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हिसार में 10 हजार करोड़ से बनेगा ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस, 5 हजार युवाओं को रोजगार; जानें कब शुरू होगा काम

हिसार में 300 एकड़ का ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस प्रस्तावित है। जानें ₹10 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट कब शुरू होगा, कहां बनेगा और 5 हजार नौकरियों की भर्ती कब आएगी।

हरियाणा सरकार और Avaada Group के बीच हिसार ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस के लिए MOU
हिसार में 300 एकड़ के प्रस्तावित ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश और 5 हजार से अधिक रोजगार बनने का अनुमान है।

हिसार में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए 300 एकड़ में ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस बनाने की योजना है। इस परियोजना पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये निवेश करने और 5 हजार से अधिक रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है।

प्रस्तावित कैंपस विकसित करने के लिए स्वच्छ ऊर्जा कंपनी Avaada Group और हरियाणा सरकार के Haryana Enterprises Promotion Centre यानी HEPC के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

परियोजना की घोषणा के बाद हिसार के युवाओं के लिए सबसे बड़ा सवाल है कि इसका निर्माण कब शुरू होगा और नौकरियों के लिए आवेदन कब मांगे जाएंगे। फिलहाल कंपनी या सरकार ने निर्माण शुरू करने, कैंपस पूरा होने अथवा भर्ती आरंभ करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। परियोजना अभी MOU और शुरुआती योजना के चरण में है।

हिसार में कहां बनेगा ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस?

प्रस्तावित ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस हिसार में लगभग 300 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में अभी गांव, सेक्टर अथवा जमीन का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है।

हरियाणा सरकार परियोजना के लिए जमीन, सड़क, बिजली, पानी, दूसरी आवश्यक सुविधाओं और वैधानिक स्वीकृतियों में सहयोग करेगी। कैंपस को राज्य समर्थित Green Industrial या Zero-CBAM Industrial Park का दर्जा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

जमीन की पहचान, आवश्यक स्वीकृतियां और परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही निर्माण शुरू होने की वास्तविक समय-सीमा स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस का काम कब शुरू होगा?

कंपनी और हरियाणा सरकार के बीच अभी MOU हुआ है। MOU किसी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों की सहमति और सहयोग की रूपरेखा होता है। इसका अर्थ यह नहीं होता कि अगले दिन से निर्माण शुरू हो जाएगा।

निर्माण शुरू होने से पहले सामान्यतः जमीन की पहचान, परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट, पर्यावरण संबंधी स्वीकृति, औद्योगिक पार्क का दर्जा, बुनियादी ढांचे की योजना और निवेश का चरणबद्ध कार्यक्रम तैयार किया जाता है।

Avaada Group ने अभी परियोजना के शिलान्यास, निर्माण शुरू होने या पूरा होने की तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए सोशल मीडिया अथवा अपुष्ट वेबसाइटों पर आने वाली किसी भर्ती या निर्माण तारीख पर विश्वास करने के बजाय कंपनी और हरियाणा सरकार की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

5 हजार युवाओं को रोजगार कब मिलेगा?

प्रस्तावित परियोजना से 5 हजार से अधिक रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है। यह वर्तमान रिक्त पदों की संख्या नहीं, बल्कि कैंपस विकसित होने और उसमें अलग-अलग उद्योग आने के बाद बनने वाले संभावित रोजगार का अनुमान है।

अभी कंपनी ने पदों के नाम, शैक्षणिक योग्यता, वेतन, आवेदन प्रक्रिया या भर्ती की तारीख घोषित नहीं की है। इसलिए फिलहाल इस परियोजना के नाम पर कोई आधिकारिक आवेदन नहीं मांगा गया है।

रोजगार निर्माण के दो प्रमुख चरण हो सकते हैं। पहले चरण में कैंपस का निर्माण शुरू होने पर सिविल वर्क, बिजली, मशीनरी, परिवहन और दूसरे बुनियादी ढांचे से जुड़े रोजगार बन सकते हैं। दूसरे चरण में कैंपस में औद्योगिक इकाइयां शुरू होने के बाद स्थायी तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर भर्तियां हो सकती हैं।

किन क्षेत्रों के युवाओं को मिल सकते हैं अवसर?

कैंपस को नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पर आधारित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना की प्रकृति को देखते हुए भविष्य में इन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बन सकते हैं—

  • इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग
  • सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा
  • औद्योगिक मशीनों का संचालन
  • प्लांट रखरखाव
  • बैटरी और ऊर्जा भंडारण
  • औद्योगिक सुरक्षा
  • गुणवत्ता नियंत्रण
  • सिविल निर्माण
  • लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउस
  • प्रशासन, अकाउंट और आईटी सेवाएं
  • सिक्योरिटी और दूसरी सहायक सेवाएं

यह संभावित रोजगार क्षेत्रों की सूची है। कंपनी ने अभी इन पदों पर भर्ती घोषित नहीं की है। ITI, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग और औद्योगिक प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए वास्तविक अवसर कैंपस में आने वाली कंपनियों तथा स्थापित होने वाली इकाइयों पर निर्भर करेंगे।

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कैंपस में कौन-सी कंपनियां आएंगी?

