12वीं के बाद क्या करें? सिरसा करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में छात्रों को मिले नौकरी और बिजनेस की पूरी जानकरी
जिला रोजगार कार्यालय, सिरसा द्वारा करियर गाइडेंस सप्ताह के तहत सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) बाजेका में एक करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला एमएसएमई केंद्र, सिरसा के…
जिला रोजगार कार्यालय की ओर से आयोजित करियर गाइडेंस सप्ताह के तहत सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) बाजेका में करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला एमएसएमई केंद्र, सिरसा के प्रतिनिधि एवं औद्योगिक विस्तार अधिकारी विकास बिश्नोई ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बदलते आर्थिक परिवेश में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में उपलब्ध अवसरों और सरकारी सहयोग की भूमिका को भी विस्तारपूर्वक समझाया।
अपने संबोधन में विकास बिश्नोई ने कहा कि 12वीं कक्षा के बाद केवल नौकरी ही नहीं, बल्कि उद्यमिता भी एक मजबूत और भविष्य उन्मुख करियर विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि आज स्वरोजगार केवल स्वयं के लिए आजीविका अर्जित करने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का भी प्रभावी जरिया बन चुका है।
इस दौरान विद्यार्थियों को विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), सेवा (सर्विसेज) और व्यापार (बिजनेस) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपना उद्यम स्थापित करने की संभावनाओं से परिचित कराया गया। साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की उपयोगिता और देश की आर्थिक विकास यात्रा में उसके महत्वपूर्ण योगदान पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया, कौशल विकास से जुड़े प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता प्राप्त करने के विकल्प तथा जिला एमएसएमई केंद्र द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली परामर्श एवं मार्गदर्शन सेवाओं के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया, ताकि इच्छुक युवा भविष्य में इन सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए उद्यम स्थापना, उपयुक्त व्यवसाय के चयन और सरकारी योजनाओं से जुड़े कई प्रश्न विशेषज्ञ के समक्ष रखे। सभी जिज्ञासाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक नौकरी के विकल्पों के साथ-साथ उद्यमिता को भी एक सम्मानजनक, आत्मनिर्भर और संभावनाओं से भरपूर करियर विकल्प के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।








