SDM बनकर गांव लौटी बेटी ईशा पंचाल चांदी का मुकुट पहनाकर किया जोरदार वेलकम, घर पर रहकर ऑनलाइन की थी तैयारी

गोहाना की ईशा पंचाल ने HCS एवं अन्य संबद्ध सेवाओं की परीक्षा में सफलता हासिल की। ऑनलाइन तैयारी करने वाली ईशा को ट्रैफिक मैनेजर कैडर मिला। समाज ने चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया।

गोहाना (सोनीपत)। हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना की ईशा पंचाल ने प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि पर गोहाना में खुशी का माहौल है। रविवार को समाज के लोगों ने ईशा के सम्मान में शहर में जुलूस निकाला और उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया।

ईशा की सफलता से उनके परिवार के साथ-साथ समाज के लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उन्होंने ईशा को आगे के करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।

SDM बनकर गांव लौटी बेटी ईशा पंचाल चांदी का मुकुट पहनाकर किया जोरदार वेलकम

दिल्ली यूनिवर्सिटी के किरोड़ीमल कॉलेज से की पढ़ाई

ईशा पंचाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद उन्होंने घर पर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। ईशा ने पढ़ाई के लिए ऑनलाइन माध्यम का सहारा लिया और अपनी मेहनत जारी रखी।

ईशा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और दोस्तों के सहयोग को दिया। उनका कहना है कि शुरुआती असफलताओं से निराश होने के बजाय लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। मेहनत और धैर्य से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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हरियाणा पुलिस में ASI हैं पिता

ईशा के पिता हरियाणा पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। बेटी की उपलब्धि से परिवार बेहद खुश है।

ईशा की मां ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि समाज के लोग उनकी बेटी को बधाई देने और उसका उत्साह बढ़ाने के लिए पहुंचे हैं। परिवार के लिए यह गर्व का अवसर है।

खुली जीप में निकाला जुलूस, चांदी का मुकुट पहनाकर किया सम्मान

ईशा की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए गोहाना में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान उन्हें खुली जीप में बैठाकर जुलूस निकाला गया। रास्ते में लोगों ने उनका स्वागत किया और बधाई दी।

इसके बाद संस्था भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ईशा को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया। समाज के सदस्यों ने उनकी मेहनत और उपलब्धि की सराहना करते हुए अन्य युवाओं, खासकर बेटियों, को भी शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया।

युवाओं को ईशा की सलाह—असफलता से निराश न हों

ईशा ने युवाओं को संदेश दिया कि परीक्षा में असफलता मिलने पर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है। ऑनलाइन माध्यम से तैयारी करके मिली सफलता उनके लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उनकी कहानी परिवार के सहयोग, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत की अहमियत बताती है।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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