चंडीगढ़, 29 अक्टूबर 2026। पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ मांग रहे हरियाणा के शिक्षकों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने राज्य सरकार को गुलशन कुमार और अन्य शिक्षकों के दावे पर छह सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने कहा कि शिक्षकों को सुनवाई का मौका देने के बाद कारण सहित आदेश पारित किया जाए। अगर वे पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ तत्काल दिया जाए।
याचिकाकर्ताओं ने 7 जुलाई 2005 को जारी विज्ञापन के तहत विभिन्न पदों के लिए आवेदन किया था। भर्ती प्रक्रिया पूरी न होने पर 20 जुलाई 2006 को पदों का विज्ञापन फिर जारी किया गया था। शिक्षकों के मुताबिक, नए विज्ञापन में पुराने अभ्यर्थियों की पात्रता सुरक्षित रखी गई थी और शैक्षणिक योग्यता व आयु के लिए 1 जुलाई 2005 की तारीख तय की गई थी। नियुक्ति के बाद उन्हें नई अंशदायी पेंशन योजना में रखा गया, जबकि वे पुरानी योजना का लाभ चाहते हैं। अधिकारियों ने 25 सितंबर और 25 अक्टूबर 2023 के आदेशों में पुरानी पेंशन में शामिल करने से इन्कार कर दिया था।
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हाईकोर्ट के आदेश का सीधा मतलब
कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि सिर्फ सरकार को तय समय में फैसला लेने को कहा है। सुनवाई के दौरान शिक्षकों के वकील ने मांग सीमित करते हुए याचिका को अभ्यावेदन मानकर निर्णय लेने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार ने कानून के अनुसार विचार कर तर्कपूर्ण आदेश देने का आश्वासन दिया। कोर्ट ने सक्षम अधिकारियों को ओम प्रकाश मामले के फैसले के आलोक में निर्णय लेने को कहा है।
यह आदेश ऐसे समय आया है जब हरियाणा सरकार पुरानी पेंशन से जुड़े कई मामलों में हाईकोर्ट के फैसलों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। सितंबर 2026 में सामने आई खबरों के मुताबिक, वित्त विभाग ने 95 कर्मचारियों को OPS का लाभ देने के हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ लेटर्स पेटेंट अपील दाखिल करने के निर्देश दिए थे । हालांकि, शिक्षकों का यह मामला अभी शुरुआती स्तर पर है और सरकार के पास छह सप्ताह का समय है। शिक्षकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज तैयार रखें और सरकारी आदेश का इंतजार करें।










