पलवल: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार 12 दिसंबर को प्रातः 10 बजे से पलवल, होडल और हथीन स्थित न्यायिक परिसर में वर्ष की चौथी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। परिवादी इस लोक अदालत में आपसी सुलह व समझौते के आधार पर स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से केस का निपटारा करवा सकते हैं।
आपसी सहमति से होगा विवादों का समाधान
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल हरीश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी पक्ष पर निर्णय थोपा नहीं जाता, बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर विवाद का समाधान किया जाता है। इससे पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द बना रहता है और लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है।
लोक अदालत के फायदे
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में दोनों पक्षों की आपसी सहमति व राजीनामे से सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद निपटाया जाता है। इससे लोगों को कई लाभ मिलते हैं:
शीघ्र व सुलभ न्याय
कहीं कोई अपील नहीं
अंतिम रूप से निपटारा
समय की बचत
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को अधिक जनहितैषी, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पलवल, होडल और हथीन में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक पक्षकार अपने विवादों का आपसी सहमति से समाधान कराकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
किन मामलों का होगा निपटारा?
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरीश गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निम्नलिखित मामलों का निपटारा किया जाएगा:
बैंक लोन से संबंधित मामले
मोटर एक्सीडेंट के मामले
एनआई एक्ट (NI Act) के मामले
फौजदारी मामले
रेवेन्यू से जुड़े मामले
वैवाहिक विवाद
न्यायालय में लंबित मामलों को परस्पर सहयोग व सौहार्दपूर्ण माध्यम से निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति का कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो वह राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से उसका निस्तारण करवा सकता है।










