लोकल हरियाणा, सिरसा, 29 अक्टूबर 2026: हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेताओं सरदार निशान सिंह, जयवीर घणघस, अनूप लाठर, मुकेश दुहन और रमेश मलिक ने प्रेस को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश के सभी डिपो में गेट मीटिंग के माध्यम से 5-6 नवंबर की राज्यव्यापी हड़ताल की तैयारी की जा रही है। संघ ने सभी सदस्यों से इन गेट मीटिंग में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ हड़ताल में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।
यह हड़ताल मुख्य रूप से कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगों पर केंद्रित है, जिनमें निजी परमिट और निजीकरण पर पूर्ण रोक, हर गांव में सरकारी बस सेवा, राज्य की जनसंख्या के अनुपात में रोडवेज बेड़े में नई सरकारी बसों को शामिल करना, चालक, परिचालक सहित सभी रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती, इलेक्ट्रिक बस और किलोमीटर योजना के अनुबंध को रद्द करना, और 8 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ हुई बैठक में सहमत मांगों को तुरंत लागू करना शामिल है।
मंत्री अनिल विज से बातचीत में 12 प्रमुख मांगों पर बनी थी सहमति
बताया जा रहा है कि कर्मचारियों ने पहले 5-6 सितंबर को हड़ताल का नोटिस दिया था, जिसके बाद 8 सितंबर को परिवहन मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत में 12 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने एक महीने के भीतर संबंधित परिपत्र जारी करने का वादा किया था, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी परिपत्र जारी नहीं हुए, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। संयुक्त मोर्चा ने सरकार को 4 नवंबर तक परिपत्र जारी करने की स्पष्ट समय सीमा दी है, अन्यथा 5-6 नवंबर को राज्यव्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
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सरकार पर निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप
कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार निजी परमिट, किलोमीटर योजना और महंगी अनुबंधित इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से रोडवेज व्यवस्था को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि निजी बसों में वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और महिलाओं को सरकारी बसों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। मोर्चा ने यह भी मांग की कि स्कूल-कॉलेज के समय छात्राओं के लिए विशेष सरकारी बसें चलाई जाएं ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।