Avaada Group और हरियाणा सरकार कैंपस में एंकर निवेशक, टेक्नोलॉजी पार्टनर और औद्योगिक कंपनियां लाने के लिए मिलकर काम करेंगे। जर्मनी, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, बेल्जियम, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में निवेश रोड शो आयोजित करने की योजना भी है।

अभी कैंपस में इकाई लगाने वाली किसी कंपनी की अंतिम सूची जारी नहीं हुई है। इसलिए किसी विशेष कंपनी की फैक्ट्री लगने या उसके द्वारा भर्ती शुरू करने का दावा करना जल्दबाजी होगी।

कैंपस में आने वाले निवेशकों की संख्या और उनकी औद्योगिक इकाइयों के आकार से ही यह निर्धारित होगा कि 5 हजार संभावित रोजगारों में कितने प्रत्यक्ष और कितने अप्रत्यक्ष अवसर होंगे।

Zero-CBAM ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस क्या है?

CBAM का पूरा नाम Carbon Border Adjustment Mechanism है। यूरोपीय संघ ने ज्यादा कार्बन उत्सर्जन के साथ तैयार होने वाले आयातित उत्पादों के लिए यह व्यवस्था लागू की है।

सरल शब्दों में समझें तो यूरोप में सामान बेचने वाली कंपनियों को यह बताना पड़ सकता है कि सामान तैयार करते समय कितना कार्बन उत्सर्जन हुआ। अधिक प्रदूषण के साथ बने उत्पादों पर अतिरिक्त कार्बन शुल्क लग सकता है।

हिसार के प्रस्तावित कैंपस में उद्योगों को विश्वसनीय, पता लगाए जा सकने योग्य और चौबीसों घंटे उपलब्ध नवीकरणीय ऊर्जा देने की योजना है। स्वच्छ ऊर्जा इस्तेमाल करने से कंपनियां अपने उत्पादों की कार्बन इंटेंसिटी कम कर सकेंगी और यूरोप जैसे बाजारों की पर्यावरण संबंधी शर्तें पूरी करने में उन्हें मदद मिलेगी।

कैंपस में किस तरह की सुविधाएं मिलेंगी?

प्रस्तावित औद्योगिक कैंपस में नवीकरणीय ऊर्जा, औद्योगिक बुनियादी ढांचे और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग को एक स्थान पर जोड़ने की योजना है।

हरियाणा सरकार की ओर से परियोजना को इन क्षेत्रों में सहयोग मिल सकता है—

  • औद्योगिक पार्क का दर्जा
  • जमीन से संबंधित सहायता
  • सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी
  • बिजली, पानी और दूसरी यूटिलिटी
  • साझा औद्योगिक बुनियादी ढांचा
  • राज्य की औद्योगिक नीति के तहत संभावित प्रोत्साहन
  • सिंगल विंडो से वैधानिक स्वीकृतियां

कंपनी का लक्ष्य ऐसे उद्योगों को कैंपस में लाना है जो अपनी उत्पादन लागत और कार्बन उत्सर्जन कम करते हुए अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए सामान तैयार करना चाहते हैं।

क्या यह हिसार के 2,988 एकड़ वाले IMC का हिस्सा होगा?

हिसार में महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के पास 2,988 एकड़ में Integrated Manufacturing Cluster यानी IMC विकसित करने की अलग योजना पहले से चल रही है। केंद्र सरकार के अनुसार इस क्लस्टर से 32,417 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने और बड़े स्तर पर रोजगार बनने का अनुमान है।

अब Avaada Group ने 300 एकड़ के ग्रीन इंडस्ट्रियल कैंपस का MOU किया है। उपलब्ध घोषणा में अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह 300 एकड़ का कैंपस एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित IMC के अंदर बनेगा या हिसार में इसके लिए अलग जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

इसलिए 2,988 एकड़ वाले IMC और 300 एकड़ के Avaada ग्रीन कैंपस के निवेश एवं रोजगार आंकड़ों को एक ही परियोजना का हिस्सा मानकर नहीं जोड़ना चाहिए। जमीन का स्थान घोषित होने के बाद दोनों परियोजनाओं के संबंध की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हिसार और आसपास के क्षेत्र को क्या फायदा होगा?

परियोजना धरातल पर उतरती है तो इसका लाभ केवल कैंपस में नौकरी पाने वाले कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। निर्माण सामग्री, ट्रांसपोर्ट, किराये के मकान, खानपान, स्थानीय दुकान, मशीन मरम्मत और दूसरी सेवाओं की मांग भी बढ़ सकती है।

ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां आने से स्थानीय ITI, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण तथा अप्रेंटिसशिप के अवसर भी बन सकते हैं। हालांकि इसके लिए कंपनी अथवा सरकार की ओर से अभी कोई अलग कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।

भर्ती के नाम पर धोखाधड़ी से रहें सावधान

फिलहाल परियोजना के लिए आधिकारिक भर्ती शुरू नहीं हुई है। यदि कोई व्यक्ति नौकरी दिलाने, रजिस्ट्रेशन करवाने या इंटरव्यू तय करवाने के नाम पर पैसे मांगता है तो उसके दावे की जांच जरूर करें।

भविष्य में भर्ती शुरू होने पर जानकारी Avaada Group की आधिकारिक वेबसाइट, कंपनी के सत्यापित सोशल मीडिया अकाउंट, हरियाणा सरकार अथवा कैंपस में स्थापित होने वाली कंपनियों के आधिकारिक माध्यमों से जारी हो सकती है।

अभी परियोजना का MOU हुआ है। निर्माण की तारीख, जमीन का सटीक स्थान, कैंपस में आने वाली कंपनियां और भर्ती कार्यक्रम घोषित होना बाकी है।

स्रोत: IMC हिसार पर केंद्र सरकार की आधिकारिक सूचना

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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