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हरियाणा समृद्धि योजना से महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में भी मिलेगा इलाज, जाने रजिस्ट्रेशन, यूनिक ID और प्राइवेट अस्पताल की व्यवस्था के बारे में

चंडीगढ़। हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की निगरानी के लिए 5 अक्टूबर को ‘समृद्धि’ योजना शुरू होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इसके रजिस्ट्रेशन को लेकर है। प्रदेश सरकार ने हर गर्भवती महिला का समृद्धि पोर्टल पर र…

हरियाणा समृद्धि योजना में गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? जानें यूनिक ID, पोर्टल, प्राइवेट अस्पताल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और नकद लाभ की स्थिति।
हरियाणा समृद्धि योजना में गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? जानें यूनिक ID, पोर्टल, प्राइवेट अस्पताल, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी और नकद लाभ की स्थिति।

चंडीगढ़। हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की निगरानी के लिए 5 अक्टूबर को ‘समृद्धि’ योजना शुरू होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल इसके रजिस्ट्रेशन को लेकर है। प्रदेश सरकार ने हर गर्भवती महिला का समृद्धि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने और यूनिक समृद्धि आईडी देने की व्यवस्था बनाई है। हालांकि अभी उपलब्ध सरकारी जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि महिला खुद पोर्टल पर आवेदन करेगी या उसका रजिस्ट्रेशन अस्पताल, एएनएम या स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाएगा।

समृद्धि आईडी बनने के बाद गर्भावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य जानकारी एक ही जगह दर्ज रहेगी। महिला सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में इलाज कराती है तो वहां मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड भी इसी आईडी के जरिए अपडेट किया जा सकेगा।

समृद्धि योजना में रजिस्ट्रेशन कैसे होगा?

सरकार ने हर गर्भवती महिला के रजिस्ट्रेशन और यूनिक आईडी की व्यवस्था तो स्पष्ट कर दी है, लेकिन आम लोगों के लिए अलग आवेदन प्रक्रिया अभी सामने नहीं आई है। उपलब्ध सरकारी विवरण में न कोई अलग आवेदन फॉर्म बताया गया है और न ऐसे दस्तावेजों की सूची दी गई है जिन्हें महिला को रजिस्ट्रेशन के समय जमा करना होगा।

योजना के लिए समृद्धि पोर्टल के साथ राज्य स्तर पर कमांड सेंटर और 102 मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कॉल सेंटर को जोड़ा जाना है। जिला स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और आपसी तालमेल के लिए व्यवस्था की जाएगी।

यूनिक समृद्धि आईडी कैसे मिलेगी?

गर्भवती महिला का समृद्धि पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होने के बाद उसकी यूनिक समृद्धि आईडी बनेगी। इसी आईडी में गर्भावस्था से जुड़ी जांच, स्वास्थ्य स्थिति, फॉलो-अप और दूसरी जरूरी जानकारी दर्ज रहेगी।

सरकार ने जन्म पंजीकरण को भी समृद्धि आईडी से जोड़ने की योजना बनाई है। इससे महिला की निगरानी केवल प्रसव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चे के जन्म के बाद भी स्वास्थ्य रिकॉर्ड को आगे जोड़ा जा सकेगा।

क्या प्राइवेट अस्पताल में डिलीवरी फ्री होगी?

समृद्धि योजना में गर्भवती महिला की स्वास्थ्य स्थिति और जोखिम को देखते हुए उसके लिए उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा पहले से तय करने की व्यवस्था है। गंभीर स्थिति में महिला के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।

योजना में निजी स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल करने की व्यवस्था बताई गई है, लेकिन अभी उपलब्ध सरकारी विवरण में किन-किन निजी अस्पतालों को इससे जोड़ा गया है, उनके नाम नहीं दिए गए हैं। निजी अस्पताल में इलाज या डिलीवरी का खर्च समृद्धि योजना के तहत सरकार देगी या इलाज कैशलेस होगा, ऐसी कोई अलग व्यवस्था भी अभी घोषित नहीं की गई है।

इसलिए किसी निजी स्वास्थ्य केंद्र का समृद्धि व्यवस्था से जुड़ना और वहां इलाज का मुफ्त होना दो अलग बातें हैं। महिला किसी दूसरी सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत मुफ्त या कैशलेस इलाज की पात्र है तो उस योजना के नियम अलग से लागू होंगे।

हाई रिस्क गर्भावस्था वाली महिलाओं के लिए क्या अलग होगा?

समृद्धि में सबसे ज्यादा निगरानी हाई रिस्क गर्भावस्था वाली महिलाओं की होगी। ऐसी महिलाओं से सामान्य गर्भावस्था की तुलना में ज्यादा बार संपर्क किया जाएगा। प्रसव की तारीख नजदीक आने पर निगरानी और बढ़ाई जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर समय पर सही स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जा सके।

हाई रिस्क गर्भवती महिला को गर्भावस्था के 10वें से 12वें सप्ताह के बीच जांच और आगे के इलाज के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगाए जाने वाले शिविर में भेजने की व्यवस्था भी रखी गई है।

महिला की स्थिति के अनुसार पहले से उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा तय करने का मकसद इमरजेंसी में उसे एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर करने में लगने वाला समय कम करना है।

क्या समृद्धि योजना में गर्भवती महिला को पैसे भी मिलेंगे?

समृद्धि योजना को गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों की स्वास्थ्य निगरानी, हाई रिस्क मामलों की पहचान और समय पर सही स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है। अभी उपलब्ध सरकारी जानकारी में समृद्धि के तहत महिला को कोई निश्चित नकद राशि देने की घोषणा नहीं की गई है।

गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना इससे अलग है। केंद्र सरकार की मौजूदा व्यवस्था के तहत पात्र महिला को पहली संतान के लिए 5,000 रुपये और दूसरी संतान लड़की होने पर 6,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसका लाभ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की पात्रता और शर्तों के अनुसार मिलता है, समृद्धि आईडी बनने के आधार पर नहीं।

समृद्धि पोर्टल का लिंक कहां मिलेगा?

सरकार ने समृद्धि पोर्टल को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुसार विकसित करने और दूसरे स्वास्थ्य पोर्टलों से जोड़ने की बात कही है। 5 अक्टूबर को योजना शुरू होने के समय पोर्टल, स्टेट कमांड सेंटर, 102 कॉल सेंटर और जिला स्तर की निगरानी व्यवस्था को तैयार करने का काम भी बताया गया था।

अभी उपलब्ध सरकारी जानकारी में गर्भवती महिलाओं के लिए ऐसा अलग सार्वजनिक लिंक नहीं दिया गया है, जहां जाकर वे खुद समृद्धि योजना का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकें। रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया और आम लोगों के लिए पोर्टल की सुविधा सामने आने के बाद यह साफ होगा कि महिला को खुद आवेदन करना होगा या स्वास्थ्य विभाग के स्तर पर उसका रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।

लेखक

Sandeep Kumar

संदीप कुमार LocalHaryana.com के संस्थापक और संपादक हैं। वे वर्ष 2020 से डिजिटल पत्रकारिता और ऑनलाइन समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे मुख्य रूप से हरियाणा समाचार, सरकारी योजनाएं, नौकरियां, शिक्षा, खेतीबाड़ी और मौसम से जुड़े विषयों पर लेखन और संपादन करते हैं। उनका प्रयास पाठकों तक तथ्य आधारित, स्पष्ट और उपयोगी जानकारी सरल हिंदी में पहुँचाना है। LocalHaryana.com पर प्रकाशित सामग्री उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर तैयार की जाती है।

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