पंचकूला, 1 नवंबर 2026। पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित शहीद मेजर अनुज राजपूत राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 28 अक्टूबर को हुई हिंसक घटना ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां तीसरी कक्षा के 8 वर्षीय छात्र ने केजी कक्षा की 6 वर्षीय बच्ची पर क्लासरूम के अंदर बेरहमी से हमला किया। घायल बच्ची को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। मामले में दो जेबीटी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र ने बच्ची को झूठ बोलकर पहली मंजिल के खाली क्लासरूम में बुलाया और फिर उसके बाल पकड़कर सिर को बेंच पर पटकना शुरू कर दिया। बच्ची के गिरने के बाद भी उसने लातें मारीं और ईंट से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई । सीसीटीवी फुटेज में यह पूरी घटना कैद हुई है।
शिक्षा मंत्री ने दिया बयान, जांच कमेटियां गठित
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो देखना भी मुश्किल है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए दो कमेटियां गठित की गई हैं—शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय कमेटी 24 घंटे में और जिला प्रशासन की पांच सदस्यीय कमेटी सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी ।
दो शिक्षक निलंबित, स्कूल प्रशासन पर FIR
मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक के आदेश पर बच्ची की कक्षा इंचार्ज सिमरनजीत कौर और आरोपी छात्र की कक्षा इंचार्ज पूजा रानी को निलंबित किया गया है। स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई है । आरोपी 8 वर्षीय छात्र का जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
सभी स्कूलों के लिए SOP और सेफ्टी ऑडिट
इस घटना के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंचकूला के सभी स्कूलों के लिए एक विस्तृत SOP जारी की जाएगी, जिसका पालन अनिवार्य होगा। साथ ही पूरे राज्य के स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट भी कराया जाएगा। हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेकर जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया है और स्कूल की निगरानी व्यवस्था, ड्यूटी रोस्टर और सीसीटीवी फुटेज की रिपोर्ट मांगी है ।
बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के समय प्रिंसिपल अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे और स्टाफ की कमी के कारण कई कक्षाएं एक साथ मिलाकर पढ़ाई जा रही थीं। सरकार ने बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने और परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।










