हरियाणा बनेगा ड्रोन कैपिटल, 10 नई आईएमटी और 6 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार: CM सैनी का बड़ा एलान
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार 28 सितंबर 2026 को हरियाणा सिविल सचिवालय में विभागों की 'श्रेष्ठ कार्यप्रणालियां' की समीक्षा बैठक में घोषणा की कि देश-विदेश में ड्रोन की बढ़ती जरूरत…

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका लाभ इस क्षेत्र में कार्यरत स्टार्टअप के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को रोजगार प्राप्त करने में भी मिलेगा। उन्होंने राज्य में स्टार्टअप को बढ़ावा देने, उद्योगों को प्लग एंड प्ले की सुविधाएं उपलब्ध करवाने तथा प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि आईएमटी मॉडल को अपनाने वाला हरियाणा देश का अग्रणी राज्य है। एचएसआईआईडीसी द्वारा प्रदेश में छह प्रमुख औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित की गई हैं।
6 मौजूदा और 10 नई आईएमटी, कितने एकड़ में होगा विस्तार
हरियाणा में वर्तमान में छह प्रमुख आईएमटी विकसित हैं। इनमें मानेसर आईएमटी लगभग 4,000 एकड़, बावल 3,300 एकड़, रोहतक 3,600 एकड़, सोहना 1,500 एकड़, फरीदाबाद 1,800 एकड़ तथा खरखौदा आईएमटी 3,200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित की गई हैं।
प्रस्तावित विस्तार:
खरखौदा आईएमटी: लगभग 5,800 एकड़ तक
कोसली: लगभग 5,000 एकड़ तक
बावल: लगभग 2,000 एकड़ तक
सोहना: लगभग 1,500 एकड़ तक
फरीदाबाद-पलवल आईएमटी: लगभग 9,000 एकड़ तक
10 नई आईएमटी: नारायणगढ़, अंबाला, जींद, मुरथल-गन्नौर और राई सहित 10 नई आईएमटी का निर्माण किया जाएगा। सभी आईएमटी में एक-एक सर्विस सेंटर बनाए जाने प्रस्तावित हैं जहां सभी सेवाएं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध करवाई जाएंगी।hsiidc.org+2
जनवरी 2026 में नारायणगढ़ आईएमटी को 2,000 एकड़ में विकसित करने की मंजूरी मिली थी। यह परियोजना एचएसआईआईडीसी द्वारा संचालित की जा रही है।
ड्रोन निर्माण में हरियाणा की मौजूदा उपलब्धियां और भविष्य की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना सहित विविध क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी ड्रोन की काफी मांग है। हरियाणा सरकार चाहती है कि ड्रोन के उपयोग की सभी संभावनाओं की तलाश की जाए और इस क्षेत्र में रिसर्च को बढ़ावा दिया जाए।
मौजूदा ड्रोन प्रोजेक्ट्स:
ड्रोन सिटी हरियाणा: मई 2026 में हिसी के सिसई गांव में 80 करोड़ रुपये की लागत से ड्रोन सिटी का पहला चरण inaugurated हुआ। यह 11.5 एकड़ में फैला है और इसमें 23 औद्योगिक शेड हैं।
58.51 करोड़ रुपये का इनसेंटिव: एवीपीएल इंटरनेशनल को हरियाणा एंटरप्राइज एंड एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी-2020 के तहत यह इनसेंटिव मिला है।
सितंबर 2025: मुख्यमंत्री ने ड्रोन सिटी का फाउंडेशन स्टोन रखा था।
सितंबर 2026: DRONOTHON – Haryana Drone Innovation Challenge की शुरुआत की गई, जिसमें यूनिवर्सिटीज को इंडस्ट्री-लेड चैलेंजेज सॉल्व करने का मौका मिला।
हरियाणा की सभी आईएमटी को विश्वस्तरीय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इनकी सड़कों, बर्म, शौचालयों, सौंदर्यीकरण तथा हरित क्षेत्र को इस प्रकार विकसित किया जाएगा कि इन्हें देखने के लिए आने वाला हर व्यक्ति इनकी सुंदरता का कायल हो जाए।
बड़े निवेशक और 500 करोड़ का सक्षम कोष
खरखौदा: 800 एकड़ में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाएं
सोहना: 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश
मानेसर: 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
बावल: 20.80 एकड़ में 400 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाएं
रोहतक: रेल परिवहन से जुड़े उपकरणों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजना
500 करोड़ रुपये का सक्षम कोष: पुराने औद्योगिक क्षेत्रों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि से सक्षम कोष बनाया गया है।
निवेशकों की सराहना: फुजिकुरा कासेई कोटिंग्स, वॉलमार्ट इंडिया और आदित्य बिड़ला समूह के ग्रासिम पेंट विभाग के अधिकारियों ने एचएसआईआईडीसी की कार्यप्रणाली और एकल खिड़की व्यवस्था की सराहना की।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, विजयेंद्र कुमार, आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, निगरानी एवं समन्वय की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी तथा एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।








