गुरुग्राम, 30 अक्टूबर 2026। हरियाणा में अब जमीन से जुड़ी जानकारी के लिए लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) ने जियोस्टैक ईओडीबी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) ऐप तैयार किया है, जिसमें प्रदेश के 1.70 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध कराए गए हैं। इस ऐप से किसान मोबाइल पर ही अपनी जमीन का नक्शा, खसरा नंबर और मालिकाना जानकारी देख सकेंगे ।
यह ऐप प्रदेश के सभी 23 जिलों, 143 तहसीलों और 7,103 गांवों के भूमि रिकॉर्ड को एक ही मंच पर जोड़ता है। इसमें सेटेलाइट डेटा, डिजिटल मैप और जीआईएस तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे जमीन की भौगोलिक स्थिति और उससे जुड़े रिकॉर्ड एक क्लिक में देखे जा सकते हैं ।
खसरा नंबर से जमीन खोजना होगा आसान
ऐप में खसरा और भूखंड (पार्सल) की जानकारी खोजने की सुविधा दी गई है। इसके जरिए संबंधित जमीन का विवरण और मालिकाना जानकारी देखी जा सकती है। साथ ही इंटरैक्टिव जीआईएस मानचित्र की सुविधा भी है, जिसमें नक्शे पर जमीन की स्थिति और भौगोलिक पहचान की जा सकती है । ऐप में जमीन का क्षेत्रफल और दो स्थानों के बीच की दूरी मापने की सुविधा भी दी गई है। भौगोलिक निर्देशांकों के आधार पर भी जमीन की पहचान की जा सकती है ।
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किसानों से लेकर उद्यमियों तक को फायदा
इस डिजिटल मंच से किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी घर बैठे मिल सकेगी। आम नागरिक किसी संपत्ति की भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड देख सकेंगे। वहीं, उद्यमियों को किसी स्थान पर उद्योग या व्यवसाय शुरू करने से पहले जमीन की स्थिति और लोकेशन का आकलन करने में मदद मिलेगी ।
हरसेक का मकसद भूमि संबंधी बिखरे हुए आंकड़ों को एक डिजिटल मंच पर लाकर पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी कामकाज को तथ्य आधारित बनाना है। इससे भूमि प्रबंधन, विकास कार्यों की योजना और विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में भी मदद मिल सकती है ।
ऐप फिलहाल एंड्रॉयड यूजर्स के लिए उपलब्ध है और इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है ।







