शनिवार, 12 सितम्बर 2026 | 03:14 ISTFollow us at:
खेती-बाड़ी

हरियाणा में पराली जलाना पड़ेगा भारी, रेड एंट्री-FIR के लिए गांव-गांव तैनात हुआ ‘पराली सुरक्षा बल’

करनाल में पराली जलाने से रोकने के लिए गांव स्तर तक पराली सुरक्षा बल तैनात किया गया है। जानें जुर्माना, रेड एंट्री और कार्रवाई के नियम।

हरियाणा में पराली पर सख्ती, 5000 से 30 हजार रुपये तक जुर्माना; रेड एंट्री का भी खतरा
हरियाणा में पराली पर सख्ती, 5000 से 30 हजार रुपये तक जुर्माना; रेड एंट्री का भी खतरा

करनाल। धान कटाई सीजन से पहले करनाल प्रशासन ने खेतों में पराली जलाने की घटनाएं रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने जिले में विशेष ‘पराली सुरक्षा बल’ गठित किया है। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया इसकी अध्यक्षता करेंगे, जबकि पुलिस, कृषि, पंचायत, राजस्व, पशुपालन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मिलकर निगरानी करेंगे।

करनाल, असंध, नीलोखेड़ी, निसिंग और निगधु क्षेत्र में गांव स्तर तक अलग प्रवर्तन टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें अपने क्षेत्रों का दौरा कर रोज संबंधित एसडीएम को रिपोर्ट देंगी। खेत में पराली जलाने की पुष्टि होने पर प्रशासन की ओर से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गांव स्तर की टीम में पटवारी से लेकर जेई तक शामिल

गांवों में बनाई गई टीमों में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ पटवारी, ग्राम सचिव, वीएलडीए, सुपरवाइजर और बिजली निगम के जेई सहित अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों को लगाया गया है।

करनाल और निसिंग क्षेत्र की निगरानी एसडीएम करनाल देवेंद्र शर्मा, असंध की एसडीएम सुमित सिहाग और नीलोखेड़ी व निगधु क्षेत्र की जिम्मेदारी एसडीएम नीलोखेड़ी अशोक कुमार को दी गई है।

आदेश में यह भी कहा गया है कि पराली दहन रोकने में लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। उनके खिलाफ वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 की धारा 14 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। केंद्र की वायु गुणवत्ता आयोग व्यवस्था में भी जिला अधिकारियों को जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाने के अधिकार दिए गए हैं।

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2 एकड़ से कम जमीन पर 5000 रुपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति

पराली जलाने पर लगने वाली पर्यावरण क्षतिपूर्ति की राशि किसान के कुल जमीन रकबे के हिसाब से तय है।

किसान के पास जमीनप्रति घटना पर्यावरण क्षतिपूर्ति
2 एकड़ से कम5000 रुपये
2 से 5 एकड़ से कम10,000 रुपये
5 एकड़ से अधिक30,000 रुपये

केंद्र सरकार ने नवंबर 2024 में इन दरों को संशोधित किया था और हरियाणा सहित संबंधित राज्यों को इन्हें लागू करने के निर्देश दिए थे। ये दरें प्रति घटना के हिसाब से हैं।

रेड एंट्री के बाद एमएसपी पर फसल बेचने पर भी पड़ सकता है असर

करनाल प्रशासन के आदेश के अनुसार पराली जलाने वाले किसान के मेरी फसल-मेरा ब्यौरा रिकॉर्ड में रेड एंट्री भी की जाएगी।

हरियाणा में इसके असर का ताजा उदाहरण मई 2026 में यमुनानगर में सामने आया था। कृषि विभाग ने छह किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री की थी और अधिकारियों के अनुसार ऐसे किसान अगले दो फसल सीजन तक मंडियों में एमएसपी पर फसल नहीं बेच सकते।

कुरुक्षेत्र प्रशासन ने भी सितंबर में किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री करने और जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इससे साफ है कि इस खरीफ सीजन में पराली दहन को लेकर जिले स्तर पर निगरानी पहले से सख्त की जा रही है।

प्रशासन ने किसानों से पराली जलाने के बजाय कृषि यंत्रों और दूसरे पर्यावरण अनुकूल तरीकों से इसका प्रबंधन करने की अपील की है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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