धान की कटाई के बाद अब गेहूं की बिजाई का सीजन शुरू हो गया है। हरियाणा के किसानों का बिजाई का खर्च बचाने और पराली जलाने की समस्या से राहत देने के लिए कृषि विभाग ने एक बड़ी सुविधा दी है। किसान अब सहायक कृषि अभियंता कार्यालय से बिना कोई किराया दिए ‘हैप्पी सीडर’ मशीन बिल्कुल फ्री में ले जाकर अपने खेतों में गेहूं की बिजाई कर सकते हैं।
SGE Highlights (एक नज़र में):
- बिल्कुल मुफ्त सुविधा: मशीन का कोई शुल्क नहीं लगेगा, किसान को सिर्फ अपना ट्रैक्टर ले जाकर कार्यालय से मशीन लानी होगी।
- फानों में सीधी बिजाई: कंबाइन से कटे धान के फानों (अवशेष) को आग लगाने की जरूरत नहीं, हैप्पी सीडर सीधे उनके बीच बीज बो देता है।
- स्कीम: यह सुविधा कृषि विभाग की ‘फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम’ के तहत दी जा रही है।
सहायक कृषि अभियंता कुलबीर सिंह ने बताया कि पिछले कुछ सालों में हैप्पी सीडर से बिजाई का तरीका किसानों के लिए बहुत फायदेमंद और किफायती साबित हुआ है। इससे न सिर्फ डीजल और समय की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण भी साफ रहता है।
बिना फूस जलाए होगी बिजाई, खाद का भी काम करेगा अवशेष
आमतौर पर कंबाइन हार्वेस्टर से धान काटने के बाद खेत में काफी फूस बच जाता है। इसे ठिकाने लगाना किसानों के लिए बड़ा सिरदर्द होता है और आग लगाने पर प्रशासन की सख्ती या चालान का डर रहता है। हैप्पी सीडर इसी समस्या का सीधा इलाज है। यह मशीन फानों को काटे बिना ही उनके बीच से गेहूं की बिजाई कर देती है। कुछ समय बाद यह बचा हुआ धान का फूस खेत में गलकर अगली फसल के लिए देसी खाद का काम करता है, जिससे जमीन की ताकत बढ़ती है और यूरिया का खर्च भी कम होता है।
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मशीन लेने का तरीका
जो भी किसान इस निशुल्क सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें अपने ट्रैक्टर के साथ सीधे सहायक कृषि अभियंता कार्यालय पहुंचना होगा। चूंकि अभी गेहूं बिजाई का सीजन पीक पर है, ऐसे में मशीन की डिमांड ज्यादा रह सकती है।
किसान भाई बिना किसी देरी के कार्यालय में संपर्क करके मशीन की उपलब्धता चेक कर सकते हैं और अपनी बिजाई के दिन के हिसाब से इसे अपने खेत में ले जा सकते हैं।







