अंबाला का 40 KM लंबा Six Lane Ring Road लगभग तैयार, इन शहरों का सफर होगा आसान; जानें कब खुलेगा रास्ता

अंबाला के लोगों को शहर के जाम और भारी वाहनों से जल्द राहत मिल सकती है। करीब 40 किलोमीटर लंबे अंबाला रिंग रोड का लगभग 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो गया है। परिवहन मंत्री अनिल विज ने प्रोजेक्ट का निरीक्षण करने के बाद बाकी काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, सड़क आम वाहनों के लिए किस तारीख से खुलेगी, इसकी अंतिम घोषणा अभी नहीं हुई है।

अंबाला रिंग रोड शुरू होने के बाद पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, यमुनानगर और उत्तर प्रदेश की ओर आने-जाने वाले बहुत से वाहनों को अंबाला शहर के अंदर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। इससे शहर की सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव घटने और स्थानीय लोगों का सफर आसान होने की उम्मीद है।

अंबाला रिंग रोड कब खुलेगा?

यही इस प्रोजेक्ट से जुड़ा सबसे बड़ा सवाल है, लेकिन अभी तक उद्घाटन या ट्रैफिक शुरू करने की पक्की तारीख घोषित नहीं की गई है। 28 अगस्त को रिंग रोड का निरीक्षण करने के बाद परिवहन मंत्री अनिल विज ने बताया कि करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अधिकारियों को बाकी निर्माण जल्द पूरा करके रिंग रोड जनता को समर्पित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे पहले सामने आई रिपोर्ट में सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच काम पूरा करने की अलग-अलग समयसीमा बताई गई थी। कुछ प्रोजेक्ट रिकॉर्ड में अक्टूबर 2026 का लक्ष्य भी दिया गया है। ताजा निरीक्षण के बाद सरकार ने इनमें से किसी तारीख को अंतिम उद्घाटन की तारीख नहीं बताया है।

इसलिए अभी इतना ही पक्का है कि रास्ता निर्माण के अंतिम चरण में है। बचा हुआ काम, सुरक्षा जांच और NHAI की मंजूरी पूरी होने के बाद ही इसे सामान्य वाहनों के लिए खोला जाएगा।

किन रास्तों पर जाने वालों को होगा फायदा?

अंबाला रिंग रोड शहर के आसपास से गुजरने वाले पांच प्रमुख नेशनल हाईवे को जोड़ने का काम करेगा। इसके शुरू होने के बाद यमुनानगर-जगाधरी, सहारनपुर और पांवटा साहिब की तरफ से पंजाब, चंडीगढ़, कैथल या हिसार जाने वाले वाहनों को अंबाला के व्यस्त हिस्सों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।

इसी तरह पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश की ओर से दिल्ली, यमुनानगर, सहारनपुर तथा पांवटा साहिब जाने वाला ट्रैफिक भी शहर में आए बिना बाहर से निकल सकेगा। अमृतसर की तरफ जाने वाले वाहन रिंग रोड के माध्यम से जीटी रोड पकड़ सकेंगे, जबकि हिसार और कैथल की तरफ जाने वाले वाहनों को भी सीधा विकल्प मिलेगा।

रिंग रोड को अंबाला-शामली-दिल्ली एक्सप्रेसवे और अंबाला-कालाअंब मार्ग से जोड़ने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की ओर लंबी दूरी का सफर करने वाले वाहन चालकों को भी फायदा होगा।

अंबाला के किन इलाकों में कम हो सकता है ट्रैफिक?

रिंग रोड का सबसे बड़ा असर अंबाला शहर और अंबाला कैंट से गुजरने वाले बाहरी ट्रैफिक पर पड़ेगा। अभी पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, यमुनानगर और उत्तर प्रदेश की तरफ जाने वाले बहुत से वाहन अंबाला के आसपास के व्यस्त मार्गों का इस्तेमाल करते हैं।

नई सड़क शुरू होने पर लंबी दूरी के ट्रक, मालवाहक वाहन और दूसरे राज्यों का ट्रैफिक शहर में आने के बजाय रिंग रोड से निकल सकेगा। इससे अंबाला शहर और कैंट के मुख्य रास्तों, जीटी रोड से जुड़ने वाले हिस्सों तथा जगाधरी और हिसार रोड की तरफ जाने वाले मार्गों पर दबाव कम होने की उम्मीद है।

हालांकि किस शहरी सड़क पर कितना ट्रैफिक घटेगा, इसका कोई आधिकारिक आकलन अभी जारी नहीं हुआ है।

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किन गांवों के पास से गुजरेगा रिंग रोड?

