हरियाणा में धान खरीद से पहले राइस मिलर्स ने फिर शुरू किया रजिस्ट्रेशन, 2.5 लाख टन पुराने CMR पर मिला आश्वासन
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू होने से पहले राइस मिलर्स ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सीएमआर रजिस्ट्रेशन फिर शुरू कर दिया है। शनिवार, 26 सितंबर 2026 को सामने आए ताजा अपडेट के मुत…

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में एक अक्टूबर से धान खरीद शुरू होने से पहले राइस मिलर्स ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए सीएमआर रजिस्ट्रेशन फिर शुरू कर दिया है। शनिवार, 26 सितंबर 2026 को सामने आए ताजा अपडेट के मुताबिक करनाल में मिलर्स ने शुक्रवार से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी।
पिछले सीजन के करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन कस्टम मिल्ड राइस को लेकर सरकार से मिले आश्वासन के बाद हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से रजिस्ट्रेशन पूरा करने को कहा है।
1400 में से केवल 350 मिलर्स ने कराया था रजिस्ट्रेशन
धान खरीद से पहले राइस मिलर्स सीएमआर रजिस्ट्रेशन को लेकर पीछे हट रहे थे। प्रदेश में करीब 1,400 राइस मिलर्स हैं, लेकिन 23 सितंबर तक इनमें से करीब 350 ने ही रजिस्ट्रेशन कराया था। मिलर्स ने पुराने सीएमआर, लंबित भुगतान और खरीद नियमों से जुड़े मुद्दे सरकार के सामने रखे थे।
हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ज्वेल सिंगला के मुताबिक सरकार ने पिछले सीजन के करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन बचे सीएमआर का मामला केंद्र सरकार के सामने उठाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद एसोसिएशन ने मिलर्स से नए सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने को कहा। करनाल के जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक ने भी जिले में रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू होने की पुष्टि की है।
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2.5 लाख टन पुराने CMR को लेकर क्यों अटका था मामला
पिछले सीजन में सरकारी एजेंसियों ने हरियाणा में करीब 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा था और इसे लगभग 1,400 राइस मिलों को दिया गया। भारतीय खाद्य निगम की शुरुआती स्वीकार्यता करीब 55 लाख मीट्रिक टन थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 59.62 लाख मीट्रिक टन किया गया। इसके बाद भी करीब 2.5 लाख मीट्रिक टन सीएमआर को लेकर मिलर्स की चिंता बनी हुई थी।
सीएमआर व्यवस्था में सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदा गया धान राइस मिलों को मिलिंग के लिए दिया जाता है। मिलर्स धान से चावल तैयार कर निर्धारित मात्रा में सरकार या भारतीय खाद्य निगम को जमा कराते हैं। पिछले सीजन की बची मात्रा को लेकर स्थिति साफ नहीं होने के कारण नए सीजन के रजिस्ट्रेशन की रफ्तार धीमी पड़ी थी।
किन मिलर्स को रजिस्ट्रेशन से रखा जाएगा बाहर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार, 25 सितंबर को बाजरा और धान खरीद की समीक्षा के दौरान सभी जिलों में राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए। सरकार के मुताबिक पिछले मामलों में गड़बड़ी में शामिल पाए गए मिलर्स को नए सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं दिया जाएगा।
एसोसिएशन के मुताबिक जिन मिलर्स ने पिछले सीजन में अपने हिस्से का अधिकांश सीएमआर जमा कर दिया है, उन्हें डिफॉल्टर नहीं माना जाएगा। जिन मिलर्स ने आवंटित सीएमआर का बड़ा हिस्सा जमा नहीं कराया, उन पर डिफॉल्टर की स्थिति बनी रहेगी।
सरकार ने यह भी कहा है कि जिन जिलों में पर्याप्त राइस मिलर्स रजिस्टर्ड नहीं होंगे, वहां का धान दूसरे जिलों के रजिस्टर्ड मिलर्स को दिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों के राइस मिलर्स के रजिस्ट्रेशन की संभावना भी देखने के निर्देश दिए गए हैं।
एक अक्टूबर से शुरू होनी है धान खरीद
हरियाणा में खरीफ सीजन की धान खरीद एक अक्टूबर से शुरू होनी है। इससे पहले राइस मिलर्स का रजिस्ट्रेशन, मेरी फसल-मेरा ब्यौरा के रिकॉर्ड का सत्यापन और मंडियों में खरीद व्यवस्था पूरी की जा रही है। प्रदेश में धान खरीद के लिए 249 मंडियां निर्धारित हैं और कुछ मंडियों में फसल की आवक पहले ही शुरू हो चुकी है।
25 सितंबर की समीक्षा बैठक में मंडियों में कैमरे लगाने, जियो फेंसिंग कराने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त खरीद केंद्र बनाने के निर्देश भी दिए गए।








