देशभर में 3 दिन की बैंक हड़ताल स्थगित, आज से खुले रहेंगे बैंक; इस मांग पर बनेगी हाई लेवल कमेटी
लोकल हरियाणा, चण्डीगढ़। देशभर में सोमवार, 28 सितंबर 2026 से शुरू होने वाली तीन दिन की बैंक हड़ताल स्थगित कर दी गई है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल की वजह से बंद नहीं रहेंगे और सामान्य कामकाज जारी रहेगा। यह फ…

कमेटी बनेगी, लेकिन अभी 5-डे बैंकिंग लागू नहीं हुई
बैंक कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग सभी शनिवार और रविवार को छुट्टी देकर सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग लागू करने की है। अभी बैंक दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि पहले, तीसरे और जरूरत पड़ने पर पांचवें शनिवार को शाखाएं खुलती हैं।
रविवार रात हुई बैठक में तय किया गया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों की हाई लेवल कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी बाकी शनिवार को छुट्टी करने के विकल्पों पर चर्चा करेगी और संबंधित पक्षों से बात करेगी। ग्राहकों को मिलने वाली बैंकिंग सेवाओं को भी इस प्रक्रिया में ध्यान में रखा जाएगा।
इस सहमति के बाद हड़ताल फिलहाल टल गई है, लेकिन सभी शनिवार को छुट्टी करने की कोई तारीख अभी तय नहीं हुई है।

2024 में बनी थी सहमति, सरकारी मंजूरी के बाद ही बदलेगा सिस्टम
5-डे बैंकिंग का मामला नई मांग नहीं है। बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के बीच 8 मार्च 2024 के समझौते में सभी शनिवार को छुट्टी घोषित करने की बात शामिल की गई थी। इंडियन बैंक्स एसोसिएशन ने इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा था। समझौते में यह भी दर्ज है कि काम के समय में जरूरी बदलाव भारत सरकार की मंजूरी और जरूरी सरकारी तथा रिजर्व बैंक की क्लियरेंस के बाद ही लागू होंगे।
यही वजह है कि कमेटी बनने के बावजूद 5-डे बैंकिंग को अभी लागू मानना सही नहीं होगा। सितंबर 2026 में बैंक यूनियनों की ओर से जारी जानकारी में भी कहा गया था कि यह मामला सरकार के विचार में है और उस समय तक कोई पक्की समय-सीमा नहीं मिली थी।
इस प्रस्ताव का एक और पहलू काम के घंटों से जुड़ा है। ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के जनवरी 2026 के सर्कुलर के मुताबिक पांच दिन बैंकिंग लागू होने पर सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर सहमति दी गई थी। यूनियन का कहना है कि इससे कुल काम के घंटों में कमी नहीं आएगी।
30 सितंबर की बैंक क्लोजिंग पर भी टला बड़ा असर
तीन दिन की प्रस्तावित हड़ताल का आखिरी दिन 30 सितंबर था। यह बैंकों की छमाही क्लोजिंग की तारीख भी है, जब खातों के मिलान, प्रोविजनिंग, ट्रेजरी और दूसरे अंदरूनी बैंकिंग काम का दबाव ज्यादा रहता है। हड़ताल होने पर शाखाओं में ग्राहकों के काम के साथ इस प्रक्रिया पर भी असर पड़ने की आशंका थी।
हड़ताल से पहले वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से एटीएम में पर्याप्त नकदी रखने और सेवाओं में रुकावट कम करने के इंतजाम करने को भी कहा था। अब हड़ताल स्थगित होने से 28, 29 और 30 सितंबर को शाखाओं में हड़ताल के कारण होने वाली रुकावट का खतरा फिलहाल टल गया है।
बैठक में स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों की परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम और मार्च 2024 से लंबित दूसरे मुद्दों पर भी आगे बातचीत करने पर सहमति बनी है। फिलहाल सबसे अहम मुद्दा बाकी शनिवार को छुट्टी देने का है, जिस पर नई हाई लेवल कमेटी आगे का रास्ता तय करने के लिए चर्चा करेगी।








