हरियाणा में किसानों को बाजरे का मिलेगा 2900 रुपये भाव, 1 अक्टूबर से शुरू होगी खरीद
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में बाजरा उत्पादक किसानों को इस बार 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित किया जाएगा। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बाजरा और धान खरीद की…

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में बाजरा उत्पादक किसानों को इस बार 2,900 रुपये प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित किया जाएगा। शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बाजरा और धान खरीद की समीक्षा बैठक में सरकार ने बाजरे की खरीद 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का फैसला लिया। इसके बाद 2,900 रुपये तक का बाकी अंतर भावांतर भरपाई योजना के तहत दिया जाएगा। खरीफ सीजन 2026-27 के लिए बाजरे की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होकर 15 नवंबर तक चलेगी।
2300 में खरीद के बाद कैसे मिलेंगे पूरे 2900 रुपये
केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए बाजरे का एमएसपी पिछले साल के 2,775 रुपये से बढ़ाकर 2,900 रुपये प्रति क्विंटल किया है। हरियाणा सरकार ने अब तय किया है कि सरकारी खरीद में बाजरा 2,300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लिया जाएगा और एमएसपी तक का अंतर भावांतर भरपाई योजना से दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार अगर किसान को खुले बाजार में 2,300 रुपये से ज्यादा भाव मिलता है तो किसान के वास्तविक बिक्री मूल्य और 2,900 रुपये के बीच का अंतर दिया जाएगा। 25 सितंबर की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने प्रदेश में बाजरे का मौजूदा औसत खुले बाजार भाव करीब 2,235 रुपये प्रति क्विंटल बताया था।
पिछले साल भी सरकार ने शुरुआत में बाजरे की खरीद दर 2,150 रुपये और बाद में 2,200 रुपये प्रति क्विंटल रखी थी। एमएसपी और बिक्री मूल्य के बीच का अंतर किसानों को अलग से दिया गया था।
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1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होगी बाजरा खरीद
खरीफ खरीद कार्यक्रम के तहत बाजरे की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होगी और 15 नवंबर 2026 तक चलेगी। महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल, अटेली, महेंद्रगढ़, कनीना, नांगल चौधरी और सतनाली सहित छह मंडियों में खरीद की तैयारी की गई है।
प्रदेश स्तर पर ताजा खरीद कार्यक्रम में 17 जिलों में 84 मंडियों और खरीद केंद्रों के जरिए बाजरा खरीद की व्यवस्था बताई गई है। इनमें भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, नूंह, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकूला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा और सोनीपत शामिल हैं।
सिरसा जिले में डबवाली, रानियां, सिरसा, ऐलनाबाद, गोरीवाला और चौटाला को बाजरा खरीद केंद्र बनाया गया है।
किन किसानों को मिलेगा भावांतर का लाभ
बाजरा खरीद और भावांतर भरपाई का लाभ मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर दर्ज फसल रिकॉर्ड के आधार पर दिया जाएगा। इसके साथ मंडी में बिक्री के बाद जारी होने वाला जे-फॉर्म भी भुगतान प्रक्रिया का आधार होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसल के एरिया वेरिफिकेशन का काम प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
खरीफ-2026 में फसल पंजीकरण से छूटे किसानों के लिए मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल को 21 से 27 सितंबर 2026 तक दोबारा खोला गया है।
मंडियों में खरीद के दौरान किसानों की पहचान और फसल रिकॉर्ड की जांच भी की जाएगी। भिवानी में बाजरा लेकर पहुंचने वाले किसान के वाहन की जियो टैगिंग, फोटो और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद गेट पास जारी करने की व्यवस्था की गई है।
दूसरे राज्यों से आने वाले बाजरे पर रहेगी निगरानी
25 सितंबर की बैठक में मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों से कम कीमत का बाजरा हरियाणा में लाकर बेचने की कोशिशों को रोकने के निर्देश भी दिए। सीमावर्ती जिलों में प्रशासन और पुलिस की मदद से निगरानी करने को कहा गया है।
मंडियों में कैमरे, जियो फेंसिंग, अतिरिक्त खरीद केंद्र और किसानों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।








