जींद, 1 नवंबर 2026। हरियाणा में शहरों को जाम मुक्त बनाने की मुहिम के तहत जींद शहर के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब 10 साल से फाइलों में अटका शेष रिंग रोड प्रोजेक्ट आखिरकार मंजूर हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस रिंग रोड निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इसके बाद अब जल्द ही डीपीआर तैयार की जाएगी और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रस्तावित रिंग रोड करीब साढ़े आठ किलोमीटर लंबा है, जो जींद शहर के ऊपर पूरा सर्कल तैयार करेगा। इसके जरिए जींद-दिल्ली, जींद-भिवानी, जींद-पटियाला, जींद-चंडीगढ़, जींद-पानीपत और जींद-सोनीपत मार्ग सीधे जुड़ जाएंगे। फिलहाल इन हाईवे को जोड़ने के लिए आधा रिंग रोड बन चुका है, जबकि शेष हिस्सा अभी बाकी है। इसके पूरा होने के बाद दूसरे जिलों से आने वाले वाहनों को शहर में घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
10 साल पहले हुई थी घोषणा
जींद का शेष रिंग रोड की घोषणा लगभग दस साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री और फिलहाल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 11 दिसंबर 2016 को की थी । यह रिंग रोड जींद शहर के नरवाना रोड से शुरू होकर बरवाला रोड यानी जींद-हिसार मार्ग से जुड़ेगा। घोषणा के बाद लंबे समय तक काम शुरू नहीं हुआ। निजी कंपनी को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन कंपनी के काम छोड़ने से योजना अटक गई। अब सरकार दोबारा डीपीआर तैयार करवाएगी।
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इन 10 गांवों से होकर निकलेगा रास्ता
केंद्र और राज्य सरकार का प्रस्तावित रिंग रोड जींद शहर से सटे करीब 10 गांवों से होकर निकलेगा। यह नरवाना रोड से शुरू होकर जुलानी, राजपुरा, ईक्कस, किनाना, जलालपुर खुर्द और जलालपुरा कलां समेत अन्य गांवों की सीमा से होते हुए निकलेगा।
जमीन अधिग्रहण को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक डीपीआर फाइनल होने के बाद ही पता चलेगा कि किन किसानों की कितनी जमीन आएगी। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत होगी, उन्हें एनसीआर के रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। वहीं जिन किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में नहीं आएगी, उनकी जमीन की कीमत भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
शहरवासियों को मिलेगी राहत
रिंग रोड बनने के बाद जींद शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। बाहर से आने वाले भारी वाहन शहर में प्रवेश करने के बजाय सीधे रिंग रोड से निकल सकेंगे। इससे शहर में जाम की समस्या कम होगी और प्रदूषण भी घटेगा।