अंबाला रिंग रोड के लिए करीब 30 गांवों की लगभग 657 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई है। इनमें हरियाणा के 27 और पंजाब के तीन गांव शामिल बताए गए हैं।

प्रोजेक्ट से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में सद्दोपुर, पंजोखरा साहिब, कपूरी, खुड्डी, दुखेड़ी, मोहड़ा, धुराली, बाड़ा, बोहावा और आसपास के गांव शामिल हैं। रिंग रोड अलग-अलग हाईवे जंक्शन को जोड़ते हुए अंबाला शहर के बाहरी हिस्से से निकलेगा।

स्थानीय गांवों के ट्रैफिक के लिए मुख्य सड़क के साथ लगभग 29 किलोमीटर सर्विस रोड और अलग-अलग प्रवेश मार्ग भी बनाए जा रहे हैं। वाहन चालकों को रिंग रोड पर कहीं से भी सीधे चढ़ने के बजाय निर्धारित एंट्री और इंटरचेंज का इस्तेमाल करना होगा।

रिंग रोड पर क्या-क्या बनाया जा रहा है?

रिंग रोड केवल एक सीधी सड़क नहीं है। प्रोजेक्ट में नदी, रेलवे लाइन और स्थानीय सड़कों को पार करने के लिए कई बड़े ढांचे बनाए जा रहे हैं। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार इसमें:

  • टांगरी नदी पर बड़े और छोटे पुल
  • दो रेलवे ओवरब्रिज
  • तीन फ्लाईओवर
  • एक प्रमुख इंटरचेंज
  • 13 निर्धारित आवागमन पॉइंट
  • सात व्हीकुलर अंडरपास
  • स्थानीय वाहनों के लिए सर्विस रोड
  • पानी की निकासी के लिए पुलिया

शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य लंबी दूरी के तेज ट्रैफिक और आसपास के गांवों के स्थानीय आवागमन को अलग रखना है।

क्या रिंग रोड पूरी तरह Six Lane है?

इस संबंध में प्रकाशित रिपोर्टों और उपलब्ध प्रोजेक्ट रिकॉर्ड में अंतर दिखाई देता है। ताजा कवरेज में इसे करीब 40 किलोमीटर का Six Lane Ring Road बताया गया है। वहीं जुलाई में प्रकाशित एक स्थानीय रिपोर्ट में मुख्य सड़क को फिलहाल चार लेन और जमीन का अधिग्रहण भविष्य में छह लेन विस्तार के हिसाब से किए जाने की बात कही गई थी।

सरकारी परियोजना रिकॉर्ड में इसके एक ग्रीनफील्ड पैकेज को छह लेन बताया गया है। इसलिए पूरे 40 किलोमीटर मार्ग की अंतिम लेन व्यवस्था पर NHAI का नया विस्तृत अपडेट आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ होगी। वाहन चालकों के लिए फिलहाल महत्वपूर्ण बात यह है कि सड़क अभी निर्माणाधीन है और यातायात के लिए आधिकारिक रूप से नहीं खोली गई है।

क्या रिंग रोड पर टोल लगेगा?

यह NHAI से जुड़ी हाईवे परियोजना है और इसके निर्माण विवरण में टोल प्लाजा का प्रावधान बताया गया है। लेकिन रिंग रोड पर कार, हल्के वाहन और भारी वाहनों से कितना टोल लिया जाएगा, इसकी दरें अभी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की गई हैं।

टोल वसूली शुरू होने से पहले NHAI की ओर से स्थान, दरें, छूट और लागू होने की तारीख की अधिसूचना जारी की जाती है। इसलिए अभी किसी संभावित टोल राशि को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।

स्थानीय लोगों और कारोबारियों को क्या फायदा मिलेगा?

रिंग रोड खुलने के बाद शहर के अंदर बाहरी ट्रैफिक कम होने से स्थानीय यात्रियों का समय बच सकता है। भारी वाहन बाहर से निकलने पर व्यस्त सड़कों पर जाम और यातायात का दबाव घटने की संभावना है।

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के बीच सामान ले जाने वाले वाहनों को शहर में रुक-रुककर चलने से राहत मिल सकती है। इससे ईंधन और माल ढुलाई में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। कालाअंब जैसे औद्योगिक क्षेत्रों तथा हिमाचल के पर्यटन स्थलों की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी नया वैकल्पिक रास्ता मिलेगा।

यह लाभ रिंग रोड के पूरी तरह खुलने और उससे जुड़े सभी इंटरचेंज तथा संपर्क मार्ग चालू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

स्रोत: 28 अगस्त को परिवहन मंत्री अनिल विज के निरीक्षण से संबंधित अमर उजाला की रिपोर्ट, UNI की रिपोर्ट और केंद्र सरकार के परियोजना रिकॉर्ड।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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