हरियाणा सरकार आज लाएगी 7255 करोड़ का अनुपूरक बजट, HKRN भर्ती पर भी सदन में होगी बड़ी चर्चा
हरियाणा सरकार आज 7,255 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी। शहरी-ग्रामीण विकास को सबसे ज्यादा राशि, HKRN भर्ती पर भी सदन में चर्चा होगी।
चंडीगढ़, 31 अगस्त। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 7,255.42 करोड़ रुपये की पहली अनुपूरक बजट मांगें पेश करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वित्त मंत्री के तौर पर इन्हें सदन में रखेंगे। कुल अतिरिक्त राशि में करीब 5,440.45 करोड़ रुपये राजस्व खर्च और 1,814.97 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए प्रस्तावित हैं। बजट मांगों पर चर्चा के बाद सदन में मतदान होगा।
विधानसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे शुरू होगी। प्रश्नकाल और शून्यकाल के बाद हरियाणा कौशल रोजगार निगम यानी HKRN के माध्यम से संविदा भर्ती में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी से जुड़े मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आने की संभावना है। इसके बाद अनुपूरक बजट मांगों को सदन के सामने रखा जाएगा। कांग्रेस के 17 विधायकों की ओर से HKRN का मुद्दा उठाया जाना है।
शहरी और ग्रामीण विकास के लिए सबसे ज्यादा 1797 करोड़
अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा प्रावधान शहरी और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों के लिए है। शहरी विकास, नगर निकाय, पंचायत, ग्रामीण विकास और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी से जुड़े कार्यों के लिए कुल 1,797.08 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग प्रस्तावित है।
इसमें लगभग 1,356.74 करोड़ रुपये राजस्व खर्च और 440.34 करोड़ रुपये पूंजीगत कामों के लिए रखे गए हैं। यह राशि शहरी विकास, स्थानीय निकायों, ग्रामीण क्षेत्र और पेयजल व जनस्वास्थ्य से जुड़े अतिरिक्त खर्चों को पूरा करने में इस्तेमाल की जा सकेगी।
ऊर्जा, उद्योग और सिंचाई के लिए 1441 करोड़ रुपये
ऊर्जा, उद्योग एवं वाणिज्य, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी MSME और सिंचाई से जुड़े विभागों के लिए 1,441.54 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
इसमें करीब 1,341.53 करोड़ रुपये राजस्व और 100.01 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च से जुड़े हैं। बिजली, उद्योग और सिंचाई जैसे क्षेत्र प्रदेश के बुनियादी ढांचे और आर्थिक गतिविधियों से सीधे जुड़े होने के कारण इस अनुपूरक बजट के बड़े हिस्से में शामिल हैं।
सहकारिता और खाद्य आपूर्ति को 1104 करोड़
सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों से जुड़े विभागों के लिए सरकार ने 1,104.25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग रखी है।
इसमें 904.25 करोड़ रुपये राजस्व खर्च और 200 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा वित्त विभाग से संबंधित अतिरिक्त आवश्यकताओं के लिए 1,005.03 करोड़ रुपये की मांग प्रस्तावित है। यह प्रावधान वित्त, ऋण नियंत्रण, आपूर्ति और सांख्यिकी से जुड़े खर्चों से संबंधित बताया गया है।
सड़क, परिवहन और विमानन के लिए 882 करोड़
लोक निर्माण विभाग, परिवहन और नागरिक विमानन से संबंधित अतिरिक्त खर्चों के लिए 882.18 करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
गृह, जेल और न्याय प्रशासन से जुड़े विभागों के लिए 665.18 करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसमें लगभग 323.67 करोड़ रुपये राजस्व और 341.51 करोड़ रुपये पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं।
इस राशि में गृह रक्षक, नागरिक सुरक्षा, जेल प्रशासन, उच्च न्यायालय, अभियोजन और कानूनी सेवाओं से जुड़े खर्च शामिल बताए गए हैं।
कृषि-स्वास्थ्य के लिए भी अतिरिक्त बजट
कृषि और इससे जुड़े विभागों के लिए 110.48 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग रखी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 176.57 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े खर्चों के लिए 40.53 करोड़ रुपये, सामाजिक न्याय एवं कल्याण के लिए 12.86 करोड़ रुपये, खेल, विरासत और पर्यटन के लिए 10 करोड़ रुपये तथा श्रम एवं कौशल विकास के लिए 9.01 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
