हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार ने कई मांगों पर सहमति जताई है। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने 31 अक्टूबर 2026 को पानीपत में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित 17 मांगों पर सहमति बनी। पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि इनमें से 12 मांगों से संबंधित जरूरी पत्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं। बैठक में कर्मचारियों के मानदेय, बकाया राशि, वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और अनुकंपा नियुक्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस व्यवस्था के तहत ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वार्षिक वर्दी भत्ता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये और धुलाई भत्ता 1,000 से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया है। इसके अलावा गांव से बाहर ड्यूटी लगाने पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता देने और ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान किया गया है।
वर्दी भत्ते में 2,000 और धुलाई भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की आर्थिक और कामकाज से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए दोनों वार्षिक भत्तों में बढ़ोतरी की है।
| भत्ते का प्रकार | पहले | अब |
|---|---|---|
| वार्षिक वर्दी भत्ता | 4,000 रुपये | 6,000 रुपये |
| वार्षिक धुलाई भत्ता | 1,000 रुपये | 1,500 रुपये |
| गांव से बाहर ड्यूटी भत्ता | — | 200 रुपये प्रतिदिन |
वर्दी भत्ते में सालाना 2,000 रुपये और धुलाई भत्ते में 500 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। गांव से बाहर ड्यूटी लगाने पर मिलने वाला 200 रुपये प्रतिदिन का भत्ता संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) कार्यालय के माध्यम से दिया जाएगा।
ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को मिलेगी नौकरी
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी फैसला किया गया है। यदि किसी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा मृतक कर्मचारी के परिवार को ईपीएफ और ईएसआई से जुड़े मृत्यु दावे की प्रक्रिया पूरी करने में संबंधित बीडीपीओ कार्यालय सहायता करेगा। इसका उद्देश्य परिवार को जरूरी विभागीय प्रक्रिया पूरी करने में मदद देना है, ताकि उन्हें अपने अधिकारों के लिए भटकना न पड़े।
18,100 रुपये मानदेय और बकाया राशि के भुगतान पर भी फैसला
ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के मानदेय को लेकर भी पहले महत्वपूर्ण आदेश जारी किए गए थे। जनवरी 2026 से मानदेय में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी करके इसे 16,000 से 18,100 रुपये प्रतिमाह किया गया था। इस बढ़ोतरी का 30 जून 2026 तक का बकाया एरियर एकमुश्त देने का फैसला भी हुआ था।
इसके अलावा अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के दौरान जिन पात्र कर्मचारियों का मानदेय काटा गया था, उसका भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग ने मानदेय भुगतान के लिए हर महीने की 7 तारीख तय की है। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं होने पर संबंधित मामले में 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है।
17 मांगों पर बनी सहमति, 12 के पत्र जारी
पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार और ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक में सभी 17 मांगों पर सहमति बनने की जानकारी दी गई। पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि 12 मांगों से जुड़े आवश्यक पत्र जारी किए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि बैठक से पहले यूनियन ने पांच मांगों के संबंध में पत्र जारी नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इनमें सुपरवाइजर लगाने, अनाज खरीदने के लिए 24,000 रुपये अग्रिम सहायता, यूनियन पदाधिकारियों के नाम दर्ज करने, 3 लाख रुपये रिटायरमेंट लाभ और हरियाणा पुलिस की तर्ज पर बीमा कवरेज की मांगें शामिल थीं। 31 अक्टूबर की बैठक के बाद सभी 17 मांगों पर सहमति की जानकारी दी गई, हालांकि शेष पांच मांगों के अलग-अलग लिखित आदेश जारी होने की समय-सीमा सार्वजनिक रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं की गई है।
यूनियन के प्रदेश प्रधान बसाऊ राम और महासचिव विनोद कुमार ने बैठक को सकारात्मक और संतोषजनक बताया। अब कर्मचारियों की बाकी मांगों पर विभागीय कार्रवाई और लिखित आदेशों का इंतजार रहेगा।










