नांगल चौधरी पेयजल परियोजना। इन 39 गांवों को नहरी पानी देने के लिए 284 करोड़ प्रोजेक्ट पर काम शुरू
नांगल चौधरी पेयजल परियोजना के तहत 39 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाने के लिए 284 करोड़ रुपये से तीन जलघर बनेंगे। सिरोही बहाली में काम शुरू हो गया है। जानें पानी कहां से आएगा और कितनी सप्लाई मिलेगी।

नारनौल, 15 सितंबर। महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र के 39 गांवों तक पर्याप्त पेयजल पहुंचाने की 284 करोड़ रुपये की योजना अब जमीन पर उतरने लगी है। सिरोही बहाली में बनने वाले जलघर के पहले पैकेज पर काम शुरू हो गया है और स्टोरेज टैंक की खुदाई की जा रही है।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के अनुसार मुसनोता और आसरावास में बनने वाले बाकी दो जलघरों के टेंडर भी खुल चुके हैं और इनके कार्य आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। ताजा योजना में तीन नए स्वतंत्र जलघर बनाकर नांगल चौधरी के अंतिम छोर तक बसे गांवों की पेयजल व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
नांगल चौधरी पेयजल परियोजना को हरियाणा सरकार से 284.18 करोड़ रुपये की तकनीकी मंजूरी मिल चुकी है। योजना को तीन पैकेज में पूरा किया जा रहा है। पहले पैकेज की लागत 53.47 करोड़ रुपये है और इसे पहले ही अलॉट किया जा चुका है।
तीन जलघरों से 39 गांवों तक पहुंचेगा पानी
योजना के तहत सिरोही बहाली, मुसनोता और आसरावास में नए जलघर बनाए जाएंगे। इनके जरिए अभी लहरोदा जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर 39 गांवों में पानी पहुंचाया जाएगा। नांगल दर्गु और नांगल चौधरी की मौजूदा व्यवस्था को भी नई मुख्य पाइपलाइन से जोड़ा जाएगा।
पुरानी परियोजना रिपोर्ट के अनुसार सिरोही बहाली में करीब 6 एमएलडी क्षमता का जलघर बनाया जाना है, जिससे 16 गांवों को पानी मिलेगा। आसरावास में करीब 5 एमएलडी क्षमता का जलघर 13 गांवों को सप्लाई देगा, जबकि मुसनोता समूह से 10 गांव जोड़े जाएंगे।
मुसनोता जलघर से मुसनोता, पांचनौता, बायल, ढाणी रावता, बखरीजा, मेघोत हाला, मेघोत बिंजा, गंगुताना, गोलवा और नांगल दर्गु को पानी मिलने की योजना है।
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हर व्यक्ति को रोज 70 लीटर पानी देने का लक्ष्य
इस परियोजना को केवल मौजूदा जरूरत के हिसाब से नहीं बनाया गया है। पुरानी विभागीय योजना के अनुसार 39 गांवों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जलघरों की क्षमता वर्ष 2043 तक की जरूरत और पाइपलाइन नेटवर्क वर्ष 2058 तक की आबादी को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
नहरी पानी नारनौल के पास सुराना क्षेत्र में अटेली डिस्ट्रीब्यूटरी से पाइपलाइन के जरिए नए जलघरों तक पहुंचाने की योजना है। पहले इन गांवों की बड़ी निर्भरता लहरोदा जलघर पर थी और दूरी अधिक होने के कारण अंतिम छोर के गांवों तक पर्याप्त पानी पहुंचने में समस्या आती थी।
540 दिन में काम पूरा करने का दिया गया था लक्ष्य
जुलाई में परियोजना की तकनीकी मंजूरी के बाद पहले पैकेज का काम 53.47 करोड़ रुपये में अलॉट किया गया था। उस समय विभाग को निर्माण कार्य 540 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। आसरावास जलघर और राइजिंग मेन से जुड़ा पैकेज 30.69 करोड़ रुपये का बताया गया था, जबकि तीसरे पैकेज में मुसनोता जलघर, नांगल दर्गु और नांगल चौधरी की दूसरी लिफ्टिंग व्यवस्था से जुड़े काम शामिल हैं।
हालांकि 540 दिन की अवधि पूरी परियोजना के प्रत्येक पैकेज की एक जैसी अंतिम तारीख मानना सही नहीं होगा। ताजा जानकारी में सिरोही बहाली का काम शुरू हो चुका है, जबकि बाकी दोनों पैकेजों के कार्य आदेश अभी जारी होने हैं।
महेंद्रगढ़ जिले में इसके साथ नारनौल शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 226 करोड़ रुपये और अन्य 18 गांवों के जलघरों के सुधार व नए निर्माण के लिए करीब 35 करोड़ रुपये की अलग योजनाओं पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है।








