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हरियाणा कैबिनेट में कोचिंग सेंटर पंजीकरण समेत लिए 12 बड़े फैसले, फटाफट देखें नए नियम

हरियाणा कैबिनेट बैठक में कोचिंग सेंटर नियम और वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोजेक्ट को मंजूरी

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 12 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें निजी कोचिंग संस्थानों के लिए कड़े नियम, 5,714.80 करोड़ रुपये की लागत वाला विश्व बैंक वित्तपोषित ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’, रिहायशी कॉलोनियों में लीज पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति, महिला स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन और शहरी विकास से जुड़ी लाइसेंस प्रक्रिया में बदलाव शामिल हैं। सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र की तारीख 27 अगस्त तय कर दी है

कोचिंग संस्थानों पर नकेल, पंजीकरण अनिवार्य

दिल्ली और लखनऊ के कोचिंग सेंटरों में हुए हादसों से सबक लेते हुए हरियाणा सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के लिए ‘हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (पंजीकरण और विनियमन) नियम, 2026’ को मंजूरी दी। ये नियम 2024 के हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान अधिनियम को लागू करने के लिए बनाए गए हैं

सभी मौजूदा और नए कोचिंग सेंटरों को नामित ऑनलाइन पोर्टल के जरिये पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण शुल्क 10,000 रुपये निर्धारित किया गया है। संबंधित प्राधिकरण 30 दिनों के भीतर आवेदनों की जांच करेगा और तीन साल के लिए वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करेगा। नवीनीकरण के लिए 5,000 रुपये शुल्क देना होगा

कोचिंग सेंटरों को देनी होंगी ये सुविधाएं

संस्थानों को छात्रों के लिए फर्नीचर, पर्याप्त रोशनी, पीने योग्य पानी, छात्र-छात्राओं के लिए अलग शौचालय, अग्नि-सुरक्षा उपाय, प्राथमिक चिकित्सा, पार्किंग, पुस्तकालय, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, छात्रावास और कैंटीन जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी

आवेदन में पाठ्यक्रम, पाठ्यक्रम-सामग्री, शुल्क संरचना, कक्षाओं की संख्या और क्षमता, प्रति बैच अधिकतम छात्रों की संख्या, शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की योग्यता की जानकारी देनी होगी। भवन के स्वामित्व या पट्टे, अग्नि-सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता प्रमाणन, दिव्यांग छात्रों के लिए बाधा-मुक्त पहुंच और कर्मचारियों के चरित्र सत्यापन की जानकारी भी देनी जरूरी होगी। स्कूल-कॉलेजों के समय के दौरान कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने की अनुमति नहीं होगी

45 लाख लोगों को मिलेगा सीधा फायदा, 5,714 करोड़ का वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम

मंत्रिमंडल ने विश्व बैंक वित्तपोषित ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ (WSHP) को मंजूरी दी। 5,714.80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस कार्यक्रम में विश्व बैंक का 4,000.36 करोड़ रुपये का ऋण और राज्य सरकार का 1,714.44 करोड़ रुपये का हिस्सा होगा। यह कार्यक्रम 15 प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टरों में लागू किया जाएगा, जिनमें 48.94 लाख एकड़ सिंचाई योग्य कमांड एरिया शामिल है। करीब 45 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है

किसानों के लिए क्या बदलेगा?

इस कार्यक्रम से नहर सिंचाई की दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, भूजल दोहन कम होगा और भूजल रिचार्ज बढ़ेगा। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग 2,484.87 करोड़ रुपये से 104 नहर चैनलों का पुनर्वास करेगा, जिससे 8.75 लाख एकड़ कमांड एरिया को लाभ मिलेगा। 248 करोड़ रुपये से 131 नए जलाशयों का निर्माण किया जाएगा

माइक्रो इरिगेशन एवं कमांड एरिया विकास प्राधिकरण 900 करोड़ रुपये से 620 वाटरकोर्स का पुनर्वास करेगा और 600 करोड़ रुपये से 120 नहर आधारित सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं शुरू करेगा। कृषि विभाग 2 लाख एकड़ जलभराव वाली भूमि का सुधार करेगा, 5 लाख एकड़ में डीएसआर (सीधी बिजाई) को बढ़ावा देगा और ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत 1.12 लाख एकड़ में फसल विविधीकरण का लक्ष्य रखेगा

डिजिटल जल प्रबंधन

नहरों के स्वचालित संचालन के लिए 20 एससीएडीए स्थान और पानी के डिस्चार्ज की निगरानी के लिए 400 आरटीडीएएस माप बिंदु बनाए जाएंगे। चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित पानी का सिंचाई के लिए पुन: उपयोग किया जाएगा

