शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 | 05:42 ISTहमसे जुड़ें:
खेती-बाड़ी

हरियाणा में खाद की कालाबाजारी और अवैध टैगिंग पर लगेगी रोक, उपमंडल स्तर पर गठित होंगी निगरानी समितियां

पलवल, 22 अक्टूबर। किसानों को खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और ज्यादा कीमत वसूलने पर रोक लगाने के लिए पलवल जिले में उपमंडल स्तर पर निगरानी समितियों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया…

पलवल, होडल और हथीन में खाद की कालाबाजारी और जबरन टैगिंग रोकने की तैयारी है
पलवल, होडल और हथीन में खाद की कालाबाजारी और जबरन टैगिंग रोकने की तैयारी है

पलवल, 22 अक्टूबर। किसानों को खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और ज्यादा कीमत वसूलने पर रोक लगाने के लिए पलवल जिले में उपमंडल स्तर पर निगरानी समितियों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

उपायुक्त डॉ. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के निर्देश पर ये समितियां पलवल, होडल और हथीन में खाद की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था पर नजर रखेंगी। खाद विक्रेताओं के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और बिलों की जांच होगी। किसानों को खाद के साथ बीज, कीटनाशक या दूसरे कृषि उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने पर भी कार्रवाई की जाएगी।

पलवल, होडल और हथीन में बनेंगी निगरानी समितियां

प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक उपमंडल में संबंधित उपमंडल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। इसमें उपमंडल कृषि अधिकारी, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक और संबंधित खंडों के कृषि अधिकारी शामिल होंगे।

इन समितियों का मुख्य काम खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखना होगा, ताकि किसानों को जरूरत के समय खाद लेने में परेशानी न हो और निर्धारित दरों पर खाद मिल सके।

यह भी पढ़ें: हरियाणा में सरसों-गेहूं की बिजाई के लिए नहीं होगी खाद की कमी, अक्टूबर में आएगी 7.50 लाख मीट्रिक टन खाद

खाद की दुकानों पर होगी स्टॉक और बिलों की जांच

समितियां खाद विक्रेताओं, खुदरा दुकानों और वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेंगी। इस दौरान खाद के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, बिल और दूसरे जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।

जांच में कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने, बिना अनुमति खाद बेचने या खाद को अवैध तरीके से दूसरी जगह भेजने की शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

खाद के साथ बीज या कीटनाशक खरीदने की जबरदस्ती नहीं चलेगी

निगरानी समितियां यह भी देखेंगी कि कोई विक्रेता खाद खरीदने वाले किसान पर बीज, कीटनाशक या दूसरा कृषि उत्पाद खरीदने का दबाव तो नहीं बना रहा है।

किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध करवाना और जबरन टैगिंग रोकना भी समिति की जिम्मेदारी होगी। हरियाणा जनसंपर्क विभाग ने 19 अक्टूबर की आधिकारिक विज्ञप्ति में भी खाद के साथ दूसरे उत्पाद खरीदने के लिए किसानों को मजबूर नहीं करने के निर्देश दिए थे।

किसानों की शिकायतों पर होगी कार्रवाई

समितियां खाद की मांग, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा करेंगी। किसानों की शिकायतों पर कार्रवाई करना और निरीक्षण के दौरान मिली अनियमितताओं का ब्योरा तैयार करना भी इनके काम में शामिल होगा।

निरीक्षण और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय में भेजी जाएगी। संबंधित एसडीएम समिति के सदस्यों के बीच तालमेल बनाएंगे, ताकि खाद की बिक्री और वितरण पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।

किसानों को खाद खरीदते समय बिल लेना चाहिए। यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से ज्यादा पैसे मांगता है या खाद के साथ दूसरा उत्पाद खरीदने का दबाव बनाता है, तो किसान संबंधित कृषि अधिकारी या उपमंडल अधिकारी के समक्ष शिकायत रख सकते हैं।

फिलहाल पलवल जिला प्रशासन की ओर से तीनों उपमंडलों में निगरानी समितियों के गठन का प्रस्ताव तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

और पढ़ें

सभी देखें