Agniveer service extended News: भारतीय सेना में जाने का सपना देखने वाले हरियाणा के हजारों युवाओं और वर्तमान में सेवाएं दे रहे जवानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने ऐलान किया है कि अग्निवीरों का कार्यकाल अब 2 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। यानी अब जवानों को 4 साल की जगह 6 साल तक देश की सेवा करने का सीधा मौका मिलेगा।
Highlights (एक नज़र में):
- बड़ा बदलाव: 4 साल पूरे करने वाले 75% अग्निवीरों को अब सीधे बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें 2 साल का अतिरिक्त एक्सटेंशन मिलेगा।
- पक्की नौकरी का नियम: पुरानी व्यवस्था के तहत हर बैच के टॉप 25% बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले जवानों को सेना में परमानेंट किया जाएगा।
- सैलरी और भत्ते: जिन जवानों का कार्यकाल बढ़ेगा, उन्हें एक्सटेंशन के दौरान पहले से ज्यादा वेतन और अतिरिक्त भत्ते दिए जाएंगे।
हमारे प्रदेश के हर गांव से युवा फौज में भर्ती की तैयारी करते हैं। अग्निपथ योजना जून 2022 में शुरू हुई थी और पुरानी योजना के तहत 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीर अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करके घर लौटने वाले थे। नवंबर के मध्य से ही इनकी वापसी की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन इस नए फैसले से पहले बैच के इन जवानों को तुरंत प्रभाव से सबसे बड़ी राहत मिली है। अब इनकी सहमति से इन्हें दो साल का सेवा विस्तार दिया जाएगा।
Chief of Defence Staff General NS Raja Subramani announces that the 75% of Agniveers who were earlier set to exit after four years will get additional two-year engagement period, after which they can apply for enrolment into the armed forces, subject to selection criteria. https://t.co/SDo3QjpKBW
— ANI (@ANI) November 4, 2026
6 साल बाद भी पक्की भर्ती का खुला रहेगा रास्ता
इस नए बदलाव में सबसे अच्छी बात यह है कि जो 75 प्रतिशत जवान अब 6 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, उनके लिए भी फौज के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं होंगे। छह साल की सर्विस के बाद अगर वे सेना में ही अपना करियर जारी रखना चाहेंगे, तो वे नियमित भर्ती (रेगुलर कैडर) के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सेना की एक तय चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
तीनों सेनाओं में सवा तीन लाख अग्निवीर दे रहे सेवाएं
वर्तमान में आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को मिलाकर देश भर में करीब 3.18 लाख अग्निवीर तैनात हैं। यह नया नियम इन सभी पर लागू होगा। आपको बता दें कि सेना अपनी जरूरत और जवानों के प्रदर्शन के आधार पर ही नियमितीकरण करती है। पिछले महीने ही भारतीय वायुसेना ने अपने पहले बैच के 2,850 अग्निवीरों में से 712 जवानों को नियमित सेवा (परमानेंट) में बरकरार रखा है।
इस नए फैसले से न केवल सेना को अनुभवी जवानों का साथ मिलेगा, बल्कि युवाओं को भी अपने भविष्य की योजना बनाने के लिए ज्यादा समय और बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी।










