लोकल हरियाणा, सिरसा, 30 अक्टूबर 2026। सिरसा जिले में ओलावृष्टि से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का विवरण दर्ज कराने के लिए पांच गांवों के किसानों को सिर्फ दो दिन का समय मिला है। रानिया तहसील के चार गांवों नानुआना, सुल्तानपुरिया, मोहम्मदपुरिया और फतेहपुरिया के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 3 नवंबर 2026 तक खुला रहेगा। वहीं सिरसा तहसील के भरोखां, दड़बी, बरुवाली-1 और बाबा भूमण शाह तथा रानिया तहसील के रानिया गांव के किसान 2 नवंबर 2026 तक अपना नुकसान दर्ज करा सकते हैं।
प्रभावित किसान हरियाणा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट revenueharyana.gov.in पर अपनी खराब फसलों का विवरण दर्ज करवा सकते हैं। प्रशासन ने संबंधित गांवों के किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर सही विवरण अवश्य दर्ज करें।
ओलावृष्टि से खरीफ फसलों को हुए नुकसान का विवरण दर्ज करवाने के लिए रानिया तहसील के चार गांवों नानुआना, सुल्तानपुरिया, मोहम्मदपुरिया और फतेहपुरिया के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल तीन नवंबर तक खोला गया है।
— DIPRO Sirsa (@DiproSirsa) October 30, 2026
फसल को 70 से 80 प्रतिशत तक नुकसान
रानिया क्षेत्र में 24 अक्टूबर को हुई ओलावृष्टि से किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कटाई के करीब पहुंची धान की फसल को 70 से 80 प्रतिशत तक क्षति होने का दावा किया जा रहा है । एसडीएम अदिति सिंघानिया ने नानुआना और सुल्तानपुरिया सहित कई प्रभावित गांवों का दौरा किया और किसानों को आश्वासन दिया कि नुकसान की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। बिना बीमा वाले किसानों के लिए सरकार क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलेगी, जिस पर खराब फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा ।
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किसान संगठन ने की जल्द मुआवजे की मांग
भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को 15 हजार रुपये के बजाय 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है। संगठन ने विशेष गिरदावरी करवाने और राहत राशि जल्द जारी करने पर भी जोर दिया है । किसानों का कहना है कि बोआई के समय बारिश कम होने से सिंचाई के लिए भूमिगत पानी का सहारा लेना पड़ा था, लेकिन ओलावृष्टि ने तैयार फसल को बर्बाद कर दिया।







