हरियाणा में निर्माण श्रमिकों के लिए नया पोर्टल तैयार, कन्यादान-छात्रवृत्ति समेत इन योजनाओं का मिलेगा फटाफट लाभ
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कन्यादान, छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में आ रही परेशानी कम करने की तैयारी है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की अध…

- निर्माण श्रमिकों के लिए नया पोर्टल तैयार
- रिन्यूवल फीस जल्द ऑनलाइन जमा कर सकेंगे श्रमिक
- कन्यादान-छात्रवृत्ति के लंबित मामलों पर भी निर्देश
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को कन्यादान, छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में आ रही परेशानी कम करने की तैयारी है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का नया पोर्टल तैयार कर योजनाओं को अपडेट कर दिया गया है। आने वाले दिनों में श्रमिक रिन्यूवल की फीस भी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। बैठक में लंबित लाभ, पंजीकरण और 90 दिन की वेरिफिकेशन से जुड़ी समस्याएं उठने पर पात्र श्रमिकों के मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए गए।
हरियाणा लेबर कार्ड का रिन्यूवल अब ऑनलाइन कैसे होगा?
अभी सबसे बड़ा नया बदलाव रिन्यूवल से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक नया पोर्टल तैयार है और इसमें बोर्ड की योजनाओं को अपडेट किया गया है। अगले चरण में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को रिन्यूवल की फीस ऑनलाइन जमा करने की सुविधा दी जाएगी। इससे फीस जमा कराने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।
हालांकि अभी इसे “ऑनलाइन रिन्यूवल शुरू हो गया” नहीं माना जाना चाहिए। 30 सितंबर की बैठक में सुविधा आने वाले दिनों में उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसकी शुरुआत की कोई निश्चित तारीख अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण पोर्टल सरकार ने 18 जून 2026 को दोबारा खोला था। उस समय भी श्रमिकों को अपना पंजीकरण या रिन्यूवल तय दस्तावेज और वेरिफिकेशन के साथ पूरा करने को कहा गया था।
लेबर कार्ड के लिए 90 दिन की वेरिफिकेशन क्या है?
निर्माण श्रमिकों के लिए 90 दिन की वेरिफिकेशन सबसे जरूरी शर्तों में शामिल है। बोर्ड के पोर्टल पर उपलब्ध प्रक्रिया के अनुसार योजनाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिक को पिछले वर्ष में कम से कम 90 दिन निर्माण कार्य करने का प्रमाण देना होता है। इस काम के अनुभव की जानकारी पोर्टल पर दर्ज होने और अधिकारी से मंजूर होने के बाद ही श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकता है।
इसी 90 दिन की वेरिफिकेशन को लेकर मजदूर प्रतिनिधियों ने ताजा बैठक में भी समस्या रखी। मंत्री ने कहा कि पंजीकरण और वेरिफिकेशन प्रक्रिया में जहां सुधार की जरूरत होगी, वहां जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
नए पंजीकरण में परिवार पहचान पत्र और आधार के जरिए वेरिफिकेशन की व्यवस्था भी है। इसके बाद काम का अनुभव और दूसरे जरूरी विवरण दर्ज किए जाते हैं।
कन्यादान-छात्रवृत्ति समेत किन योजनाओं का लाभ मिलता है?
हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पंजीकृत निर्माण श्रमिक और उसके परिवार के लिए कई योजनाएं चलाता है। इनमें बेटी की शादी के लिए कन्यादान और विवाह सहायता, बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षा सहायता और छात्रवृत्ति, मातृत्व-पितृत्व सहायता, पेंशन, दुर्घटना सहायता, गंभीर बीमारी के इलाज, औजार, साइकिल और मकान निर्माण या खरीद से जुड़ी सहायता जैसी योजनाएं शामिल हैं। सरकार पहले भी इन योजनाओं का ब्यौरा जारी कर चुकी है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए अलग-अलग कक्षाओं और कोर्स के हिसाब से आर्थिक सहायता का प्रावधान है। बोर्ड की योजना में पढ़ाई के लिए सालाना सहायता के साथ 10वीं और 12वीं में अच्छे अंक हासिल करने वाले बच्चों को अलग प्रोत्साहन भी दिया जाता है।
पितृत्व लाभ योजना में पात्र पंजीकृत पुरुष निर्माण श्रमिक को बच्चे के जन्म पर 21 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। इस योजना के लिए कम से कम एक वर्ष की नियमित सदस्यता सहित अलग पात्रता शर्तें लागू होती हैं।
30 सितंबर की बैठक में खास तौर पर कन्यादान और छात्रवृत्ति सहित लंबित कल्याणकारी लाभों का मुद्दा उठाया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र श्रमिकों के मामलों में अनावश्यक परेशानी न हो और लंबित मामलों का नियमों के अनुसार समाधान किया जाए। इसका मतलब यह नहीं है कि हर लंबित आवेदन अपने आप मंजूर होगा; पहले संबंधित योजना की पात्रता और दस्तावेज पूरे होने जरूरी रहेंगे।
प्रवासी मजदूरों और लंबित आवेदनों का क्या होगा?
बैठक में प्रवासी निर्माण मजदूरों के पंजीकरण का मुद्दा भी मजदूर प्रतिनिधियों ने उठाया। सरकार ने कहा है कि पात्र मजदूरों को योजनाओं से जोड़ने और पंजीकरण की प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को दूर करने पर काम किया जाएगा। हालांकि प्रवासी श्रमिकों के लिए किसी नई अलग पात्रता या अंतिम तारीख की घोषणा इस बैठक में नहीं की गई है।
जिला स्तर पर श्रमिकों की शिकायतें सुनने के लिए बनाई गई कमेटियों के काम की भी समीक्षा की गई। मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का समाधान जहां तक संभव हो जिला स्तर पर किया जाए, ताकि श्रमिकों को अपनी समस्या लेकर बार-बार चंडीगढ़ या दूसरे कार्यालयों तक न जाना पड़े।
बोर्ड की ऑनलाइन व्यवस्था में पंजीकृत श्रमिक अपने आवेदन से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवेदन अंत्योदय सरल पोर्टल के माध्यम से भी किया जाता है और पात्र लाभ सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है।








