हरियाणा में गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग तेज, गोहाना बैठक के बाद आंदोलन की चेतावनी
लोकल हरियाणा, गोहाना। हरियाणा में गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग तेज हो गई है। सोनीपत के गोहाना में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को हुई गन्ना किसानों की राज्य स्तरीय बैठक में बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया गया।…

- गन्ने का भाव 600 रुपये करने की मांग
- गोहाना में 19 सितंबर को हुई किसान बैठक
- समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
लोकल हरियाणा, गोहाना। हरियाणा में गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग तेज हो गई है। सोनीपत के गोहाना में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को हुई गन्ना किसानों की राज्य स्तरीय बैठक में बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया गया।
किसानों ने सरकार से गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। पेराई सत्र 2025-26 में हरियाणा में अगेती किस्म का राज्य परामर्श मूल्य 415 रुपये और दूसरी किस्मों का भाव 408 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान संगठन अब इसे 600 रुपये करने की मांग कर रहे हैं। संगठन ने इस मुद्दे पर सहकारिता मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलने की बात भी कही है।
415 रुपये से 600 रुपये भाव क्यों मांग रहे किसान?
अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल के मुताबिक गन्ने की खेती में खाद, मजदूरी, सिंचाई, डीजल, दवा और कटाई का खर्च लगातार बढ़ा है। उनका कहना है कि मौजूदा भाव पर किसानों को लागत के मुकाबले पर्याप्त आमदनी नहीं मिल रही।
किसान संगठन ने इसी आधार पर गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग रखी है। यह किसानों की मांग है, सरकार की ओर से घोषित नया गन्ना भाव नहीं है।
हरियाणा में 2025-26 के लिए अगेती किस्म का भाव 415 रुपये और पछेती किस्म का 408 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया था। अगेती किस्म के मौजूदा भाव से किसानों की मांग 185 रुपये प्रति क्विंटल ज्यादा है।
इससे पहले भी किसानों की 600 रुपये भाव की मांग पर LocalHaryana की रिपोर्ट में बताया गया था। गोहाना की नई बैठक के बाद इस मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी अब नया अपडेट है।
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केंद्र ने 2026-27 के लिए 365 रुपये एफआरपी तय की
गन्ने के भाव में एक जरूरी फर्क समझना जरूरी है। केंद्र सरकार ने चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। यह 10.25 प्रतिशत की बेसिक रिकवरी पर लागू होगा और नया सीजन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।
हरियाणा जैसे राज्य केंद्र की एफआरपी से ऊपर अपना राज्य परामर्श मूल्य यानी एसएपी तय कर सकते हैं। इसलिए किसानों की 600 रुपये की मांग हरियाणा में अगले पेराई सत्र के राज्य भाव को बढ़ाने से जुड़ी है।
केंद्र की 365 रुपये एफआरपी और हरियाणा का राज्य भाव एक ही चीज नहीं हैं। इसी कारण 600 रुपये की मांग को नया सरकारी रेट मानना सही नहीं होगा।
भाव के अलावा किसानों ने ये मांगें भी रखीं
गोहाना बैठक में किसानों ने केवल गन्ने का भाव बढ़ाने की मांग नहीं उठाई। किसान संगठनों ने चीनी मिलों से फसल पर स्प्रे के लिए आधुनिक ड्रोन उपलब्ध कराने और गन्ना कटाई के लिए मशीनरी देने की मांग भी रखी।
जलभराव और बीमारी से फसल खराब होने पर मुआवजा, उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन राशि और गन्ने की सप्लाई में होने वाली देरी की समस्या का समाधान भी बैठक में उठाया गया।
किसान संगठन का कहना है कि पहले सरकार और संबंधित विभागों के सामने मांगें रखी जाएंगी। समाधान नहीं मिलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। रोहतक में हुई किसान सभा की राज्य समिति की बैठक में 2 अक्टूबर से गांवों में पंचायतें करने और विधायकों को ज्ञापन देने का फैसला भी किया गया है।







