हरियाणा में पराली प्रबंधन पर 1200 रुपये प्रति एकड़, 10 लाख किसानों का खाते में पहुंचे 907 करोड़
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में धान की कटाई का सीजन शुरू होने के बीच किसानों के लिए पराली प्रबंधन पर 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान जारी है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को कुरुक्षेत्र के लाडवा में आयोज…

- पराली प्रबंधन पर 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन
- 10 लाख किसानों को अब तक 907 करोड़ की सब्सिडी
- धान कटाई के साथ जिलों में बढ़ाई गई निगरानी
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में धान की कटाई का सीजन शुरू होने के बीच किसानों के लिए पराली प्रबंधन पर 1,200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि का प्रावधान जारी है। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को कुरुक्षेत्र के लाडवा में आयोजित सीआईआई के पांचवें ‘इनोवेटिव फार्मर्स मीट’ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि पराली के उचित प्रबंधन और गांठ बनाने के लिए किसानों को यह राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इस मद में अब तक 10 लाख किसानों को 907 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। यह आंकड़ा अब तक दिए गए लाभ का है, सिर्फ मौजूदा खरीफ सीजन का नहीं।
पराली खेत में मिलाने या गांठ बनाने पर मिलता है लाभ
सरकार की मौजूदा व्यवस्था के तहत धान की पराली का इन-सीटू या एक्स-सीटू प्रबंधन करने वाले किसानों के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि रखी गई है। इन-सीटू में फसल अवशेष को मशीनों की मदद से खेत में ही मिलाया जाता है, जबकि एक्स-सीटू में पराली की गांठ बनाकर खेत से बाहर उपयोग के लिए भेजी जाती है। सितंबर में कृषि विभाग और जिला प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार 1,200 रुपये प्रति एकड़ की राशी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने लाडवा में कहा कि छोटे किसान हर महंगी कृषि मशीन अकेले नहीं खरीद सकते। इसके लिए किसान समूहों, सहकारी समितियों और किराये पर मशीन देने वाले केंद्रों के जरिए एक मशीन का लाभ अधिक किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
हरियाणा के आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों और कस्टम हायरिंग सेंटरों को वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक 1.10 लाख से ज्यादा मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई थीं। इनमें सुपर सीडर, हैप्पी सीडर सहित पराली प्रबंधन में इस्तेमाल होने वाली अलग-अलग मशीनें शामिल हैं।
धान कटाई के साथ पराली पर निगरानी भी शुरू
सितंबर में प्रदेश के अलग-अलग जिलों ने धान की कटाई को देखते हुए फसल अवशेष प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। करनाल प्रशासन ने खरीफ 2026 के लिए गांव स्तर तक निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि और पराली प्रबंधन के उपलब्ध की जानकारी देने को कहा गया है।
पलवल में भी 23 सितंबर को अधिकारियों को धान कटाई के दौरान गांव-गांव जाकर किसानों को बेलर और दूसरी मशीनों से पराली प्रबंधन के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर भी निगरानी रखने को कहा गया है।
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907 करोड़ का आंकड़ा सिर्फ इस साल का नहीं
23 सितंबर की आधिकारिक सूचना में मुख्यमंत्री ने कहा कि पराली के उचित प्रबंधन और गांठ बनाने के लिए 1,200 रुपये प्रति एकड़ का प्रावधान है और अब तक 10 लाख किसानों को 907 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है।
इस बीच हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होनी है। मंडी खरीद, एमएसपी, नमी और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी LocalHaryana की धान खरीद रिपोर्ट में उपलब्ध है। हरियाणा धान खरीद 2026: MSP, नमी और भुगतान प्रक्रिया








