हरियाणा में 6.5 लाख पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्री पूरी, अब डीड से इंतकाल तक ऑनलाइन; जानें नई प्रक्रिया
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की पेपरलेस व्यवस्था के तहत अब तक 6.5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश…

- नई व्यवस्था में 6.5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्री पूरी
- करीब 140 तरह की डीड के स्टैंडर्ड फॉर्मेट तैयार
- रजिस्ट्री के बाद इंतकाल की प्रक्रिया अपने आप शुरू
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री की पेपरलेस व्यवस्था के तहत अब तक 6.5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं। बुधवार, 30 सितंबर 2026 को वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने चंडीगढ़ में आयोजित एक सम्मेलन में इसका ताजा आंकड़ा साझा किया।
सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए करीब 140 तरह की डीड के स्टैंडर्ड फॉर्मेट तैयार किए हैं। नई व्यवस्था में डिजिटल सिग्नेचर, सुरक्षित वेरिफिकेशन और आधार से जुड़ी प्रक्रिया शामिल की गई है। पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के साथ रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया भी आपस में जोड़ दी गई है।
हरियाणा में पेपरलेस प्रॉपर्टी रजिस्ट्री कैसे होती है?
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में नागरिक प्रॉपर्टी और डीड से जुड़ी जानकारी सिस्टम में दर्ज कर दस्तावेज ऑनलाइन जांच के लिए भेज सकता है। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में आधार आधारित पहचान, डिजिटल सिग्नेचर और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है। संबंधित जमीन पर धारा 7-ए या दूसरी जरूरी मंजूरी लागू होने की जानकारी भी सिस्टम में दिखाई देने की व्यवस्था की गई है।
डीड तैयार और जांच होने के बाद रजिस्ट्री के लिए अपॉइंटमेंट लिया जाता है। सरकार ने सामान्य अपॉइंटमेंट के साथ तत्काल श्रेणी की सुविधा भी शुरू की है। प्रॉपर्टी के प्रकार और डीड के हिसाब से जरूरी दस्तावेज अलग हो सकते हैं, इसलिए किसी एक सामान्य दस्तावेज सूची को सभी रजिस्ट्रियों पर लागू नहीं माना जाना चाहिए।
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क्या प्रॉपर्टी रजिस्ट्री के लिए डीड राइटर जरूरी है?
नहीं। नई व्यवस्था में नागरिक डीड खुद भी भर सकता है। जरूरत पड़ने पर डीड राइटर, वकील या हेल्पडेस्क की मदद ली जा सकती है, लेकिन इनमें से किसी बिचौलिये की सेवा लेना अनिवार्य नहीं है। सरकार के ताजा अपडेट के मुताबिक नागरिक अपनी जानकारी दर्ज करके दस्तावेज सीधे जांच के लिए भेज सकते हैं।
राजस्व विभाग की वेबसाइट पर सेल, गिफ्ट, रिलीज, मॉर्गेज, लीज, पार्टिशन और दूसरी कई तरह की डीड के फॉर्मेट भी उपलब्ध कराए गए हैं।
रजिस्ट्री के बाद इंतकाल के लिए अलग आवेदन करना होगा?
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के साथ लागू ऑटो म्यूटेशन सिस्टम में अलग से इंतकाल का आवेदन करने की जरूरत खत्म कर दी गई है। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होते ही संबंधित इंतकाल की प्रक्रिया सिस्टम में अपने आप शुरू हो जाती है।
राजस्व विभाग ने सितंबर में इंतकाल मामलों के लिए समय सीमा भी तय की है। पटवारी को अपने स्तर पर मामला पांच दिन में और कानूनगो तथा वृत्त राजस्व अधिकारी को अपने-अपने स्तर पर तीन-तीन दिन में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश हैं। नागरिक इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं और प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिकॉर्ड को डाउनलोड व प्रिंट भी कर सकते हैं।
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क्या रजिस्ट्री और इंतकाल का स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है?
ऑटो म्यूटेशन सिस्टम में इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन रियल टाइम में ट्रैक करने की सुविधा दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने जमाबंदी, इंतकाल, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की डिजिटल प्रमाणित कॉपी के लिए भी ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। इससे संबंधित रिकॉर्ड लेने के लिए हर बार राजस्व कार्यालय जाने की जरूरत कम हुई है।
नई व्यवस्था में आवेदक को इंतकाल प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों पर व्हाट्सऐप नोटिफिकेशन देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
140 तरह की डीड के फॉर्मेट, दो बार से ज्यादा वापस नहीं होगी फाइल
30 सितंबर के ताजा अपडेट के मुताबिक सरकार ने करीब 140 प्रकार की डीड के लिए स्टैंडर्ड फॉर्मेट तैयार किए हैं। राजस्व अधिकारी दस्तावेज में कमी मिलने पर सुधार के लिए डीड वापस कर सकते हैं, लेकिन नई व्यवस्था में किसी डीड को दो बार से ज्यादा वापस नहीं करने का नियम रखा गया है। इसका उद्देश्य एक ही फाइल को बार-बार वापस भेजे जाने की समस्या कम करना है।
सरकार का कहना है कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को पेपरलेस करने के बावजूद स्टांप ड्यूटी से मिलने वाला राजस्व कम नहीं हुआ है। वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार प्रदेश में स्टांप ड्यूटी राजस्व सालाना करीब 9 से 10 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र की लाडवा तहसील से हुई थी और 1 नवंबर 2025 से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया गया। इसके बाद 23 जून 2026 को पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के साथ ऑटो म्यूटेशन सिस्टम शुरू किया गया, जिसके बाद रजिस्ट्री से इंतकाल तक की प्रक्रिया को एक ही डिजिटल सिस्टम से जोड़ दिया गया।








