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हरियाणा में सरसों बीज वितरण के लिए वैल्यू चेन पार्टनर्स के लिए मांगे आवेदन, 25 अक्टूबर तक मौका

चरखी दादरी, 23 अक्टूबर। रबी सीजन 2026-27 में जिले के किसानों को सरसों का प्रमाणित बीज मुहैया कराने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वैल्यू चेन पार्टनर्स और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के चयन के लिए आवेदन मांगे है…

चरखी दादरी वैल्यू चेन पार्टनर आवेदन
चरखी दादरी वैल्यू चेन पार्टनर आवेदन

चरखी दादरी, 23 अक्टूबर। रबी सीजन 2026-27 में जिले के किसानों को सरसों का प्रमाणित बीज मुहैया कराने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने वैल्यू चेन पार्टनर्स और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के चयन के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक संस्थाएं 25 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक अपना आवेदन उपनिदेशक, कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, चरखी दादरी कार्यालय में जमा कर सकती हैं। आवेदन संबंधित उपमंडल कृषि अधिकारी के माध्यम से भेजे जाने हैं। अधूरे या तय तारीख के बाद पहुंचे आवेदनों पर विचार नहीं होगा।

यह चयन राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत हो रहा है, जिसके जरिए सरसों और तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हरियाणा के कई जिलों में पहले भी इसी तरह वीसीपी और एफपीओ के जरिए प्रमाणित बीज बांटे जा चुके हैं। फतेहाबाद में तो इसी सीजन किसानों को मुफ्त प्रमाणित सरसों बीज भी वितरित किया जा रहा है, जिससे साफ है कि सरकार बीज की गुणवत्ता और आपूर्ति दोनों पर साथ में काम कर रही है।

किसे मिलेगा मौका: पात्रता की शर्तें

आवेदन करने वाली संस्था को कंपनी अधिनियम या सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत होना जरूरी है। साथ ही उसका कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। भिवानी और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में जारी सूचनाओं में भी यही शर्तें रखी गई हैं, इसलिए चरखी दादरी में भी इन्हीं मानकों पर आवेदन मांगे गए हैं。

किसान उत्पादक संगठनों के लिए कुछ अलग शर्तें भी हैं:

कम से कम 200 किसान संगठन के साथ पंजीकृत होने चाहिए।

पिछले तीन वर्षों का औसत वार्षिक टर्नओवर 9 लाख रुपये से अधिक होना चाहिए।

किसानों की ओर से कम से कम 3 लाख रुपये की इक्विटी होनी चाहिए।

जिन संगठनों को सरकार से इक्विटी ग्रांट मिली है, उन्हें चयन में प्राथमिकता दी जाएगी।

आवेदन के साथ क्या-क्या लगाना है

आवेदन पत्र के साथ संस्था का प्रोफाइल, अनुभव का प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज लगाने होंगे। यह प्रक्रिया महेंद्रगढ़ में भी इसी तरह अपनाई गई थी, जहां उपमंडल कृषि अधिकारी के माध्यम से उपनिदेशक कार्यालय में आवेदन जमा कराए गए। दस्तावेजों की पूरी सूची और शर्तों का ब्योरा संबंधित उपमंडल कृषि अधिकारी कार्यालय से सीधे लिया जा सकता है।

चयन कैसे होगा

आवेदकों की छंटनी जिला तिलहन मिशन और जिला कार्यकारी समिति तय मानदंडों के आधार पर करेगी। यह समिति पहले भी ऐसे चयन करती रही है और भिवानी में भी इसी व्यवस्था का जिक्र है। चयन के बाद संबंधित संस्थाएं जिले में सरसों के प्रमाणित बीज का वितरण करेंगी।

जिन संस्थाओं का बीज वितरण नेटवर्क पहले से है या जो जिले में सक्रिय हैं, उनके लिए यह एक सीधा मौका है। आखिरी तारीख 25 अक्टूबर है और समय शाम 5 बजे तक का है। इसलिए देरी न करें और अपने दस्तावेज पहले ही तैयार रखें।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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