गुरुवार, 23 जुलाई 2026 | 04:47 ISTFollow us at:
हरियाणा

4 अगस्त को कुरुक्षेत्र में दर्शन रैली करेंगी मिड-डे-मील वर्कर्स, सिरसा से हजारों महिलाएं होंगी शामिल

मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा ने 4 अगस्त 2025 को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के सामने दर्शन रैली का आह्वान किया है। 11 साल से वेतन में बढ़ोतरी न होने, 10 महीने का मानदेय और कर्मचारियों को पक्का न करने जैसी मांग…

Mid Day Meal workers Haryana protest

मिड-डे-मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा की राज्य प्रधान राजरानी के नेतृत्व में रानियां ब्लॉक की मिड-डे-मील वर्कर्स ने शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को 4 अगस्त 2025 की हड़ताल का नोटिस सौंप दिया। यूनियन ने 4 अगस्त को कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के सामने दर्शन रैली आयोजित करने का ऐलान किया है। प्रदेश भर से मिड-डे-मील वर्कर्स एक दिन का खाना त्याग कर इस रैली में भाग लेंगी। जिला सिरसा से भी हजारों वर्कर्स कुरुक्षेत्र पहुंचेंगी।

11 साल से नहीं बढ़ा वेतन, मानदेय 7 हजार रुपये पर अटका

वर्कर्स ने आरोप लगाया कि पिछले 11 सालों से भाजपा सरकार ने मिड-डे-मील वर्कर्स की मजदूरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की। वर्तमान में मिड-डे-मील वर्कर्स को मात्र 7,000 रुपये मासिक मानदेय मिलता है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह राशि बेहद कम है। अप्रैल 2026 में हरियाणा सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15,220 रुपये कर दिया है, जबकि मिड-डे-मील वर्कर्स को अब भी 7,000 रुपये ही दिए जा रहे हैं।

वर्कर्स की 8 प्रमुख मांगें

यूनियन ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी हैं:

  1. 12 जनवरी 2025 को पंचकूला में हुआ समझौता तुरंत लागू किया जाए
  2. सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष की जाए और रिटायरमेंट पर 2 लाख रुपये दिए जाएं
  3. वेतन हर महीने की 5 तारीख तक दिया जाए
  4. 2020 से लंबित वर्दी भत्ते का भुगतान हो और नई वर्दी दी जाए
  5. कार्य के दौरान घायल होने पर इलाज का खर्च सरकार वहन करे
  6. हटाई गई वर्कर्स को दोबारा नियुक्त किया जाए
  7. हर महीने 2 दिन का अवकाश दिया जाए
  8. चारों लेबर कोड और नई शिक्षा नीति रद्द की जाए

यूनियन की एक और बड़ी मांग यह है कि वर्कर्स को 10 महीने के बजाय 12 महीने का वेतन मिले। फिलहाल उन्हें गर्मियों की छुट्टियों के दौरान वेतन नहीं मिलता, जबकि स्कूलों के अन्य सभी कर्मचारियों को 12 महीने का वेतन दिया जाता है।

स्कूल बंद करने और लेबर कोड का विरोध

यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति के नाम पर हरियाणा में लगभग 6,000 सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। स्कूलों के विलय और बंद होने से हजारों वर्कर्स के रोजगार पर खतरा मंडरा रहा है। कर्मचारियों को पक्का करने और सुविधाएं देने की बजाय 4 लेबर कोड लागू कर दिए गए हैं। वर्कर्स का कहना है कि स्कूलों में बच्चों को मिड-डे-मील देने की बजाय उनसे बेगार ली जा रही है।

4 अगस्त को क्या होगा

4 अगस्त 2025 को प्रदेश भर की मिड-डे-मील वर्कर्स कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के सामने एकत्रित होंगी। यूनियन ने इसे ‘दर्शन रैली’ का नाम दिया है। वर्कर्स एक दिन का खाना त्याग कर इस रैली में भाग लेंगी। सिरसा जिले से हजारों महिलाएं कुरुक्षेत्र पहुंचेंगी। इसके अलावा यूनियन ने 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन की भी चेतावनी दी है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कितनी हैं मिड-डे-मील वर्कर्स

प्रदेश में करीब 28 से 32 हजार मिड-डे-मील वर्कर्स हैं। ये महिलाएं सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन पकाती और परोसती हैं। इनमें से अधिकांश महिलाएं पिछले कई वर्षों से इस काम में लगी हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। यूनियन की मांग है कि वर्कर्स को नियमित किया जाए और उन्हें कम से कम 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए।

लेखक

Kuldeep Singh

कुलदीप सिंह LocalHaryana.com पर लेखक के रुप में कार्यरत हैं। वे वर्ष 2021 से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

और पढ़ें

सभी देखें