लोकल हरियाणा, यमुनानगर, 30 अक्टूबर 2026। हरियाणा में गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) में सिर्फ 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी से नाराज किसानों ने शुक्रवार को यमुनानगर जिले के रादौर में प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी गुट) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला भी फूंका ।
किसान सुबह से ही रादौर की अनाज मंडी में जुटने लगे थे। हाथों में संगठन के झंडे और बैनर लेकर उन्होंने रोष मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के आवास के पास पहुंचे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा ।
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600 रुपये प्रति क्विंटल की मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान लंबे समय से गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने केवल 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुले बाजार में चीनी की कीमत 70 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच रही है, तो गन्ना उत्पादक किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य क्यों नहीं मिल रहा।
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लागत के मुकाबले बढ़ोतरी बहुत कम
किसान नेताओं के मुताबिक खेती में इस्तेमाल होने वाले डीजल, खाद, कीटनाशक और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गन्ने के दाम में 15 रुपये की बढ़ोतरी किसानों की लागत के मुकाबले नाकाफी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बढ़ोतरी को ‘दिवाली का तोहफा’ बताया, जो किसानों को रास नहीं आया ।
प्रदेश स्तरीय महापंचायत की तैयारी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द गन्ने के मूल्य में संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसान नेताओं ने बताया कि इस मुद्दे पर जल्द ही प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें आगे की रणनीति तय होगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में प्रदेश की शुगर मिलों का कामकाज ठप करने और खेतों में खड़ी गन्ने की फसल उखाड़ने तक का विकल्प खुला रखा गया है ।







