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बरेली कॉलेज में नो-व्हीकल विवाद बढ़ा, 1 से 5 अक्टूबर तक शिक्षक-कर्मचारी करेंगे धरना प्रदर्शन

बरेली। बरेली कॉलेज में नो-व्हीकल व्यवस्था को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों और कॉलेज प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब धरना-प्रदर्शन तक पहुंच गया है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को शिक्षक-कर्मचारी संघ ने तय किया कि मांगों पर समाधान नह…

Bareilly College No Vehicle Teachers Employees Protest October 2026
Bareilly College No Vehicle Teachers Employees Protest October 2026
खबर की मुख्य बातें
  • 1 से 5 अक्टूबर तक प्राचार्य कार्यालय के सामने धरना
  • 10 सितंबर के नो-व्हीकल आदेश से चल रहा विवाद
  • समाधान नहीं निकला तो आगे आंदोलन तेज करने की तैयारी

बरेली। बरेली कॉलेज में नो-व्हीकल व्यवस्था को लेकर शिक्षक-कर्मचारियों और कॉलेज प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब धरना-प्रदर्शन तक पहुंच गया है। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को शिक्षक-कर्मचारी संघ ने तय किया कि मांगों पर समाधान नहीं निकलने के विरोध में 1 से 5 अक्टूबर तक कार्य दिवसों में प्राचार्य कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। शिक्षक-कर्मचारी कॉलेज परिसर में वाहनों के प्रवेश और पार्किंग व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से इस मामले में विरोध और बातचीत के दौर चल रहे थे, लेकिन सहमति नहीं बनने के बाद अब आंदोलन का अगला चरण शुरू किया जा रहा है।

1 से 5 अक्टूबर तक चलेगा धरना प्रदर्शन

शिक्षक-कर्मचारी संघ के सदस्य तय कार्यक्रम के अनुसार प्राचार्य कार्यालय के सामने बैठकर नो-व्हीकल व्यवस्था का विरोध करेंगे। संघ की मुख्य मांग शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने वाहनों के साथ निर्धारित पार्किंग स्थल तक जाने की सुविधा देने की है।

अगर 5 अक्टूबर तक इस मामले में समाधान नहीं निकलता है तो संघ आगे आंदोलन तेज करने पर फैसला कर सकता है। इससे पहले भी शिक्षक और कर्मचारी कॉलेज प्रशासन के सामने अपनी मांग रख चुके हैं।

10 सितंबर के आदेश से शुरू हुआ नो-व्हीकल विवाद

बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने 10 सितंबर को कॉलेज परिसर को नो-व्हीकल जोन बनाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद पूर्वी गेट से आने वाले शिक्षक, शोधार्थी और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए वाणिज्य विभाग के सामने पार्किंग तय की गई, जबकि पश्चिमी तरफ से आने वालों के वाहन पश्चिमी बैरियर के पास खड़े करने की व्यवस्था बनाई गई।

आदेश के बाद शिक्षक संघ ने इसका विरोध शुरू कर दिया। शिक्षकों का कहना था कि बैरियर के पास वाहन खड़ा करने से उन्हें अपने विभाग तक पैदल जाना पड़ता है और इससे खास तौर पर वरिष्ठ एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले शिक्षकों को दिक्कत होती है। गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को वाहन अंदर ले जाने की छूट दी गई थी।

काली पट्टी से विरोध के बाद भी नहीं निकला समाधान

नो-व्हीकल व्यवस्था के विरोध में शिक्षक और कर्मचारी इससे पहले काली पट्टी बांधकर भी काम कर चुके हैं। 19 सितंबर को हुए विरोध में उन्होंने वाहन पार्किंग का आदेश वापस लेने की मांग की थी। शिक्षकों ने स्विमिंग पूल रोड संकरी होने और गृहविज्ञान विभाग के निर्माण कार्य के कारण आवागमन में परेशानी की बात भी उठाई थी।

इसके बाद प्रबंध समिति और कॉलेज प्रशासन के साथ बातचीत भी हुई। 26 सितंबर की वार्ता में वाणिज्य विभाग के सामने वाले गेट को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रखने और शिक्षकों के वाहनों को पार्किंग स्थल तक जाने की व्यवस्था पर समाधान निकालने की बात हुई थी। 29 सितंबर को शिक्षक-कर्मचारी संघ ने इस मुद्दे को लेकर फिर प्राचार्य से मुलाकात की।

अब बातचीत के बाद भी मामला नहीं सुलझने पर शिक्षक-कर्मचारियों ने 1 अक्टूबर से धरना शुरू करने का फैसला किया है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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