कुल मिलाकर सरकार ने करीब 15 विभागीय क्षेत्रों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को इस अनुपूरक बजट में शामिल किया है।
HKRN भर्ती को लेकर सदन में क्यों होगी चर्चा
बजट के साथ सोमवार की कार्यवाही में Haryana Kaushal Rozgar Nigam भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहने वाला है। कांग्रेस विधायकों ने निगम के माध्यम से होने वाली contractual recruitment में कथित अनियमितताओं, पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार से जुड़े मामलों को सदन में उठाने की तैयारी की है।
कांग्रेस पहले भी HKRN के जरिए मिलने वाले रोजगार की प्रकृति, नौकरी की सुरक्षा और भर्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठाती रही है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भी रोजगार और HKRN को मानसून सत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया था।
इन आरोपों पर सरकार का पक्ष सदन में सामने आने की उम्मीद है। इसलिए HKRN को लेकर सोमवार की कार्यवाही केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहने के बजाय भर्ती व्यवस्था और संविदा कर्मचारियों की स्थिति पर सरकार की विस्तृत प्रतिक्रिया भी ला सकती है।
HKRN कर्मचारियों को 31 अक्टूबर तक मिल चुकी है राहत
HKRN का मुद्दा ऐसे समय सदन में आ रहा है जब सरकार ने निगम के माध्यम से विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में लगे contractual employees की सेवा अवधि हाल ही में बढ़ाई है।
इन कर्मचारियों की मौजूदा सेवा अवधि 31 अगस्त 2026 को समाप्त होनी थी, लेकिन मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी निर्देशों के बाद इसे दो महीने बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला विभागों, बोर्डों, निगमों और अन्य सरकारी संस्थाओं में HKRN के जरिए लगे संविदा कर्मचारियों पर लागू होगा।
इस फैसले से कर्मचारियों को फिलहाल दो महीने की सेवा अवधि का विस्तार मिला है, जबकि HKRN की भर्ती प्रक्रिया और रोजगार व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस अलग से विधानसभा में जारी रहेगी।
अनुपूरक बजट की जरूरत क्यों पड़ी
राज्य सरकार वित्त वर्ष की शुरुआत में अपना मुख्य बजट विधानसभा से मंजूर कराती है। इसके बाद अगर किसी विभाग के लिए स्वीकृत राशि कम पड़ जाए या वित्त वर्ष के दौरान किसी नई सेवा, योजना अथवा अतिरिक्त खर्च की जरूरत पैदा हो जाए तो सरकार विधानसभा में supplementary estimates पेश कर सकती है।
हरियाणा विधानसभा के नियमों के अनुसार अनुपूरक मांगों को भी सदन के सामने रखा जाता है और उन पर चर्चा तथा मतदान की प्रक्रिया होती है।
वर्ष 2026-27 के लिए सोमवार को पेश होने वाली 7,255.42 करोड़ रुपये की मांग पहली supplementary instalment है। इसके पारित होने के बाद संबंधित अतिरिक्त खर्च के लिए विधानसभा की मंजूरी का रास्ता साफ होगा।
सदन में कई नए विधेयक भी आएंगे
अनुपूरक बजट और HKRN के अलावा सोमवार को विधानसभा का legislative agenda भी काफी बड़ा रहेगा। सरकार की ओर से कई नए विधेयक पेश किए जाने हैं।
इनमें हरियाणा राज्य अल्पसंख्यक आयोग विधेयक, हरियाणा स्थानीय लेखा परीक्षा विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, हरियाणा राज्य महिला आयोग संशोधन विधेयक, GST संशोधन विधेयक और हरियाणा पंचायती राज संशोधन विधेयक जैसे प्रस्ताव शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा चार पहले पेश किए जा चुके विधेयकों पर आगे विचार की प्रक्रिया होगी। इनमें हरियाणा न्यायालय (संशोधन) विधेयक 2026, हरियाणा नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026, हरियाणा नगर निगम (संशोधन) विधेयक 2026 और हरियाणा बाबा श्री खाटू श्याम चुलकाना धाम पूजास्थल विधेयक 2026 शामिल हैं। इन चारों विधेयकों को मानसून सत्र के पहले दिन सदन में पुनर्स्थापित किया गया था।
सरकार जल प्रदूषण कानून में केंद्र के 2024 के संशोधन को हरियाणा में लागू करने से जुड़ा प्रस्ताव भी सदन में रख सकती है, जिसमें छोटे स्तर के कुछ उल्लंघनों के लिए आपराधिक प्रावधानों को तर्कसंगत बनाने की व्यवस्था शामिल है।
हरियाणा विधानसभा का मौजूदा अगस्त सत्र 27 अगस्त से शुरू हुआ है और इसका निर्धारित कार्यक्रम 1 सितंबर तक है। 31 अगस्त की बैठक में अनुपूरक बजट, HKRN और विधायी कामकाज के कारण सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है।








