सिरसा में 70 करोड़ से बदलेगा बिजली ढांचा, जाने कहां-कहां होगा काम
सिरसा जिले की डबवाली डिविजन में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 70 करोड़ रुपये के काम किए जा रहे हैं। रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पुरानी और जर्जर बिजली लाइनें, खंभे और नंगी तारें बदली जाएंगी। इसके साथ…

- करीब 1500 किलोमीटर पुरानी बिजली तारें बदलने का लक्ष्य
- पूरे क्षेत्र में लगभग 15 हजार नए पोल लगाए जाएंगे
- कालांवाली में लगभग 40 किलोमीटर नई तार बिछी
- प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2027
सिरसा जिले की डबवाली डिविजन में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए करीब 70 करोड़ रुपये के काम किए जा रहे हैं। रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत पुरानी और जर्जर बिजली लाइनें, खंभे और नंगी तारें बदली जाएंगी। इसके साथ ओवरलोड फीडरों का विभाजन कर नई केबल बिछाई जाएगी। प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के तहत डबवाली डिविजन में करीब 1500 किलोमीटर पुरानी बिजली तारें बदलने और लगभग 15 हजार नए पोल लगाने का लक्ष्य है। इसका फायदा डबवाली, कालांवाली, रोड़ी, चौटाला और बिज्जूवाली क्षेत्र के शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन क्षेत्रों में करीब 30 हजार शहरी और 93 हजार ग्रामीण बिजली उपभोक्ता हैं।
1500 किलोमीटर तारें बदलेंगी, 15 हजार नए पोल लगेंगे
बिजली ढांचे में सुधार के दौरान सबसे ज्यादा ध्यान पुराने पोल, नंगी तारों और जर्जर एचटी-एलटी लाइनों को बदलने पर है। जिन क्षेत्रों में फीडरों पर ज्यादा लोड है, वहां फीडर का विभाजन भी किया जाएगा।
डबवाली डिविजन में वितरण व्यवस्था सुधारने का काम केंद्र सरकार की रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत किया जा रहा है। हरियाणा सरकार के ई-टेंडर से जुड़े रिकॉर्ड में भी सिरसा सर्कल की डबवाली डिविजन में वितरण ढांचे के विकास का काम दर्ज है। इसके दायरे में डबवाली, कालांवाली और चौटाला क्षेत्र शामिल किए गए थे।
नई लाइनें और पोल लगने के बाद ओवरलोडिंग, बार-बार लाइन में खराबी और पुराने बिजली ढांचे से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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कालांवाली समेत इन गांवों में चल रहा काम
डबवाली डिविजन के अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 25 टीमें काम कर रही हैं। इनमें कालांवाली, डबवाली, रोड़ी, चौटाला और बिज्जूवाली क्षेत्र शामिल हैं।
कालांवाली क्षेत्र में शहर और गांव कालांवाली के अलावा तारूआना, तिलोकेवाला, माखा, असीर, हस्सू, चट्ठा, ओढ़ां, खोखर, देसूमलकाना, दादू, लक्कड़वाली, चोरमार खेड़ा, पिपली और रामपुरा ढाणी में काम चल रहा है।
इन क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से पुराने खंभे बदलने, नई लाइन बिछाने और बिजली नेटवर्क मजबूत करने का काम किया जा रहा है।
कालांवाली में 150 पोल लगे, 40 किलोमीटर नई तार बिछी
कालांवाली शहर और गांव में काम अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। यहां अब तक करीब 150 नए बिजली पोल लगाए जा चुके हैं और लगभग 40 किलोमीटर नई तार बिछाई गई है।
गर्मी और धान के सीजन के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसलिए कुछ समय काम की गति नियंत्रित रखी गई थी। अब काम में तेजी लाई गई है।
डीएचबीवीएन डबवाली के कार्यकारी अभियंता अनुज कुमार के मुताबिक ओवरलोड वाले क्षेत्रों और पुराने बिजली ढांचे को प्राथमिकता देकर काम किया जा रहा है। पूरे प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।








