंबाला कैंट में करीब 58 करोड़ रुपये के स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। 89 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क से एकता विहार, लालकुर्ती, बीसी बाजार सहित कई इलाकों में जलभराव और खुली नालियों की समस्या कम करने…

अंबाला, 13 सितंबर। अंबाला कैंट के लोगों को बरसात में जलभराव और खुली नालियों से राहत दिलाने के लिए स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को एकता विहार से पाइपलाइन बिछाने के काम की शुरुआत की।
करीब 58 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के पहले चरण में लगभग 89 किलोमीटर लंबा ड्रेनेज नेटवर्क तैयार किया जाना है। इससे बारिश का पानी भूमिगत पाइपलाइन के जरिए निकाला जाएगा और खुले नालों को धीरे-धीरे बंद किया जाएगा। 89 किलोमीटर नेटवर्क को मार्च में मंजूरी मिली थी, जबकि अब इसका काम जमीन पर शुरू हुआ है।
एक साथ कई कॉलोनियों में शुरू होगा काम
एकता विहार के साथ लालकुर्ती, बीसी बाजार और आउटर लार्ज रोड क्षेत्र में भी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। अनिल विज ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तीन से चार टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ काम कराने के निर्देश दिए हैं।
जगाधरी रोड पर गोविंद नगर से सहारनपुर रेल लाइन की तरफ टांगरी बांध तक भी स्ट्रॉम वॉटर पाइपलाइन डाली जा रही है। इसके बाद जगाधरी रोड से डिफेंस कॉलोनी की तरफ के क्षेत्रों को भी नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
मार्च में तैयार योजना में ट्रिब्यून कॉलोनी, गोविंद नगर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सुभाष कॉलोनी और कस्तूरबा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों को पहले चरण में शामिल किया गया था।
हरियाणा में 9000 एकड़ में बसेगी नमो सिटी, सोनीपत-रोहतक-झज्जर के किसानों से ली जाएगी जमीन
पाइपलाइन के लिए घरों के आगे बने थड़े भी हटेंगे
पाइपलाइन डालने के दौरान कई जगह घरों और दुकानों के आगे बने थड़े तोड़ने पड़ सकते हैं। अनिल विज ने स्थानीय लोगों से काम में सहयोग करने की अपील की है।
एकता विहार में अधिकारियों को नालियों का लेवल भी ठीक रखने को कहा गया है, ताकि बारिश का पानी पाइपलाइन तक आसानी से पहुंच सके और सड़क या गलियों में जमा न हो।
इससे पहले सदर क्षेत्र में भी स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जा चुका है। वहां करीब 144 बड़े और छोटे नालों को भूमिगत किया गया था। इसी मॉडल को अब अंबाला कैंट के बाकी हिस्सों तक बढ़ाया जा रहा है।
महेशनगर ड्रेन पर 22 करोड़ रुपये से अलग काम
जल निकासी से जुड़े एक दूसरे प्रोजेक्ट में महेशनगर ड्रेन के बचे हिस्से को पक्का करने के लिए 22 करोड़ रुपये का टेंडर भी अलॉट हो चुका है। बरसाती सीजन खत्म होने के बाद यहां काम शुरू करने की तैयारी है।
ड्रेन का डिजाइन आईआईटी रुड़की से तैयार कराया गया है। इसे इस तरह बनाया जाएगा कि आगे मशीनों से इसकी सफाई की जा सके।
लोगों से सहयोग की अपील
मंत्री विज ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई जगह घरों और दुकानों के आगे बने थड़े तोड़ने पड़ सकते हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से पूर्ण सहयोग देने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि सदर क्षेत्र में जब यह काम हुआ था, तब लोगों ने पूरा सहयोग दिया था, जिसका नतीजा आज सबको मिल रहा है।








