हरियाणा में महिलाओं को डेयरी संचालन के लिए मिलेगी 500 गज पंचायती जमीन और शेड, अब तक 1,005 आवेदन
चंडीगढ़। हरियाणा में डेयरी का काम करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को पंचायती जमीन के साथ ढके हुए शेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 28 सितंबर को विभागों की समीक्षा बैठक में…

- डेयरी के इच्छुक महिला समूहों को शेड देने के निर्देश।
- प्रति 100 वर्ग गज सालाना 1,000 रुपये किराया।
- पांच साल के पट्टे पर जमीन की व्यवस्था।
चंडीगढ़। हरियाणा में डेयरी का काम करने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों को पंचायती जमीन के साथ ढके हुए शेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार, 28 सितंबर को विभागों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों से इस पर काम करने को कहा। समूहों को डेयरी के लिए शामलात देह भूमि पट्टे पर देने की योजना में अब तक 1,005 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
योजना के तहत पात्र समूहों को अधिकतम 500 वर्ग गज तक जमीन पांच साल के पट्टे पर देने की व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक महिलाओं को डेयरी गतिविधियों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें गांव में स्वरोजगार मिले और दूध का उत्पादन तथा गुणवत्ता बेहतर हो।
जमीन के साथ डेयरी शेड उपलब्ध कराने पर जोर
विकास एवं पंचायत विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने डेयरी का काम करने के इच्छुक स्वयं सहायता समूहों के लिए शेड बनाकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। यह कदम पहले से चल रही जमीन पट्टे पर देने की योजना के साथ समूहों को डेयरी संचालन की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता से पहुंचे। विभागों का काम केवल आंकड़े बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए; ग्रामीण महिलाओं और दूसरे लाभार्थियों को जमीनी स्तर पर फायदा मिलना जरूरी है।
पांच साल का पट्टा, प्रति 100 वर्ग गज सालाना 1,000 रुपये
शामलात देह भूमि ग्राम पंचायत की सामुदायिक जमीन होती है। डेयरी योजना में इसे समूहों को पांच साल के लिए पट्टे पर उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रति 100 वर्ग गज के लिए सालाना 1,000 रुपये की दर निर्धारित है।
इस दर से 500 वर्ग गज जमीन का सालाना किराया 5,000 रुपये बनता है। जमीन की सीमा, पट्टे की अवधि और किराये की व्यवस्था पहले से योजना का हिस्सा हैं। सोमवार की समीक्षा में प्राप्त आवेदनों की स्थिति रखने के साथ शेड उपलब्ध कराने के नए निर्देश दिए गए।
पंजीकृत महिला समूहों के लिए है योजना
पंचायती जमीन पर डेयरी स्थापित करने की योजना हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों और उनकी सहकारी समितियों के लिए है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाएं समूह के रूप में डेयरी का काम कर सकती हैं।
जून में भी विभागों को संयुक्त कार्ययोजना बनाने के निर्देश मिले थे
महिला समूहों को डेयरी से जोड़ने की पहल पर पहले भी विभागीय स्तर पर काम शुरू हुआ था। सरकार की 2 जून 2026 की आधिकारिक समीक्षा जानकारी में मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों को डेयरी और हरे चारे की खेती के लिए पंचायती जमीन पट्टे पर देने पर जोर दिया था। इसके लिए पंचायती राज, पशुपालन और सहकारिता विभागों को संयुक्त कार्ययोजना बनाने को कहा गया था।
अब सितंबर की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने अधिक समूहों को डेयरी गतिविधियों से जोड़ने और इच्छुक समूहों को शेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं के रोजगार के साथ गांवों में उच्च गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।








