NEET पेपर लीक मामले पर बवाल के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, जंतर-मंतर पर जीत का जश्न
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और छात्र संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के लगातार बढ़ते दबाव के बीच शनिवार, 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना त्यागपत्र भेजा, हालांकि अभी तक इस त्यागपत्र को स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि जंतर-मंतर और देश भर में जो स्थिति बनी है, उसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
प्रधान ने अपने पत्र में कहा, “राष्ट्र विरोधी ताकतें इस स्थिति का लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे और हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं। इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।”
पूरा विवाद 3 मई, 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा से शुरू हुआ। इस परीक्षा में पेपर लीक की गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद सरकार ने परीक्षा को रद्द कर दिया और CBI को जांच सौंपी।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में बताया कि 21 जून, 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई और 16 जुलाई को परिणाम घोषित किए गए। साथ ही, अगले साल से इस परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि, प्रधान ने आरोप लगाया कि इस दौरान “जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की और बाधाएं खड़ी कीं”, जिससे उन्हें गहरी पीड़ा हुई।



