गुरुग्राम तीर्थंकर वनम्। अरावली की पहाड़ियों के बीच गुरुग्राम में देश का पहला तीर्थंकर वनम् तैयार किया गया है। शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने इसका उद्घाटन किया। परिसर में 24 ध्यान स्थल बनाए गए हैं और प्रत्येक स्थल जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से एक को समर्पित है।
हरियाणा सरकार के जनसंपर्क विभाग के PRMS पोर्टल से मिली जानकारी के अनुसार तीर्थंकर वनम् को जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) गुरुग्राम चैप्टर फाउंडेशन ने विकसित किया है। इसके लिए हरियाणा वन विभाग के साथ एमओयू के तहत सरकारी वन भूमि आवंटित की गई है। उद्घाटन के बाद राव नरबीर सिंह ने परिसर का दौरा किया और पौधारोपण भी किया।
24 तीर्थंकरों के नाम पर बने 24 ध्यान स्थल
तीर्थंकर वनम् की सबसे खास बात यहां बनाए गए 24 ध्यान स्थल हैं। हर ध्यान स्थल जैन धर्म के एक तीर्थंकर को समर्पित किया गया है। इस तरह पूरे परिसर को पर्यावरण संरक्षण के साथ जैन समाज के 24 तीर्थंकरों की स्मृति से जोड़ा गया है।
पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि इस तरह की पहल लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने की प्रेरणा देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वन्य जीव सुरक्षा सप्ताह भी मनाया जा रहा है और ऐसे समय में वन संरक्षण से जुड़ी यह शुरुआत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों और सामाजिक संस्थाओं से भी पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के काम में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
वन विभाग की सरकारी जमीन पर विकसित हुआ वनम्
तीर्थंकर वनम् अरावली क्षेत्र में हरियाणा वन विभाग की सरकारी वन भूमि पर विकसित किया गया है। इसके लिए वन विभाग और जीतो के बीच एमओयू किया गया था। इसी समझौते के तहत मिली जमीन पर संस्था ने इस परिसर को तैयार किया है।
कार्यक्रम में चीफ फॉरेस्ट कंजर्वेटर सुभाष यादव के साथ जीतो और विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के साथ ध्यान और प्रकृति से जुड़ा स्थान तैयार करना है।

गुरुग्राम से शुरू हुई 24 तीर्थंकर वनम् बनाने की पहल
गुरुग्राम में शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहेगा। जीतो एनवायरमेंट एंड सस्टेनिबिलिटी के चेयरमैन आनंद चोरडिया के मुताबिक संस्था देश में कुल 24 तीर्थंकर वनम् स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में ही 24 तीर्थंकर वनम् बनाने की योजना है और इसकी शुरुआत गुरुग्राम से की गई है। यानी गुरुग्राम में तैयार हुआ यह वनम् आगे देश के दूसरे हिस्सों में बनने वाले इसी तरह के परिसरों के लिए पहला प्रोजेक्ट है।




