हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल होगी खत्म? दोपहर 3 बजे होगी बैठक
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल खत्म होने की उम्मीद के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि विवाद का समाधान लगभग हो चुका है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल व…

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल खत्म होने की उम्मीद के बीच ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने दावा किया है कि विवाद का समाधान लगभग हो चुका है। उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील की है। शुक्रवार दोपहर 3 बजे कर्मचारी नेताओं के साथ प्रस्तावित बैठक में आगे का रास्ता तय होने की उम्मीद है। हालांकि, बैठक से पहले हड़ताल खत्म होने की कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।
विज बोले- मामले का समाधान लगभग हो चुका
पंचकूला स्थित भाजपा के प्रदेश कार्यालय पंचकमल पहुंचे अनिल विज ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री से भी बातचीत की गई है और सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कर्मचारी नेताओं से चर्चा के बाद समाधान निकलने की उम्मीद जताई।
बैठक में कर्मचारियों की आपत्तियों और सरकार की ओर से उठाए जा रहे कानूनी कदमों पर चर्चा हो सकती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि कर्मचारी संगठन हड़ताल वापस लेने पर सहमत होते हैं या आंदोलन जारी रखने का फैसला करते हैं।
धारा 108 के तहत आगे बढ़ने की तैयारी
विवाद की मुख्य वजह हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) का गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का फैसला है। आयोग ने 19 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया था।
विज ने कहा कि सरकार विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 108 से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ रही है। इस धारा के तहत राज्य सरकार जनहित से जुड़े नीतिगत मामलों में नियामक आयोग को निर्देश दे सकती है। हालांकि, आयोग के आदेश पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह संबंधित कानूनी प्रक्रिया और सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा।
सरकार इससे पहले भी आयोग के फैसले को विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती देने और आदेश पर रोक मांगने की बात कह चुकी है।
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निजी कंपनी के लाइसेंस के विरोध में हड़ताल
बिजली कर्मचारी और अभियंता गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं। कर्मचारी संगठन इस लाइसेंस को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
हड़ताल के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति और तकनीकी शिकायतों के निपटारे पर असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं। ऐसे में सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच प्रस्तावित बातचीत उपभोक्ताओं के लिए भी अहम है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शुक्रवार दोपहर 3 बजे होने वाली बैठक में सहमति बनती है या नहीं। बैठक के नतीजे से हड़ताल की आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।








