हरियाणा में ‘समृद्धि’ योजना शुरू, गर्भवती महिलाओं को इमरजेंसी में निजी अस्पताल में भी किया जाएगा भर्ती
लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की लगातार निगरानी के लिए सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने ‘समृद्धि’ योजना की शुरुआत की। नई व्यवस्था में गर्भवती महिला को उसकी…

लोकल हरियाणा, चंडीगढ़। हरियाणा में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की लगातार निगरानी के लिए सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने ‘समृद्धि’ योजना की शुरुआत की। नई व्यवस्था में गर्भवती महिला को उसकी जोखिम श्रेणी के अनुसार पहले से उपयुक्त अस्पताल से जोड़ा जाएगा। गंभीर स्थिति में महिला के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र को भी इसमें शामिल किया जा सकेगा, ताकि इमरजेंसी के समय उसे अलग-अलग अस्पतालों में रेफर करने में समय बर्बाद न हो।
समृद्धि योजना में गर्भवती महिला के रजिस्ट्रेशन से लेकर प्रसव और बच्चे के जन्म के बाद 42 दिनों तक निगरानी की जाएगी। इसमें खास ध्यान हाई रिस्क गर्भावस्था वाली महिलाओं पर रहेगा।
हर गर्भवती महिला की बनेगी समृद्धि आईडी
समृद्धि पोर्टल पर हर गर्भवती महिला का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जिसके बाद उसकी यूनिक समृद्धि आईडी बनेगी। इसी आईडी के जरिए सरकारी और निजी स्वास्थ्य केंद्रों में मिलने वाली सेवाओं का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। सरकार ने 30 अगस्त को भी इस व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया था कि निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में इलाज कराने वाली महिलाएं भी इसके दायरे में रहेंगी।
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एनएचएम मुख्यालय में स्टेट कमांड सेंटर और 102 कॉल सेंटर बनाया जा रहा है, जबकि जिला अस्पतालों में जिला कॉल सेंटर होंगे। इसके जरिए जांच, रेफरल, छूटी हुई प्रसवपूर्व जांच और हाई रिस्क मामलों की निगरानी की जाएगी।
हाई रिस्क गर्भवती महिला को गर्भावस्था के 10वें से 12वें सप्ताह के बीच प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान शिविर में जांच और आगे के इलाज के लिए भेजा जाएगा।
इमरजेंसी में पहले से तय रहेगा सही अस्पताल
योजना में महिला की स्वास्थ्य स्थिति और जोखिम के अनुसार उसके लिए उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा पहले से तय की जाएगी। लाभार्थी के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र भी इसमें शामिल हो सकता है।
इसका उद्देश्य यह है कि गंभीर स्थिति आने पर महिला को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर एक के बाद दूसरे अस्पताल भेजने में समय न लगे। उसे सीधे उस स्तर की स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचाया जा सके, जहां उसकी स्थिति के अनुसार इलाज उपलब्ध हो।
क्या निजी अस्पताल में भर्ती होने पर पैसे नहीं लगेंगे?
अभी उपलब्ध समृद्धि योजना की जानकारी में निजी अस्पताल में इलाज मुफ्त या कैशलेस होने की घोषणा नहीं की गई है।
योजना में यह जरूर कहा गया है कि महिला के अनुरोध पर निजी स्वास्थ्य केंद्र को उसकी जोखिम श्रेणी के अनुसार टैग किया जा सकता है और सरकारी व निजी दोनों स्वास्थ्य संस्थानों में मिलने वाली सेवाओं की निगरानी होगी। लेकिन निजी अस्पताल का बिल कौन देगा, कौन से अस्पताल शामिल होंगे या समृद्धि आईडी के आधार पर इलाज मुफ्त होगा—इन बातों की कोई अलग व्यवस्था अभी जारी जानकारी में नहीं बताई गई है।
इसलिए केवल समृद्धि योजना में रजिस्ट्रेशन होने के आधार पर निजी अस्पताल का इलाज मुफ्त मानना सही नहीं होगा। किसी महिला को किसी दूसरी सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की पात्रता है तो उसके नियम अलग से लागू हो सकते हैं।
नवजात शिशु की भी होगी निगरानी
समृद्धि के तहत हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं से जन्मे बच्चों, एसएनसीयू से छुट्टी मिलने वाले शिशुओं और दूसरे संवेदनशील नवजात बच्चों को भी ट्रैक किया जाएगा। इसमें स्तनपान, खतरे के लक्षण, टीकाकरण और बच्चे के शारीरिक विकास की निगरानी शामिल होगी।








