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हरियाणा में फ्री होगी फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों, मिट्टी और पानी की जांच

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा के बागवानी किसानों को अब फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के साथ मिट्टी और पानी के नमूनों की जांच के लिए फीस नहीं देनी होगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार, 25 सित…

हरियाणा में फल-सब्जियों के कीटनाशक अवशेष की जांच करती प्रयोगशाला
हरियाणा में फल-सब्जियों के कीटनाशक अवशेष की जांच करती प्रयोगशाला

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा के बागवानी किसानों को अब फल-सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों के साथ मिट्टी और पानी के नमूनों की जांच के लिए फीस नहीं देनी होगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह सुविधा शुरू कर दी गई है।

जांच उद्यान विभाग की सिरसा और घरौंडा (करनाल) स्थित एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में होगी। फल-सब्जियों के नमूनों में 10 प्रमुख कीटनाशकों के अवशेषों की जांच की जाएगी।

इन 10 कीटनाशकों के अवशेषों की होगी जांच

प्रयोगशालाओं में आधुनिक तकनीक से फल और सब्जियों में मेट्रिब्यूजिन, मेटालैक्सिल, क्लोरपाइरीफॉस, डाइकोफॉल, पेंडिमेथालिन, पेनकोनाजोल, प्रोफेनोफॉस, लैम्डा-साइहलोथ्रिन, परमेथ्रिन और डेल्टामेथ्रिन के अवशेषों की जांच की जाएगी।

इस जांच से किसान यह पता कर सकेंगे कि उनकी उपज में इन कीटनाशकों का अवशेष मौजूद है या नहीं। विभाग का उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के सही इस्तेमाल की जानकारी देना और फल-सब्जियों की गुणवत्ता तथा खाद्य सुरक्षा में सुधार करना है।

फल-सब्जियों के अलावा किसान मिट्टी और कृषि में इस्तेमाल होने वाले पानी के नमूने भी जांच के लिए दे सकेंगे। हालांकि मिट्टी और पानी की जांच में किन-किन पैरामीटर को शामिल किया जाएगा, इसकी अलग सूची जारी जानकारी में नहीं दी गई है।

किसान ऐसे करा सकेंगे मुफ्त जांच

जांच का फायदा लेने के लिए किसान को मेरी फसल-मेरा ब्योरा रजिस्ट्रेशन का विवरण देना होगा। इसके साथ पहचान के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी में से कोई दस्तावेज और मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी मांगी गई है।

सैंपल लेने और जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया के लिए किसान अपने जिले के जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकेंगे। इसके बाद नमूने सिरसा या घरौंडा स्थित गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला में भेजे जाएंगे। दोनों प्रयोगशालाएं एनएबीएल से मान्यता प्राप्त हैं।

किसानों को क्या फायदा होगा

फल और सब्जियों में जरूरत से ज्यादा कीटनाशक इस्तेमाल होने पर उसके अवशेष उपज में रह सकते हैं। मुफ्त लैब जांच से किसान को अपनी उपज की स्थिति वैज्ञानिक तरीके से पता चल सकेगी और आगे की फसल में कीटनाशकों के इस्तेमाल को उसी अनुसार नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

विभाग के अनुसार इस पहल का मकसद बागवानी उपज की गुणवत्ता सुधारने के साथ उपभोक्ताओं तक सुरक्षित फल-सब्जियां पहुंचाने में मदद करना है। अभी तक ऐसी जांच के खर्च के कारण छोटे किसानों के लिए नियमित रूप से सैंपल जांच कराना मुश्किल हो सकता था, जबकि नई व्यवस्था में निर्धारित जांच के लिए उनसे फीस नहीं ली जाएगी।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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