हरियाणा में पहले दिन 18390 क्विंटल धान की खरीद, देखें किस मड़ी में हुई कितनी आवक और किसानों को क्या हुई परेशानी
लोकल हरियाणा, धान खरीद। हरियाणा में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद के पहले दिन सामने आए मंडी आंकड़ों के अनुसार कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, ढांड और करनाल में कुल 18,390 क्विंटल पीआर धान खरीदा गया। ग्रे…

- पहले दिन 18,390 क्विंटल पीआर धान की खरीद
- कुरुक्षेत्र में सबसे ज्यादा 13,720 क्विंटल खरीदा गया
- नमी, पोर्टल व गेट पास से कई किसान परेशान
लोकल हरियाणा, धान खरीद। हरियाणा में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 से शुरू हुई धान की सरकारी खरीद के पहले दिन सामने आए मंडी आंकड़ों के अनुसार कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, ढांड और करनाल में कुल 18,390 क्विंटल पीआर धान खरीदा गया। ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि सामान्य धान का एमएसपी 2,441 रुपये प्रति क्विंटल है। खरीद शुरू होने के साथ ही कई मंडियों में ज्यादा नमी, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा रिकॉर्ड के मिसमैच और पोर्टल वेरिफिकेशन के कारण किसानों के गेट पास नहीं कट पाए। जींद और पानीपत में पहले दिन खरीद शुरू नहीं हो सकी, जबकि सिरसा मंडी में पीआर धान की आवक नहीं हुई। 2026-27 के लिए दोनों श्रेणियों का एमएसपी केंद्र सरकार ने मई में तय किया था।
पहले दिन किस जिले में कितना धान खरीदा गया?
पहले दिन सबसे ज्यादा सरकारी खरीद कुरुक्षेत्र जिले में हुई। यहां कुल 13,720 क्विंटल धान खरीदा गया। इसमें थानेसर अनाज मंडी की करीब 1,200 क्विंटल खरीद भी शामिल है।
यमुनानगर की 13 अनाज मंडियों में 3,400 क्विंटल धान खरीदा गया। कैथल जिले की ढांड मंडी में 800 क्विंटल और करनाल में 470 क्विंटल खरीद दर्ज की गई।
| मंडी/जिला | पहले दिन खरीद |
|---|---|
| कुरुक्षेत्र | 13,720 क्विंटल |
| यमुनानगर | 3,400 क्विंटल |
| ढांड | 800 क्विंटल |
| करनाल | 470 क्विंटल |
| कुल | 18,390 क्विंटल |
| जींद | खरीद नहीं हुई |
| पानीपत | खरीद नहीं हुई |
| सिरसा | पीआर धान की आवक नहीं |
करनाल में सरकारी खरीद की शुरुआत ग्रेड-ए धान को 2,461 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर खरीदकर की गई। जिला प्रशासन ने मंडी पहुंचकर खरीद व्यवस्था और धान में नमी की भी जांच की।
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नमी और गेट पास ने पहले ही दिन बढ़ाई किसानों की परेशानी
कई मंडियों में धान में तय सीमा से ज्यादा नमी मिलने के कारण खरीद नहीं हो सकी। सरकारी खरीद के लिए धान में अधिकतम 17 प्रतिशत नमी की सीमा तय है। इससे ज्यादा नमी होने पर किसान को धान सुखाने के बाद दोबारा खरीद के लिए लाना पड़ सकता है।
करनाल मंडी में जांच के दौरान नमी मापने वाले दो यंत्रों से अलग-अलग आंकड़े सामने आए। एक मीटर में धान की नमी 21 प्रतिशत और दूसरे में 19 प्रतिशत मिली। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को नमी मापक यंत्र ठीक कराने के निर्देश दिए गए।
दूसरी परेशानी गेट पास और पोर्टल वेरिफिकेशन को लेकर सामने आई। कई किसानों के मेरी फसल-मेरा ब्यौरा रिकॉर्ड का मिलान नहीं होने के कारण गेट पास नहीं बन पाए। सरकार पहले ही फसल रिकॉर्ड का सैटेलाइट और मैनुअल सत्यापन करवा रही है। प्रदेश में धान खरीद के लिए 249 मंडियां निर्धारित हैं।
कैथल में 1509 धान का भाव 4345 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा
सरकारी खरीद के बीच कैथल अनाज मंडी में 1509 धान का निजी बाजार भाव मंगलवार को 4,345 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। यह पीआर धान की सरकारी खरीद से अलग है। पीआर सामान्य और ग्रेड-ए धान एमएसपी पर खरीदा जा रहा है, जबकि 1509 किस्म का भाव मंडी की निजी बोली से तय होता है।
वहीं कुछ मंडियों में पीआर धान के निजी खरीदार करीब 2,200 से 2,250 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव लगा रहे हैं, जो सरकारी एमएसपी से कम है। ऐसे में एमएसपी पर खरीद का इंतजार कर रहे किसानों के लिए नमी और गेट पास की समस्या ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।
जींद-पानीपत में राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन बना चुनौती
जींद और पानीपत में पहले दिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के साथ धान के उठान की व्यवस्था भी चिंता बनी हुई है। सामने आई मंडी जानकारी के अनुसार दोनों जिलों में राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन नहीं होने से खरीदे गए धान की मिलिंग और उठान प्रभावित होने की आशंका है।
राज्य सरकार ने 25 सितंबर की खरीद समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने यह भी कहा था कि जिन जिलों में पर्याप्त मिलर्स उपलब्ध नहीं होंगे, वहां जरूरत के अनुसार दूसरे जिलों के रजिस्टर्ड मिलर्स की मदद ली जा सकती है।
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खरीद का यह पहला दिन था। आने वाले दिनों में धान की आवक बढ़ने के साथ नमी, पोर्टल वेरिफिकेशन, गेट पास और मिलर्स के रजिस्ट्रेशन की स्थिति खरीद की रफ्तार तय करेगी।








