सिरसा के धौलपालिया के सरकारी स्कूल में अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण, शिक्षकों ने सीखी आधुनिक तकनीकें
सिरसा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, धौलपालिया में अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के प्रभावी संचालन के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मास्टर ट्रेनर विन्द्र सिंह ने शिक्षकों को लैब की कार्यप्रणाली, उपकरण…
सिरसा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, धौलपालिया में अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के प्रभावी संचालन एवं नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर विन्द्र सिंह ने विद्यालय के शिक्षकों को एटीएल की कार्यप्रणाली, उपकरणों के उपयोग तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान कौशल विकसित करने संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
अटल टिंकरिंग लैब क्या है और इसका उद्देश्य
अटल टिंकरिंग लैब, अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), नीति आयोग, भारत सरकार की एक महत्त्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें आधुनिक उपकरणों के माध्यम से सीखने और नए प्रयोग करने का अवसर प्रदान करना है।
एटीएल एक ऐसा कार्यक्षेत्र है जहां युवा दिमाग अपने विचारों को आकार दे सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवा मन में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पना को बढ़ावा देना है। साथ ही डिजाइन मानसिकता, कम्प्यूटेशनल सोच, अनुकूली शिक्षा और भौतिक कंप्यूटिंग जैसे कौशल विकसित करना भी इसका लक्ष्य है।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर विन्द्र सिंह ने शिक्षकों को अटल टिंकरिंग लैब में उपलब्ध उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों जैसे रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेंसर आधारित परियोजनाएं और डिजाइन थिंकिंग से अवगत कराया गया।
इसके अलावा शिक्षकों को यह भी बताया गया कि किस प्रकार वे विद्यार्थियों में नवाचार की भावना विकसित कर सकते हैं और उन्हें प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धतियों से जोड़ सकते हैं। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और तकनीकी कौशल विकसित करने पर रहा।
स्कूल प्रशासन ने क्या कहा
विद्यालय के प्रधानाचार्य रवि कुमार एवं एटीएल प्रभारी अतुल कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रहा। इससे विद्यालय में अटल टिंकरिंग लैब के प्रभावी संचालन तथा विद्यार्थियों को विज्ञान आधारित गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
प्रधानाचार्य एवं एटीएल प्रभारी ने इस उत्कृष्ट प्रशिक्षण के सफल आयोजन हेतु शिक्षा विभाग तथा जिला विज्ञान समन्वयक मुकेश मेहता का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए उनके निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
सिरसा जिले में अटल टिंकरिंग लैब की स्थिति
सिरसा जिले के 26 स्कूलों में पहले ही अटल टिंकरिंग लैब सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इन लैब्स का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक और प्रयोग आधारित शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है।
जिले में 12 मई से 15 मई 2026 तक उन 26 विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों हेतु अटल टिंकरिंग लैब प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जहां अटल टिंकरिंग लैब स्थापित की गई हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन दो केंद्रों पर किया गया।
शिक्षकों की भूमिका अहम
जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला ने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब छात्रों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को विकसित करने का एक प्रभावी मंच है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को स्कूल स्तर पर लागू करें ताकि छात्र नवाचार और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार ने अटल टिंकरिंग लैब्स की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान युग में केवल कक्षा शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है। इन लैब्स के माध्यम से छात्रों को प्रयोगों के माध्यम से सीखने और नए विचार विकसित करने के अवसर मिलते हैं।
विद्यार्थियों को क्या मिलेगा लाभ
अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से विद्यार्थी डू-इट-योरसेल्फ किट और उपकरणों के साथ काम कर सकते हैं। इन लैब्स में विद्यार्थियों को विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, रोबोटिक्स, सेंसर और 3D प्रिंटर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने का अवसर मिलता है।
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी इन लैब्स का उपयोग कर सकते हैं। यहां वे अपने विचारों को आकार दे सकते हैं और उन्हें व्यावहारिक रूप में परिवर्तित कर सकते हैं। देशभर में 650 से अधिक जिलों में 4880 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स कार्यरत हैं।
नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
धौलपालिया के इस सरकारी स्कूल में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम ने शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण के लिए तैयार किया है। इस प्रशिक्षण से शिक्षक अब विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित करा सकेंगे और उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित कर सकेंगे।
अटल टिंकरिंग लैब जैसी पहलों से ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक सीखने का अवसर मिल रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में सहायक होगा।








