सिरसा के लाला जगन्नाथ जैन पब्लिक स्कूल में बच्चों को बांटे गए स्कूल बैग, संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने दिया आशीर्वाद
सिरसा के लाला जगन्नाथ जैन पब्लिक स्कूल में चिल्ड्रन्स हार्ट फाउंडेशन, विरार, मुंबई की ओर से शिक्षा का उपहार अभियान के तहत बच्चों को स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की गई। कार्यक्रम में मुख्य धाम डेरा भूमणशाह के गद्दीनशीन स…
सिरसा के रानियां रोड स्थित लाला जगन्नाथ जैन पब्लिक स्कूल का प्रांगण सोमवार को अलौकिक ऊर्जा और उत्साह से सराबोर रहा। चिल्ड्रन्स हार्ट फाउंडेशन, विरार, मुंबई ने शिक्षा का उपहार अभियान के तहत बच्चों को स्कूल बैग और स्टेशनरी वितरित की। कार्यक्रम में मुख्य धाम डेरा भूमणशाह के गद्दीनशीन संत बाबा ब्रह्मदास महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।
संत ब्रह्मदास महाराज ने क्या कहा
संत बाबा ब्रह्मदास महाराज ने अपने अमृत वचनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। हर बच्चे में अनंत संभावनाएं छिपी हैं, उन्हें सही दिशा और प्रेम मिले तो वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं।
संत ने कहा कि आज यहां जो बीज बोया जा रहा है, वह कल एक विशाल वटवृक्ष बनकर समाज को छाया देगा। उनके आशीर्वचनों से बच्चों और उपस्थित गणमान्य लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
आपके लिएः सिरसा के गांव झोरडऩाली में बड़ी कार्रवाई, जन स्वास्थ्य विभाग ने काटे 8 अवैध पेयजल कनेक्शन
मुख्य अतिथि ने बच्चों को राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राजकुमार संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने उद्बोधन में बच्चों को राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल स्कूल बैग नहीं, बल्कि भविष्य के निर्माताओं के लिए एक प्रेरणा है।

राजकुमार संघचालक ने बच्चों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई में मन लगाएं और देश के विकास में अपना योगदान दें। उनके विचारों ने बच्चों और अभिभावकों को गहराई से प्रभावित किया।
समाजसेवियों ने किया बच्चों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम की अध्यक्षता संदीप बंसल, सचिव मानव सेवा समिति, सिरसा ने की, जिन्होंने समाज सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथिगणों में प्रेम बजाज, प्रधान आढ़तियान एसोसिएशन सिरसा, अजय गोयल शेरपुरा, जिला अध्यक्ष हरियाणा व्यापार मंडल सिरसा और डॉ. नीरज हिसारिया, हिसारिया बच्चों का अस्पताल शामिल थे।
अतिथिगणों ने बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के बीच के गहरे संबंध को समझाया, जिससे बच्चों को अपने स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होने की प्रेरणा मिली। इन सभी महानुभावों ने अपने अनुभवों और प्रेरणादायक शब्दों से बच्चों के मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
चिल्ड्रन्स हार्ट फाउंडेशन की पहल
चिल्ड्रन्स हार्ट फाउंडेशन विरार मुंबई एक समर्पित संस्था है, जिसके प्रधान संदीप सिंह हैं। इस संस्था ने इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण प्रस्तुत किया।
संदीप सिंह ने भावुक होकर कहा कि संस्था का हर प्रयास बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे बड़ा हथियार है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
फाउंडेशन की स्कूल किट ड्राइव
फाउंडेशन की प्रमुख पहलों में से एक स्कूल किट ड्राइव है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को स्कूल बैग, नोटबुक, पेंसिल, ज्यामिति बॉक्स और अन्य आवश्यक स्टेशनरी प्रदान करती है。 इस पहल का उद्देश्य सरल लेकिन महत्वपूर्ण बाधाओं को दूर करना है, जिससे बच्चे बिना किसी रुकावट के स्कूल में भाग ले सकें और अपनी शिक्षा गरिमा के साथ जारी रख सकें。
संदीप सिंह के अनुसार, सार्थक बदलाव तब सबसे प्रभावी होता है जब वह सामूहिक भागीदारी से संचालित हो। फाउंडेशन ‘सामाजिक पारिस्थितिकी तंत्र’ के विचार को बढ़ावा देता है, जिसमें व्यक्ति, समुदाय और संगठन दीर्घकालिक विकास में सक्रिय रूप से योगदान देते हैं。
स्कूल प्रशासन ने जताया आभार
विद्यालय की प्राचार्या रितु मल्होत्रा और विद्यालय के अध्यक्ष ललित जैन (अध्यक्ष श्री जयदेव-सहदेव जैन चैरिटेबल ट्रस्ट, सिरसा) ने चिल्ड्रन्स हार्ट फाउंडेशन और सभी अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
रितु मल्होत्रा ने कहा कि आज का दिन विद्यालय के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को न केवल शैक्षणिक सामग्री मिलती है, बल्कि उन्हें समाज से जुड़ने और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
इस मौके पर बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों के गीत-संगीत और नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में चिल्ड्रन्स हार्ट फाउंडेशन की समर्पित टीम के सदस्यों अमरीन पेंटर, रीना नवले, राकेश नेमन और वैभव खेड़े का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।








