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हरियाणा में 12 हजार गेस्ट टीचरों को पक्का करने की मांग तेज, गुरुग्राम में सत्याग्रह; प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी। Guest Teacher Protest

गुरुग्राम। हरियाणा में करीब 12 हजार गेस्ट टीचरों को पक्का करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को गुरुग्राम में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ और हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से जुड़े शिक्षकों ने एक दि…

गुरुग्राम में गेस्ट टीचरों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह किया।
गुरुग्राम में गेस्ट टीचरों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर एक दिवसीय सत्याग्रह की फोटो

गुरुग्राम। हरियाणा में करीब 12 हजार गेस्ट टीचरों को पक्का करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को गुरुग्राम में राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ और हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से जुड़े शिक्षकों ने एक दिवसीय सत्याग्रह किया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि उन्हें केवल जॉब सिक्योरिटी नहीं, बल्कि नियमित करने का आदेश चाहिए। मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशभर में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई है।

यह आंदोलन ऐसे समय हुआ है जब गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण को लेकर सरकार के स्तर पर भी नई प्रक्रिया शुरू हुई है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग को जिलों से गेस्ट टीचरों के सेवा रिकॉर्ड और नियमितीकरण के केस मंगवाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी सभी 12 हजार गेस्ट टीचरों को पक्का करने का कोई अंतिम सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है।

3 साल वाली पॉलिसी लागू करने की मांग कर रहे गेस्ट टीचर

राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ के जिला प्रधान सुनील कुमार ने कहा कि गेस्ट टीचर वर्ष 2014 की उस नियमितीकरण पॉलिसी का लाभ मांग रहे हैं, जिसमें तय शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए तीन साल की सेवा का प्रावधान था। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को पात्र गेस्ट टीचरों के मामलों पर इस पॉलिसी के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 के Madan Singh बनाम State of Haryana फैसले में हरियाणा सरकार की 16 और 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीतियों को वैध माना था। इन नीतियों में सिर्फ तीन साल की नौकरी पूरी करना ही शर्त नहीं थी। कर्मचारी को 28 मई 2014 तक कम से कम तीन साल सेवा पूरी करने के साथ पद के लिए जरूरी योग्यता भी पूरी करनी थी और नियुक्ति स्वीकृत खाली पद पर होनी जरूरी थी। आरक्षण नीति समेत दूसरी तय शर्तें भी लागू थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने इसके उलट 7 जुलाई 2014 की दस साल वाली नियमितीकरण नीतियों को वैध नहीं माना। अदालत ने जून 2014 वाली नीतियों के तहत पात्र कर्मचारियों को लाभ देने की बात कही, लेकिन पात्रता की जांच सक्षम अधिकारी को करनी है।

क्या सभी 12 हजार गेस्ट टीचर अब अपने आप पक्के हो जाएंगे?

अभी ऐसा नहीं है। अदालत के फैसलों के बाद नियमितीकरण का रास्ता जरूर खुला है, लेकिन इससे हरियाणा के सभी करीब 12 हजार गेस्ट टीचर अपने आप नियमित नहीं हो गए हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में 2026 के दौरान गेस्ट टीचरों से जुड़े कई मामले पहुंचे हैं। अदालत ने अलग-अलग मामलों में सरकार को 2014 की नियमितीकरण नीति और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए संबंधित शिक्षकों के दावों पर निर्णय लेने को कहा है। सितंबर में भी हाई कोर्ट ने गेस्ट टीचरों के एक मामले में सक्षम अधिकारी को उनका दावा जांचकर दो महीने में कारण सहित आदेश देने के निर्देश दिए थे।

इसका मतलब यह है कि हर शिक्षक का नियुक्ति रिकॉर्ड, सेवा अवधि, योग्यता और स्वीकृत पद जैसी शर्तें देखी जा सकती हैं। पात्र पाए जाने वाले शिक्षकों के मामले आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन अभी पूरे प्रदेश के 12 हजार शिक्षकों के लिए एक साथ नियमितीकरण का अंतिम आदेश नहीं आया है।

जिलों से मंगवाए जाएंगे गेस्ट टीचरों के केस

गेस्ट टीचरों के आंदोलन के बीच सरकार की ओर से भी प्रक्रिया आगे बढ़ी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को निर्देश दिया है कि जिलों से गेस्ट टीचरों के नियमितीकरण से जुड़े केस और सेवा रिकॉर्ड मंगवाए जाएं।

इन मामलों को वर्ष 2014 की नीति के अनुसार जांचने और पात्र केस सक्षम अधिकारी के सामने रखने को कहा गया है। यानी इस समय प्रक्रिया रिकॉर्ड जांच और पात्रता तय करने के स्तर पर है, अंतिम नियमितीकरण आदेश के स्तर पर नहीं।

जॉब सिक्योरिटी मिली है, फिर पक्का करने की मांग क्यों?

हरियाणा सरकार वर्ष 2019 में Haryana Guest Teachers Service Act लेकर आई थी। इसके तहत पहले से काम कर रहे गेस्ट टीचरों को 58 वर्ष की उम्र तक सेवा में बने रहने की सुरक्षा दी गई थी। कानून में उनके मानदेय में साल में दो बार महंगाई भत्ते के अनुपात में बढ़ोतरी का प्रावधान भी है।

इसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने 22 सितंबर 2026 को Haryana Guest Teachers Service Rules, 2026 भी जारी किए हैं।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनकी मांग केवल नौकरी सुरक्षित रखने की नहीं है। वे नियमित शिक्षक का दर्जा चाहते हैं। इसी वजह से गुरुग्राम के सत्याग्रह में पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें जॉब सिक्योरिटी का आश्वासन नहीं, बल्कि नियमितीकरण का आदेश चाहिए।

हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश सचिव सत्यनारायण यादव ने पुराने राजनीतिक वादे का भी जिक्र किया। गेस्ट टीचर संगठन पहले भी दावा करते रहे हैं कि वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने सरकार बनने पर उन्हें नियमित करने का वादा किया था। इस पुराने वादे का जिक्र विधानसभा और हाल की शिक्षक संगठनों की मांगों में भी सामने आया है।

कुरुक्षेत्र में गेस्ट टीचरों का अनिश्चितकालीन धरना भी जारी है। 29 सितंबर तक यह धरना 99वें दिन में पहुंच चुका था। शिक्षक संगठनों ने कहा है कि सरकार ने नियमितीकरण पर जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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