मंगलवार, 29 सितम्बर 2026 | 05:37 ISTहमसे जुड़ें:
खेती-बाड़ी

हरियाणा में भावांतर का पूरा भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश, फसल और मंडी बिक्री का सत्यापन होगा मजबूत

चंडीगढ़। हरियाणा में उद्यान विभाग की भावांतर भरपाई योजना के तहत पात्र किसानों को पूरी राशि दिलाने के लिए फसल उत्पादन और मंडी में बिक्री के सत्यापन को मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 28 सितंबर को…

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कृषि और उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कृषि और उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए
खबर की मुख्य बातें
  • भावांतर में उत्पादन और मंडी बिक्री की जांच मजबूत होगी।
  • उद्यान विभाग के भावांतर दावे पर 21 दिन की समयसीमा।
  • कीट चेतावनी सिस्टम और कृषि रिसर्च सेंटर के निर्देश।

चंडीगढ़। हरियाणा में उद्यान विभाग की भावांतर भरपाई योजना के तहत पात्र किसानों को पूरी राशि दिलाने के लिए फसल उत्पादन और मंडी में बिक्री के सत्यापन को मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 28 सितंबर को विभागों की समीक्षा बैठक में इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सत्यापन की प्रक्रिया सरल और प्रभावी होनी चाहिए, ताकि योजना का लाभ वास्तविक रूप से पात्र किसानों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिस फसल पर भावांतर का लाभ दिया जा रहा है, उसके उत्पादन और बिक्री की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। इसके लिए फसल की मैपिंग और जांच के तरीके बेहतर बनाए जाएं। किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार पूरी पेमेंट मिलना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण, उद्यान, कृषि विपणन बोर्ड, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन और सहकारिता विभाग के कामकाज की समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, किसानों और आमजन को मिलने वाले वास्तविक लाभ से तय होनी चाहिए।

भावांतर के दावे पर पहले से तय है 21 दिन की समयसीमा

उद्यान विभाग की भावांतर भरपाई योजना में भुगतान के लिए समयसीमा पहले से अधिसूचित है। 21 मई 2025 के हरियाणा राजपत्र के अनुसार, दावा जमा होने के बाद प्रोत्साहन राशि देने के लिए 21 दिन निर्धारित हैं। इस सेवा के लिए जिला उद्यान अधिकारी जिम्मेदार हैं।

अधिसूचना में संयुक्त निदेशक, उद्यान को पहली और अतिरिक्त निदेशक, उद्यान को दूसरी शिकायत निवारण अथॉरिटी बनाया गया है। अब समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने पात्रता के अनुसार पूरे भुगतान के साथ उत्पादन और बिक्री की जांच को बेहतर करने पर जोर दिया है।

खाद वितरण में 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी बचत का ब्योरा

कृषि विभाग ने बैठक में बताया कि उर्वरक वितरण प्रणाली को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल से जोड़ा गया है। इस व्यवस्था में सत्यापित और पंजीकृत किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से खाद दी जा रही है। विभाग के अनुसार, इससे यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी तथा औद्योगिक दुरुपयोग रोकने में मदद मिली है।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 के बीच इस व्यवस्था से 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी की बचत दर्ज की गई।

यह व्यवस्था पिछले साल शुरू हुई थी। लोक भवन के पहले जारी आधिकारिक विवरण में 8 अक्टूबर 2025 से 11 फरवरी 2026 तक केंद्र सरकार की उर्वरक सब्सिडी में 716 करोड़ रुपये की बचत बताई गई थी। सोमवार की समीक्षा में सितंबर तक का अद्यतन आंकड़ा रखा गया।

कीटों की समय पर चेतावनी के लिए बनेगा ई-पेस्ट सिस्टम

मुख्यमंत्री ने किसानों को फसलों में कीटों का प्रकोप शुरू होने पर समय रहते आगाह करने के लिए ई-पेस्ट सर्विलांस सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक नियमित रूप से खेतों में जाएं और किसानों से बातचीत करें। सुंडी तथा दूसरे कीटों और रोगों की समस्या कहां से शुरू हुई, उसके कारण क्या हैं और रोकथाम कैसे हो सकती है—इन पहलुओं पर वैज्ञानिक शोध किया जाए। समय रहते पहचान के साथ किसानों तक जरूरी जानकारी और समाधान पहुंचाए जाएं।

गन्ने सहित बेहतर फसल किस्मों के लिए रिसर्च सेंटर

नई कृषि तकनीक और फसल किस्मों पर काम करने के लिए एक विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। इसमें गन्ने सहित अन्य फसलों की बेहतर किस्में विकसित करने, उत्पादन बढ़ाने और गुणवत्ता सुधारने पर शोध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि अनुसंधान को खेतों की वास्तविक जरूरतों से जोड़ा जाए, ताकि उसका सीधा लाभ किसानों को मिल सके। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी कहा।

जीवन सुरक्षा योजना में पूरा देय लाभ दिलाने पर जोर

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की मुख्यमंत्री किसान एवं खेतीहर मजदूर जीवन सुरक्षा योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संबंधित बीमा एजेंसी के माध्यम से पात्र किसानों को पूरा देय लाभ मिलना सुनिश्चित हो।

उन्होंने योजना की प्रभावी निगरानी करने और वास्तविक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

और पढ़ें

सभी देखें