रिहायशी कॉलोनियों में लीज पर खुलेंगे नर्सिंग होम

मंत्रिमंडल ने रिहायशी कॉलोनियों में लीज की जमीन पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति देने वाली नीति में संशोधन को मंजूरी दी। अब तक यह अनुमति केवल डॉक्टरों की अपनी जमीन पर ही दी जाती थी। एलोपैथिक और आयुष दोनों पद्धतियों के योग्य चिकित्सक अब लीज पर ली गई रिहायशी जमीन पर भी नर्सिंग होम स्थापित कर सकेंगे। इसके लिए कन्वर्जन चार्ज देना होगा

डॉक्टर के पास मेडिकल काउंसिल या आयुष काउंसिल का वैध पंजीकरण नंबर होना चाहिए और वह भारतीय चिकित्सा संघ की स्थानीय शाखा में पंजीकृत होना चाहिए। लीज की अवधि कम से कम 10 साल की होनी चाहिए और हर सेक्टर में अधिकतम चार नर्सिंग होम की अनुमति होगी। नर्सिंग होम चलाने की अनुमति लीज की अवधि तक ही वैध रहेगी। इस फैसले से उन डॉक्टरों को राहत मिलेगी जो अपनी जमीन नहीं होने के कारण रिहायशी इलाकों में नर्सिंग होम नहीं खोल पा रहे थे।

स्टार्टअप नीति में बड़े बदलाव, महिलाओं को मिलेगा विशेष पैकेज

मंत्रिमंडल ने हरियाणा स्टार्टअप नीति-2022 के पूरक प्रावधानों को मंजूरी दी। सरकारी खरीद में अब हर दसवां सामान प्रदेश के स्टार्टअप्स से खरीदा जाएगा

महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप के लिए विशेष पैकेज

महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को एक साल तक लीज रेंट का 50 प्रतिशत, अधिकतम 10 लाख रुपये तक वापस मिलेगा। सात साल तक नेट एचजीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति होगी। हस्तशिल्प, आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य उत्पाद और स्थानीय खाद्य उत्पादों के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक माइक्रो-ग्रांट दिए जाएंगे। सामान्य स्टार्टअप के लिए नेट एचजीएसटी की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति सात साल तक जारी रहेगी

निवेश और तकनीकी सहायता

निजी या एंजल निवेशक से 25 लाख रुपये जुटाने पर सरकार भी 25 लाख रुपये की मैचिंग ग्रांट देगी। नई तकनीक का लाइसेंस लेने पर 10 लाख तक सहायता मिलेगी। गुणवत्ता प्रमाणन पर खर्च की 50 प्रतिशत राशि, अधिकतम 25 लाख तक वापस की जाएगी

एच-हब इन्क्यूबेटर और अप्रेंटिसशिप

‘एच-हब’ नाम से विश्वस्तरीय इन्क्यूबेटर स्थापित किया जाएगा। विद्यार्थियों को 10 हजार ‘डू-इट-योरसेल्फ’ (DIY) किट बांटी जाएंगी। विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के विद्यार्थी स्टार्टअप में अप्रेंटिसशिप कर सकेंगे। पात्र स्टार्टअप को प्रति अप्रेंटिस 7,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड का 50 प्रतिशत वापस मिलेगा। टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के लिए क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा स्टोरेज के खर्च का 75 प्रतिशत (अधिकतम ढाई लाख रुपये सालाना) पांच साल तक वापस मिलेगा

शहरी विकास से जुड़े लाइसेंस की प्रक्रिया होगी आसान

मंत्रिमंडल ने हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज रूल्स-1976 में संशोधन को मंजूरी दी। इसका मकसद लाइसेंस से जुड़े आवेदन, जांच और नवीनीकरण की प्रक्रिया को स्पष्ट बनाना है। यह बदलाव विधानसभा की अधीनस्थ विधान समिति की 2016-17 की 45वीं रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं।

वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम: एक नजर में

मद विवरण
कुल अनुमानित लागत 5,714.80 करोड़ रुपये
विश्व बैंक ऋण 4,000.36 करोड़ रुपये
राज्य सरकार का हिस्सा 1,714.44 करोड़ रुपये
प्रत्यक्ष लाभार्थी करीब 45 लाख लोग
प्राथमिकता वाले सिंचाई क्लस्टर 15
सिंचाई योग्य कमांड एरिया 48.94 लाख एकड़
नहर चैनलों का पुनर्वास 104 (2,484.87 करोड़ रुपये)
नए जलाशय 131 (248 करोड़ रुपये)
एससीएडीए स्थान 20
आरटीडीएएस माप बिंदु 400
लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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